साध्वी प्रेम बाईसा की मौत: राजस्थान के जोधपुर में 28 जनवरी 2026 को एक युवा कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक हुई मौत ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। हालांकि यह पहली ऐसी कोई घटना नहीं है जब मौत की गुत्थी सुलझने की बजाय उलझती जा रही है। परंतु इस मौत से समस्त संत समाज भी हैरान हो चला है ।25 वर्ष की उम्र में बेहद लोकप्रिय धार्मिक प्रवचन देने वाली साध्वी की मौत के बाद अब एक के बाद एक जटिल सवाल जन्म लेते जा रहे हैं।
पुलिस अनसुलझे सवालों के साथ हर बार एक नई दिशा में केस को आगे बढ़ा रही है। अब साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के केस में नया मोड आ चुका है। पुलिस इस अब केस को अब हत्या सन्देह foul play के एंगल से देख रही है। अब इस पूरी जांच में सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है साध्वी के 3 मोबाइल फोन का पासवर्ड और मौत से पहले खाया गया भोजन
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत कैसे हुई और जांच की शुरुआत की वास्तविक स्थिति
28 जनवरी की शाम को साध्वी प्रेम बाईसा को आश्रम में जुकाम की शिकायत होने लगी। पिता ने उनसे हॉस्पिटल चलने को कहा। साध्वी प्रेम बाईसा ने हॉस्पिटल जाने की बजाय घर पर ही डॉक्टर बुलाने की बात कही। कुछ देर बाद घर पर एक कंपाउंडर आया, कंपाउंडर ने उन्हें इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन डेक्सोना बताया जा रहा है।
इंजेक्शन के बाद ही अचानक से साध्वी की तबीयत बिगड़ने लगी और उसके बाद उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। शुरुआती जांच में पाया गया कि साध्वी की मौत प्राकृतिक नहीं है। इसके बाद साध्वी के आश्रम से कई प्रकार के सैंपल लिए गए। शरीर का पोस्टमार्टम भी हुआ और अब विसरा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
तीन मोबाइल फोन और पासवर्ड का रहस्य
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का रहस्य( Sadhvi Prem Baisa Death Case) तब और ज्यादा गहराने लगा जब पता चला की साध्वी के पास 1 नहीं बल्कि कुल 4 मोबाइल फोन थे। जिनमें से 2 iPhone और 1 सैमसंग का फोन है। हालांकि शुरुआत में कहा जा रहा था कि साध्वी के पिता वीरमनाथ फोन का पासवर्ड नहीं दे रहे। परंतु साध्वी के पिता वीरमनाथ ने बयान दिया है कि उन्होंने अपना और साध्वी दोनों का फोन पुलिस को सौंप दिया है और पासवर्ड भी बता दिया है। हालांकि साध्वी के और एक फोन का पासवर्ड पिता को नहीं पता है।
अब यह जानकारी लोगों को आश्चर्यचकित कर रही है क्योंकि पुलिस का कहना है कि पिता पासवर्ड देने को रेडी नहीं है और बिना पासवर्ड के फोन में बन्द राज सामने कैसे आएंगे? इस पूरी जांच में वह फोन सबसे अहम कड़ी बन चुका है जिसका पासवर्ड पिता को पता नहीं। पुलिस की माने तो इसी फोन में कुछ जटिल राज दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस फोन में कोई असामान्य कॉल, मैसेज, व्हाट्सएप या कोई सोशल मीडिया एक्टिविटी है जिससे मौत की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को उलझाने वाली दाल की कहानी
प्रेम बाईसा के मौत की जांच में अब एक नया मोड़ जुड़ चुका है। अब पुलिस फाउल प्ले एंगल से जांच कर रही है। फाउल प्ले एंगल तब जुड़ा जब पता चला कि साध्वी ने आखिरी भोजन के रूप में दाल का सेवन किया था। जी हां, 28 जनवरी की रात साध्वी को जुकाम था और उन्हें रात के खाने में दाल दी गई। सबसे आश्चर्य की बात यह थी कि आम तौर पर साध्वी का खाना आश्रम का कर्मचारी लेकर आता था परंतु उसेल रात साध्वी के पिता खुद साध्वी के लिए दाल लेकर गए थे।
दाल खाने के तुरंत बाद ही साध्वी को सांस लेने में दिक्कत हुई और वह डर से चिल्लाने लगी। इसके बाद ही डॉक्टर से संपर्क करने की बात सामने आई। ऐसे में सूत्रों की माने तो यही वह पल था जब स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट देखी गई। मतलब अब पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि कहीं दाल में ही तो जहर नहीं था? हालांकि फॉरेंसिक टीम ने रसोई के सारे नमूने एकत्रित कर लिए हैं ताकि पता लगाया जा सके कि इसमें कोई विष या संदिग्ध तत्व तो नहीं था?
इंजेक्शन, पोस्टमार्टम और वीजा रिपोर्ट से खुलेगा प्रेम बाईसा की मौत का राज
जोधपुर साध्वी मौत का मामला और ज्यादा तब गहरा गया जब पोस्टमार्टम में कुछ सामने नहीं आया। जी हां पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के दौरान कोई भी फाउल प्ले का कारण सामने नहीं आया। संदिग्ध परिस्थितियों में मौत को लेकर अब पुलिस फोरेंसिक जांच और विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। हालांकि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के केस में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा रिपोर्ट ही महत्वपूर्ण कड़ी बनने वाली है। इसीलिए अब पुलिस ने SIT टीम का गठन कर लिया है। साध्वी प्रेम बाईसा की हत्या-आत्महत्या का पता अब यह SIT टीम लगाएगी जिसका नेतृत्व एसपी छवी शर्मा कर रही है।
मृत्यु के कुछ घंटे बाद साध्वी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से कथित सुसाइड पोस्ट मिलना, मोबाइल के पासवर्ड न मिलाना, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कुछ खुलासा न होना, मोबाइल से डिजिटल डाटा सामने नहीं आना, रात के भोजन में दाल का सेवन और दाल के सेवन के बाद से ही तबीयत का बिगड़ना, संदिग्ध इंजेक्शन। यह सब मिलकर इस मौत के केस को और ज्यादा उलझाते जा रहे हैं। अब पूरी नजर टिकी हुई है डिजिटल डाटा, विसरा रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच पर क्योंकि इसके बिना मृत्यु का असली कारण पता लगाना आसान नहीं।
हालांकि इतना स्पष्ट है कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की वजह प्राकृतिक नहीं है और और यदि यह प्राकृतिक मौत है भी तो भी यह केस विस्तृत जांच की मांग कर रहा है। अब देखना यह होगा कि SIT टीम अब आगे कौन सी गुत्थी सुलझाती है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और विसरा रिपोर्ट कौन सी परतों को खोलते हैं? ताकि पता चल सके कि आखिर साध्वी प्रेम बाईसा की मौत हत्या थी आत्महत्या थी या एक प्राकृतिक मौत थी
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