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Budget 2026 for Middle Class: मिडिल क्लास को लगा बड़ा झटका, बजट में हुई बड़ी घोषणाएँ

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Budget 2026 for Middle Class: जब भी बजट पेश होता है सब यही जानना चाहते है की इस बार मिडिल क्लास के लिए सरकार ने क्या किया लेकिन इस बार के बजट में जैसा सोचा था वैसा नहीं हुआ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन के नौवें बजट भाषण में कई सारे मुद्दे योजनाओ पर बात की कई एहम फैसले लिए लेकिन मिडिल क्लास के लिए इस बार का बजट में कुछ खास नहीं था

केंद्रीय बजट 2026 शायद मिडिल क्लास सैलरीधारक करदाताओं को ज्यादा खुश नहीं कर पाया। सीधे तौर पर कोई नई टैक्स राहत नहीं दी गई, लेकिन वित्त मंत्री के बजट भाषण में दी गई छोटी-छोटी घोषणाएँ मिडिल क्लास और छोटे निवेशकों के लिए विकास के अवसर ला सकती हैं।

इस साल भारत सरकार ने सैलरीधारकों के लिए कोई नई कर छूट नहीं दी और पुरानी पॉलिसी को जारी रखा। टैक्स की वही व्यवस्था बरकरार है, जिसके अनुसार 12 लाख रुपये तक की सालाना आय कर मुक्त है। 75,000 रुपये की मानक कटौती जोड़ने पर टैक्स-फ्री इनकम बढ़कर 12,75,000 रुपये हो जाती है। इस वर्ष टैक्स स्लैब में कोई नया बदलाव नहीं हुआ है।

टैक्स स्लैब

वार्षिक आय (₹) टैक्स रेट टैक्स विवरण
0 – 2,50,000 0% कोई टैक्स नहीं
2,50,001 – 5,00,000 5% 12,500 तक टैक्स
5,00,001 – 10,00,000 20% आय पर टैक्स लागू
10,00,001 – 12,00,000 30% उच्च स्लैब
मानक कटौती 75,000 टैक्स-फ्री इनकम बढ़ जाती है
कुल टैक्स-फ्री इनकम 12,75,000 12 लाख + 75,000 मानक कटौती

टैक्स रेशनलाइजेशन

बजट का मकसद मीडिल क्लास (मध्यम वर्ग) को राहत देना है। इसके लिए विदेशों में भेजे जाने वाले पैसे पर टैक्स और सीमा शुल्क को कम किया गया है। इससे टैक्स भरने का अनुभव आसान होगा और परिवार की बचत सुरक्षित रहेगी।

विदेश यात्रा और शिक्षा/मेडिकल पैसों पर टैक्स:
विदेशी टूर पैकेज बेचने पर टैक्स (TCS) को 5% या 20% से घटाकर 2% किया जाएगा। इसी तरह, शिक्षा और मेडिकल के लिए विदेश भेजे जाने वाले पैसे पर भी टैक्स 5% से 2% कर दिया गया है।

टैक्स रिटर्न की तारीखें:
व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स 31 जुलाई तक ITR-1 और ITR-2 फाइल कर सकते हैं। नॉन-ऑडिट व्यवसाय और ट्रस्ट्स के लिए समय 31 अगस्त तक मिलेगा।

बायबैक निवेश पर टैक्स:
छोटे निवेशकों की सुरक्षा के लिए बायबैक को डिविडेंड की बजाय कैपिटल गेन के रूप में टैक्स लगाया जाएगा।

मोटर एक्सीडेंट क्लेम:
मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए ब्याज पर टैक्स नहीं लगेगा और TDS भी हटा दिया जाएगा।

फॉर्म 15G/15H आसान बनाना:
डिविडेंड और ब्याज पर टैक्स कटौती (TDS) को आसान बनाने के लिए सिंगल-विंडो फाइलिंग की सुविधा दी जाएगी।

सस्ती दवाएं और जरूरी सामान

बजट में लगभग 17 कैंसर की दवाओं पर टैक्स छूट देने का प्रस्ताव है, जिससे ये दवाइयाँ अब सस्ती हो जाएंगी। इसके अलावा, सात अन्य दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर आयात शुल्क नहीं लगेगा, जिससे इन दवाओं की उपलब्धता और किफायती होने में मदद मिलेगी। सस्ती होने वाली चीज़ों में माइक्रोवेव ओवन, टीवी उपकरण, चमड़े के सामान और जूते-चप्पल बनाने में इस्तेमाल होने वाले महंगे पुर्जे भी शामिल हैं।

नए रोजगार के मौके

सरकार ने इस साल पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) को 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक कर दिया है। इसके साथ ही पर्यटन, रेलवे और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में निवेश बढ़ाया जाएगा, जिससे नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा, टेक्नोलॉजी सेक्टर पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

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