एप्सटीन फाइल्स का सच: सेक्स आइलैंड, VIP नेटवर्क और जेल में रहस्यमयी मौत की पूरी डरावनी कहानी एप्सटीन फाइल्स उन दस्तावेज और गवाहियों और सबूत का कॉम्बीनेशन है जिसने अमेरिका जैसे ताकतवर सिस्टम को आज कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। ये फाइल दिखाती हैं एप्सटीन आयलैंड का सच। कैसे एक अरबपति व्यक्ति सालों तक नाबालिक लड़कियों की तस्करी करता रहा पर उसके आसपास के मौजूद अमीर लोग उसके प्रोटेक्टर बने रहे।कैसे यह सेक्स स्कैंडल केवल एक अपराध नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की नाकामी साबित करता है। एक-एक कर एप्सटीन फाइल और एप्सटीन आयलैंड का सच सामने आ रहा है और लोग यही सवाल कर रहे हैं कि अगर सबूत मौजूद है तो न्याय क्यों नहीं हो रहा?

जब पता था एप्सटीन आयलैंड का सच तो अमेरिका ने क्यों नही की कार्यवाही?
एप्सटीन का यह गन्दा खेल शुरू हुआ एक निजी आयलैंड से जिसे लिटिल सेंट जेम्स आईलैंड कहा जाता है। लिटिल सेंट आयलैंड मतलब एप्सटीन आयलैंड का सच इतना भयानक था कि इसे लोग ‘सेक्स आइलैंड’ और ‘पेडोफिले आयलैंड’ भी कहने लगे। लोगों ने नोटिस किया कि यहां नाबालिक लड़कियों को लाया जाता था और उनके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए जाते थे।

लोगों को सबसे ज्यादा हैरानी इस बात की होती थी कि जेफरी एप्सटीन जैसा एक आम आदमी जो पहले स्कूल में मैथमेटिक्स पढ़ाता था वह अचानक से कैसे अमीर लोगों का फाइनेंशियल एडवाइजर बन गया और फाइनेंशियल एडवाइजर बनने के बाद कैसे इतना अमीर हो गया कि उसके पास अपने प्राइवेट जेट, महंगे बंगले, यहां तक की पूरा का पूरा एक आयलैंड आ गया?
VIP आयलैंड, VIP गेस्ट विला, हेलीपैड!! सब किसके लिए?

एप्सटीन आयलैंड का सच इससे ज्यादा भयानक है, एप्सटीन कम उम्र की छोटी बच्चियों को बहला फुसला कर अपने नेटवर्क में लाता था और उन्हें अपनी आयलैंड पर ले जाता था। वहां इन बच्चियों अमीर और ताकतवर लोगों के सामने पेश करता था। ऐसा केवल एक-दो बार नहीं हुआ बल्कि यह अपराध सालों तक चलता रहा और इस अपराध को मिला अमेरिका ही नहीं बल्कि दुनिया भर के पावरफुल लोगों का संरक्षण।
एप्सटीन के इस सेक्स आईलैंड पर VIP मेहमानों के लिए सब कुछ तैयार रहता था। एक बहुत बड़ा सा बगला,VIP मेहमानों के रुकने के लिए VIP विला, दो स्विमिंग पूल, हेलीपैड और प्राइवेट जेट की सुविधा। सबसे हैरानी की बात यह थी कि अमेरिका जैसे पावरफुल देश में एक आईलैंड पर इतना सब कुछ हो रहा था पर कानून की वहां पर पहुंच नहीं थी यह कैसे संभव था?
एप्सटीन आयलैंड का सच बाहर आते ही एप्सटीन की रहस्यमयी मौत!!

