Health Tips: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के समय ही नहीं है। यहां तक कि उनके पास सोने तक का समय नहीं है। इससे वे कई तरह की बीमारियों की जकड़ में आ जाते हैं। दिन भर काम करने के बाद अधिकतर लोग रात में सोते समय अपने फ़ोन पर स्क्रॉल करते रहते हैं और बहुत कम सोते हैं? अगर ऐसा है, तो यह आदत आपकी पूरी सेहत को बहुत नुकसान पहुंचा सकती है।
अच्छी सेहत बनाए रखने के लिए समय पर सोना और सुबह समय पर उठना ज़रूरी है। हालांकि, आजकल लोग अपनी नींद की क्वालिटी को बेहतर बनाने की कोशिश भी नहीं करते हैं और बाद में कई सेहत से जुड़ी समस्याओं का शिकार हो जाते हैं।
कितने घंटे सोना जरूरी होता है (How many hours to sleep)
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, 18 से 60 साल के लोगों को हर रात 7 से 9 घंटे की नींद लेनी चाहिए। बच्चों और किशोरों को 8 से 12 घंटे की नींद की ज़रूरत होती है। आपकी जानकारी के लिए, आप अपनी नींद की क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए स्लीप मेडिटेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
नींद की कमी के खतरे (The dangers of sleep deprivation)
रेगुलर नींद की कमी आपकी इम्यूनिटी पर बुरा असर डाल सकती है। इसके अलावा, अगर नींद अक्सर कम हो जाती है, तो आपको गंभीर मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती हैं। इसके अलावा, नींद की कमी से आपकी फोकस करने की क्षमता भी कम हो सकती है। अच्छी हेल्थ बनाए रखने के लिए, हर रात एक ही समय पर सोने और अगली सुबह एक ही समय पर उठने की आदत डालने की कोशिश करें।

अगर आप बहुत ज़्यादा सोते हैं तो क्या हो सकता है?
बहुत ज़्यादा सोने से आपके मोटापे का खतरा बढ़ सकता है। हर दिन बहुत ज़्यादा सोने, या लंबे समय तक बिस्तर पर रहने से पीठ दर्द हो सकता है। जो लोग रेगुलर बहुत ज़्यादा सोते हैं, वे अक्सर थका हुआ और सुस्त महसूस करते हैं। कुल मिलाकर, 7-8 घंटे से कम और 7-8 घंटे से ज़्यादा सोने, दोनों से ही हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है।
6 घंटे से कम सोने हो सकते हैं खतरे
दिल और दिमाग पर सीधा असर
रिसर्च से पता चलता है कि जो लोग लगातार 6 घंटे से कम सोते हैं, उन्हें दिल और दिमाग से जुड़ी बीमारियों का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है। नींद की कमी से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
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डायबिटीज का खतरा
नींद की कमी से शरीर में इंसुलिन का बैलेंस बिगड़ जाता है। इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा हो सकता है।
वज़न बढ़ना
जब नींद पूरी नहीं होती है, तो भूख बढ़ाने वाला हार्मोन घ्रेलिन बढ़ जाता है और भूख को कंट्रोल करने वाला हार्मोन लेप्टिन कम हो जाता है। यही वजह है कि जो लोग कम सोते हैं, उन्हें अक्सर भूख ज़्यादा लगती है और अनहेल्दी खाना खाने से उनका वज़न बढ़ जाता है।
कमज़ोर इम्यून सिस्टम
जब हम सोते हैं, तो हमारा शरीर बीमारी से लड़ने के लिए ज़रूरी प्रोटीन और साइटोकिन्स बनाता है। नींद की कमी इस प्रोसेस को धीमा कर देती है, जिससे आपका इम्यून सिस्टम कमज़ोर हो जाता है और बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
मेंटल हेल्थ पर असर
नींद की कमी का सीधा असर दिमाग पर पड़ता है। इससे चिड़चिड़ापन, स्ट्रेस, एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसके अलावा, आपकी याददाश्त कमज़ोर हो सकती है और किसी भी काम पर ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है।
स्किन और एजिंग पर असर
नींद की कमी का आपकी स्किन पर बुरा असर पड़ता है। डार्क सर्कल, ड्राइनेस और समय से पहले झुर्रियां पड़ना आम बात है। यह एजिंग प्रोसेस को भी तेज़ करता है।
जैसे शरीर को खाना और पानी चाहिए, वैसे ही अच्छी नींद भी उतनी ही ज़रूरी है। अगर आप हेल्दी रहना चाहते हैं, तो देर तक जागने की आदत छोड़ें और हर दिन पूरे 7 से 8 घंटे की नींद लें।

