किसी भी तरह के दर्द के लिए अपनी मर्जी से दवाएं न लें
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों को अपनी सेहत के लिए भी जरा सा टाइम नहीं है। ऐसे में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसका किडनी पर भी असर पड़ रहा है। किडनी हमारे शरीर के सबसे महत्त्वपूर्ण अंगों में से एक है। इसका काम शरीर में खून की सफाई करना है और शरीर को अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना है। हमारे देश में बहुत से लोग किडनी की समस्याओं से परेशान हैं, कुछ लोगों को किडनी स्टोन है तो कुछ के दोनों किडनी ही डैमेज हो चुके हैं। इसके पीछे का एक बड़ा कारण है खराब जीवनशैली और खानपान।
खराब खानपान से किडनी डैमेज का खतरा बढ़ता है इसके बारे में लोगों को खूब मालूम है, लेकिन इसके अलावा हमारे जीवनशैली की और भी कई गलतियां होती हैं जो हमारे किडनी को प्रभावित करती हैं, जिसके बारे में सभी लोगों को जानना चाहिए। किडनी का काम खून से टॉक्सिन्स और अतिरिक्त पानी को निकालकर शरीर का संतुलन बनाए रखना है।
अक्सर जो लोग दफ्तरों में काम करते हैं वो सेडेंटरी लाइफस्टाइल जी रहे होते हैं। जब कोई व्यक्ति सेडेंटरी लाइफस्टाइल जीता है तो किडनी पर लगातार दबाव बढ़ता रहता है, जिससे उसकी कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम होती जाती है और अंत में किडनी फेलियर का जोखिम बढ़ जाता है। खास बात यह है कि हाई बीपी और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों के अलावा, कुछ रोजमर्रा की आदतें होती हैं जो किडनी डैमेज के जोखिम को बढ़ा देती हैं।
पेशाब रोकना है बड़ा खतरा
किडनी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाली आदतों में पेशाब को देर तक रोके रखना शामिल है। ऐसा करने से मूत्राशय और किडनी दोनों पर अनावश्यक दबाव बढ़ता है। इस दबाव के कारण आपको मूत्र मार्ग में संक्रमण और किडनी स्टोन बनने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए जब भी आपको पेशाब महसूस हो, उसे रोकें नहीं और इस आदत को तुरंत छोड़ दें।
सुबह की चाय या पानी- किडनी के लिए जोखिम भरा हो सकता है
सुबह की शुरुआत चाय या कॉफी से करना आपके किडनी के लिए जोखिम भरा हो सकता है। रातभर शरीर में पानी की कमी रहती है। सुबह कैफीन लेने से किडनी पर और जोर पड़ता है। इसके बजाय सुबह उठते ही एक गिलास पानी पीना शुरू करें। यह पानी किडनी को फिल्टर करने में मदद करता है और रात भर जमा हुए टॉक्सिन्स को आसानी से बाहर निकाल देता है।
दर्द निवारक दवाओं से बचें
बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाएं लेना किडनी के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकता है। इन दवाओं का लंबे समय तक अनियमित सेवन किडनी को स्थायी रूप से क्षति पहुंचा सकता है। इसलिए किसी भी तरह के दर्द के लिए अपनी मर्जी से दवाएं न लें, और हमेशा डॉक्टर से सलाह लेकर ही सीमित मात्रा में इनका उपयोग करें।
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जल्द सुधार लें गलतियां
अगर आप भी उपर बताए गए गलतियां करते हैं तो उसे जल्द सुधार लें। साथ ही किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए आपको कुछ और आदतें बदलनी होंगी। नमक और चीनी का सेवन कम करें, और धूम्रपान व शराब से पूरी तरह बचें। रोजाना नियमित व्यायाम करें। अगर आपको पहले से डायबिटीज या हाई बीपी है, तो दवाएं समय पर लें और पर्याप्त पानी पीएं।
इन चीज़ों का करें कम से कम सेवन
बहुत ज़्यादा नमक
सोडियम का अधिक सेवन उच्च रक्तचाप का एक मुख्य कारण है, और यह समय के साथ किडनी पर गंभीर दबाव डालता है। WHO के अनुसार ज़्यादातर भारतीय प्रतिदिन 5 ग्राम से ज़्यादा नमक खाते हैं। खास तौर पर अचार, पापड़, पैकेज्ड स्नैक्स और यहाँ तक कि घर में बने नियमित भोजन के ज़रिए। जीरा, धनिया, अदरक, नींबू का रस, लहसुन और यहाँ तक कि सेंधा नमक (संयमित मात्रा में) जैसी जड़ी-बूटियाँ और मसाले सोडियम की अधिकता के बिना स्वाद बढ़ा सकते हैं।
प्रोसेस्ड और पैकेज्ड खाद्य पदार्थ
इंस्टेंट नूडल्स, चिप्स, फ्रोजन स्नैक्स और रेडी-टू-ईट करी में सोडियम, प्रिजर्वेटिव और अनहेल्दी फैट होती है। ये न केवल रक्तचाप बढ़ाते हैं बल्कि इनका ज़्यादा सेवन करने से क्रोनिक किडनी रोग भी हो सकता है। मौसमी सब्जियों, दालों और साबुत अनाज से बना ताज़ा पका हुआ भोजन। भुने हुए चने, पोहा चिवड़ा या बेक्ड मखाने जैसे घर के स्नैक्स नुकसान के बिना स्वाद देते हैं।
लाल मांस
लाल मांस में बहुत ज़्यादा प्रोटीन होता है लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि आप इसक रोज़ाना सेवन करें। इसका लगातार सेवन करने से यूरिया और क्रिएटिनिन जैसे अपशिष्ट उत्पादों का उत्पादन बढ़ाता है। इन्हें खत्म करने के लिए किडनी को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे लंबे समय में किडनी की सेहत खराब हो सकती है। इसकी जगह आप मूंग दाल, राजमा, चना, पनीर, टोफू या दही का इस्तेमाल कर सकते हैं।
बहुत ज़्यादा डेयरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल
डेयरी कैल्शियम और प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन कैल्शियम के स्तर को बढ़ाते हैं जिससे शरीर में किडनी की पथरी की समस्या हो सकती है। इनकी जगह आप कम वसा वाला दही, टोंड दूध कैल्शियम के लिए, पालक और रागी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियाँ भी बढ़िया विकल्प हैं।

