Bread दुनिया भर में प्रतिदिन यूज़ होने वाले खाद्य पदार्थों में से एक है।आमतौर पर ब्रेड को गेहूं, मैदा और दूसरे इंग्रीडियेंट्स से मिलाकर बनाया जाता है।बाजार में कई तरह के ब्रेड उपलब्ध हैं। ब्रेड का उपयोग अधिकतर सुबह के ब्रेकफास्ट में किया जाता है।देखा जाये तो ब्रेड में सफेद और ब्राउन दोनों प्रकार की विकल्पता होती है, लेकिन यह सवाल बहुत सारे लोगों के मन में उत्पन्न होता है कि क्या यह सेहत के लिए बेहतर है या नहीं ? देखा जाये तो कौन सी ब्रेड खाना सेहत के लिए ज्यादा अच्छा होता है और हमे कौन सी ब्रेड खरीदना चाहिये। आज हम इसी विषय में बात करेंगे।
क्या है फर्क Brown Bread और White Bread में

Brown Bread को गेहूं का उपयोग करके बनाया जाता है। यह White Bread की तुलना में ब्राउन ब्रेड अधिक पौष्टिक और फाइबर से भरपूर होता है। ब्राउन ब्रेड में विटामिन बी-6 और ई, मैग्नीशियम, फोलिक एसिड, जिंक कॉपर और मैंगनीज की मात्रा अधिक होती है. सफेद ब्रेड बनाने के लिए आटे को और अधिक सफेद दिखाने के लिए बेंजोयल पेरोक्साइड, क्लोरीन डाइऑक्साइड और पोटेशियम ब्रोमेट जैसे रसायनों का उपयोग करके गेहूं के आटे को ब्लीच किया जाता है। मैदा के ऊपर रिफाइंड स्टार्च डाला जाता है, लेकिन इन रसायनों का उपयोग बहुत कम मात्रा में किया जाता है और ये स्वास्थ्य के लिए उतने खतरनाक भी नहीं होते हैं। ब्राउन ब्रेड की तुलना में सफेद ब्रेड में फाइबर और अन्य पोषक तत्व कम होते हैं।
पोषक तत्वों से भरपूर है Brown Bread

Brown Bread सम्पूर्ण गेहूं के आटे से तैयार की जाती है, जिसमें गेहू के दाने के चिलके को अकेले छोड़ा जाता है। इसके कारण ब्राउन ब्रेड में फाइबर की अधिक मात्रा होती है। ब्राउन ब्रेड में विटामिन बी-6 और ई, मैग्नीशियम, फोलिक एसिड, जिंक कॉपर और मैंगनीज की मात्रा अधिक होती है इसलिए यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है।
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Bread का उचित मात्रा में ही करे सेवन

Bread एक कार्बोहाइड्रेट का स्रोत होता है। बर्ड का सेवन एक निश्चित मात्रा में ही करना चाहिए। अत्यधिक ब्रेड के सेवन से उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स की समस्या हो सकती है, जिससे ब्लड सुगर की स्तर में वृद्धि हो सकती है।
कितने समय तक रखा जा सकता हैं Bread
आमतौर पर Bread पानी, मैदा,आटा और यीस्ट से बनती है। अगर इसे ठीक से रखा नहीं जाता है या बहुत दिनों तक स्टोर किया जाता है, तो इसमें फंगस लगने और बासी होने का खतरा होता है। ब्रेड बनाने के लिए उपयोग किया गया स्टार्च जल्दी खराब होने लगता है, जिसके कारण ब्रेड जल्दी से बासी हो जाती है। बाजार से लाये गए ब्रेड के पैकेट के ऊपर उसकी अंतिम तारीख दी हुई होती है। यह तारीख निकलने के बाद इसका सेवन करना ठीक नहीं होता है,फिर वह चाहे वाइट, ब्राउन या मल्टीग्रेन ब्रेड ही क्यों न हो।
खराब Bread खाने के नुकसान

काफी दिनों से रखी हुई व बासी Bread में फंगस लग जाते है। ऐसी ब्रेड का सेवन आपके लिए काफी नुकसानदेय हो सकता है हालांकि, कुछ फंगस को खाने से आपको कोई खतरा नहीं होता। लेकिन, फिर भी यह अतंर कर पाना कि कौन सी फंगस आपके लिए हानिकारक है और कौन सी नहीं यह आसान नहीं होता तो ऐसे में बेहतर है कि आप फंगस का कोई भी संकेत देखते हैं, तो आपको उस ब्रेड का उपयोग नहीं करना चाहिए। कई बार ब्रेड पर लगने वाली फंगस से माइकोटॉक्सिन्स भी पैदा होते हैं, जो कि जहरीले हो सकते हैं। साथ ही इन्हें खाने के अलावा सूंघना भी हानिकारक हो सकता है।
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