अधिकतर लोग हाई ब्लड शुगर (डायबिटीज) को लेकर सतर्क रहते हैं, लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि लो ब्लड शुगर (Hypoglycemia) उससे भी ज़्यादा खतरनाक हो सकता है। जब शरीर में शुगर का स्तर अचानक बहुत नीचे गिर जाता है, तो कुछ ही मिनटों में चक्कर, तेज घबराहट, पसीना, कंपकंपी और यहां तक कि बेहोशी भी हो सकती है। गंभीर मामलों में यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है।
इसलिए जरूरी है कि लो ब्लड शुगर के शुरुआती लक्षणों को पहचानें और समय रहते सही कदम उठाएं। आइए जानते हैं कि लो ब्लड शुगर क्या है, इसके खतरे क्या हैं और आपातकालीन स्थिति में आपको क्या करना चाहिए।
लो ब्लड शुगर (Hypoglycemia) क्या है?
जब रक्त में ग्लूकोज (चीनी) का स्तर 70 mg/dL से नीचे चला जाता है, तो इस स्थिति को मेडिकल भाषा में ‘हाइपोग्लाइसीमिया’ कहा जाता है। ग्लूकोज हमारे शरीर और मस्तिष्क के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। इसकी कमी होने पर शरीर के अंग सही ढंग से काम करना बंद कर देते हैं।
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खतरे की घंटी: कितना कम शुगर है खतरनाक?
70-60 mg/dL: यह एक चेतावनी है। शरीर संकेत देने लगता है कि उसे ऊर्जा की जरूरत है।
60-50 mg/dL: शरीर में कंपन, तेज पसीना और घबराहट शुरू हो जाती है।
50-40 mg/dL: मानसिक भ्रम (Confusion) और अत्यधिक कमजोरी महसूस होती है।
40 mg/dL से नीचे: यह एक मेडिकल इमरजेंसी है। इससे बेहोशी, दौरे पड़ना या ब्रेन डैमेज का खतरा रहता है।

लो ब्लड शुगर होने पर शरीर निम्नलिखित लक्षण दिखाता है:
- अचानक बहुत अधिक पसीना आना।
- दिल की धड़कन तेज होना और बेचैनी।
- हाथ-पांव कांपना या कमजोरी महसूस होना।
- आंखों के सामने अंधेरा छाना या चक्कर आना।
- तेज भूख लगना और चिड़चिड़ापन।
- गंभीर स्थिति में बोलने में लड़खड़ाहट या बेहोशी।
क्यों गिरता है शुगर लेवल? (मुख्य कारण)
इंसुलिन की अधिक मात्रा: डायबिटीज के मरीजों द्वारा दवा या इंसुलिन का गलत डोज लेना।
भोजन छोड़ना: समय पर खाना न खाना या लंबे समय तक भूखे रहना।
अत्यधिक व्यायाम: क्षमता से ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करना।
खाली पेट शराब: बिना कुछ खाए शराब का सेवन शुगर लेवल को तेजी से गिराता है।
इलाज और बचाव के तरीके
तत्काल घरेलू उपाय (Rule of 15)
अगर शुगर कम महसूस हो, तो तुरंत ’15-15 का नियम’ अपनाएं।
15 ग्राम फास्ट-एक्टिंग कार्बोहाइड्रेट लें (जैसे: 1 चम्मच चीनी, शहद, आधा गिलास फ्रूट जूस या 3-4 ग्लूकोज टैबलेट)।
15 मिनट तक प्रतीक्षा करें और फिर शुगर जांचें।
यदि स्तर अभी भी 70 से कम है, तो प्रक्रिया दोहराएं।
जीवनशैली में बदलाव
नियमित भोजन: छोटे-छोटे अंतराल पर भोजन करें। मील स्किप न करें।
स्नैक्स साथ रखें: यात्रा के दौरान हमेशा टॉफी, ग्लूकोज या बिस्किट साथ रखें।
नियमित जांच: ग्लूकोमीटर से अपने शुगर लेवल की मॉनिटरिंग करते रहें।
शराब से परहेज: खाली पेट शराब का सेवन बिल्कुल न करें।
मेडिकल ट्रीटमेंट
यदि स्थिति बार-बार बिगड़ती है, तो डॉक्टर आपकी दवाओं की खुराक बदल सकते हैं। गंभीर मामलों में अस्पताल में IV ग्लूकोज या ग्लूकागन इंजेक्शन दिया जाता है।