हालांकि लंबे समय तक एप्सटीन का यह क्राइम छुपा नहीं, लिटिल सेंट जेम्स आयलैंड यानी सेक्स आयलैंड का सच धीरे-धीरे बाहर आने लगा। इसके बाद प्रेशर में ही सही एप्सटीन को 2008 में गिरफ्तार किया गया। यह वह मौका था जब सिस्टम सच में शक्ति दिखा सकता था लेकिन सिस्टम ने इस बार भी पक्षपात किया और एप्सटीन को बेहद हल्की सजा देकर छोड़ दिया गया।
सजा पाने के बाद भी एप्सटीन में कोई सुधार नहीं हुआ। बल्कि बाहर निकल कर वह फिर से वही सब काम करने लगा। अगर एप्सटीन अमेरिका का एक साधारण नागरिक होता तो उसके लिए यह सब कुछ पॉसिबल नहीं होता। इसके साथ साबित होता है की एप्सटीन कोई आम आदमी नहीं था, इसके पीछे पावर का बहुत बड़ा खेल चल रहा था।

2019 में एप्सटीन दोबारा गिरफ्तार किया गया और दुनिया को लगा की अब सच्चाई सामने आएगी। एएप्सटीन को जिन लोगों का प्रोटेक्शन मिल रहा था उन लोगों पर कार्यवाही होगी। लेकिन हुआ बिल्कुल इसका उल्टा। अचानक खबर आई कि एप्सटीन ने जेल में सुसाइड कर ली। सबसे हैरानी की बात जब एप्सटीन ने सुसाइड की तब जेल के सारे CCTV कैमरे खराब हो गए थे।
गार्ड ड्यूटी पर नहीं थे। जो गार्ड मौके पर थे वे सो गए थे। यहां तक कि अमेरिका की पुलिस में एप्सटीन की डेड बॉडी ले जाने के दौरान भी साजिश रची। पत्रकारों को उलझाने के लिए डमी बॉडी को पहले ले जाया गया ताकि पत्रकार उलझ जाएं और असली बॉडी को बाद में निकाला गया।
गुनाह भी, सबूत भी, गवाह भी तो फिर क्यों नही हो रही कार्यवाही??

एप्सटीन तो मर गया लेकिन पीछे छोड़ गया लाखों रिकॉर्ड वाली अपनी एप्सटीन फाइल और एप्सटीन आयलैंड का सच। फाइल्स से लोगों को फिर एक उम्मीद जागी की इस बार फाइल में मेंशन लोगों पर कार्यवाही होगी। एप्सटीन फाइल के साथ-साथ पीड़ित लड़कियों की बयान भी सामने आए। कई गवाह भी सामने आए और सामने आया एप्सटीन आयलैंड का सच। बिल क्लिंटन, प्रिंस एंड्रयू, बिल गेट्स, डोनल्ड ट्रम्प, स्टीफन हॉकिंस, एलॉन मस्क, इसराइल के पूर्व पीएम यहां तक की दुनिया भर के बड़े-बड़े रसूखदार लोगों का नाम भी सामने आया। लेकिन कार्यवाही किसी पर नहीं हो पाई जबकि इन सभी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद है।
एप्सटीन की मौत के बाद अब यही सबसे बड़ा सवाल बचा है कि इतने बड़े नेटवर्क को चलाने में अकेले एप्सटीन का हाथ नहीं था, बल्कि उसके साथ बड़े-बड़े लोग भी मौजूद थे जिनके नाम आज सामने आ चुके हैं। परंतु इन मामलों को क्यों ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है ? क्यों इनसे कोई पूछताछ नहीं हो रही? पिछले रिकॉर्ड्स की कोई जानकारी नहीं दी जा रही है? जबकि एप्सटीन के दस्तावेजों में प्राइवेट जेट लॉग, पीड़ित लड़कियों की दास्तान और गवाहों की बयान मौजूद है जो की कार्यवाही के लिए पर्याप्त हैं।
सोशल मीडिया पर इन सबको लेकर अब बहस बढ़ चुकी है। फेसबुक इंस्टाग्राम X जैसे प्लेटफार्म पर एप्सटीन आयलैंड का सच और एप्सटीन का सेक्स रैकेट एक के बाद एक सामने आ रहा है। पर एप्सटीन गुस्सा केवल खबर और सोशल मीडिया के माध्यम से निकल रहा है क्योंकि अमेरिका की सरकार इन लोगों पर कार्यवाही करने में विफल साबित हो रही है।

