
दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में साफ-सफाई, सजावट और खरीदारी की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। दिवाली से पहले आने वाला धनतेरस भी काफी खास माना जाता है। इस दिन लोग सोना-चांदी, बर्तन और घर के लिए नई चीजें खरीदते हैं। मान्यता है कि धनतेरस पर शुभ काम करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। अगर आप भी इस साल धनतेरस की तैयारी कर रहे हैं, तो आइए जानते हैं इसकी तारीख, पूजा का शुभ समय और इस दिन खरीदारी करने का क्या महत्व है।
इस साल धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। यह पर्व कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। धनतेरस को धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। इसी दिन से दिवाली के पांच दिवसीय त्योहार की शुरुआत मानी जाती है। <Cite refs={["turn940048search1","turn940048news23"]}/>
इस दिन लोग अपने घरों की सफाई करते हैं, शाम को दीपक जलाते हैं और भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी तथा भगवान कुबेर की पूजा करते हैं। बाजारों में भी इस मौके पर रौनक देखने को मिलती है।
भोपाल के पंचांग के अनुसार, इस साल धनतेरस की पूजा का शुभ समय शाम 6 बजकर 10 मिनट से रात 8 बजकर 8 मिनट तक बताया गया है। इस दौरान भक्त भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा कर सकते हैं। <Cite refs={["turn940048search1"]}/>
ध्यान रखें कि पूजा का मुहूर्त शहर के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है। इसलिए अपने शहर में पूजा करने से पहले स्थानीय पंचांग से समय जरूर देख लें।
धनतेरस के दिन खरीदारी करने की पुरानी परंपरा है। बहुत से लोग इस दिन सोना, चांदी, सिक्के या नए बर्तन खरीदते हैं। वहीं, कुछ परिवार अपनी जरूरत के हिसाब से घर के लिए छोटी-मोटी चीजें भी खरीदते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, धनतेरस पर नई वस्तुएं खरीदना सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, इस दिन खरीदारी करने के लिए महंगी चीजें लेना जरूरी नहीं है। आप अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से बर्तन, दीपक या कोई उपयोगी सामान भी खरीद सकते हैं।
अगर आप सोच रहे हैं कि धनतेरस पर क्या खरीदना अच्छा रहेगा, तो इन चीजों पर विचार कर सकते हैं।
सोना और चांदी: कई परिवार इस दिन सोने-चांदी के सिक्के या आभूषण खरीदना पसंद करते हैं।
बर्तन: पीतल, तांबे और स्टील के बर्तन खरीदने की परंपरा भी है।
दीये और पूजा का सामान: घर में पूजा और सजावट के लिए मिट्टी के दीये, पूजा की थाली और अन्य जरूरी सामान लिया जा सकता है।
घर के काम की चीजें: जरूरत के अनुसार रसोई का सामान या कोई नया घरेलू उपकरण भी खरीदा जा सकता है।
धनिया के बीज: कुछ परिवारों में धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदना शुभ माना जाता है और इसे पूजा में भी इस्तेमाल किया जाता है।
सबसे जरूरी बात यह है कि खरीदारी अपनी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर करें। त्योहार की खुशी के लिए जरूरत से ज्यादा खर्च करना जरूरी नहीं है।
धनतेरस को केवल धन और खरीदारी से जोड़कर नहीं देखा जाता, बल्कि इस दिन स्वास्थ्य और अच्छी सेहत का भी विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और स्वास्थ्य का देवता माना जाता है।
इसी वजह से धनतेरस पर उनकी पूजा की जाती है। इस दिन लोग अपने और परिवार के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि जीवन में धन के साथ-साथ सेहत भी उतनी ही जरूरी है।
धनतेरस की तैयारी करते समय कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना अच्छा रहेगा।
सबसे पहले घर और पूजा की जगह को साफ रखें। पूजा के लिए जरूरी सामान पहले से तैयार कर लें, ताकि आखिरी समय में भागदौड़ न करनी पड़े। अगर आप सोना या चांदी खरीद रहे हैं, तो उसकी शुद्धता, हॉलमार्क और पक्का बिल जरूर जांचें। ऑनलाइन खरीदारी करते समय भी वेबसाइट और विक्रेता की विश्वसनीयता देखना न भूलें।
इसके अलावा, दीपक जलाते समय सावधानी रखें और उन्हें पर्दों या ज्वलनशील चीजों के पास न रखें।
धनतेरस का त्योहार सिर्फ नई चीजें खरीदने तक सीमित नहीं है। यह परिवार के साथ खुशियां बांटने, घर को साफ-सुथरा रखने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करने का भी अवसर है। इस दिन लोग अपने घर में सुख-शांति और समृद्धि के लिए पूजा करते हैं।
इस धनतेरस पर आप भी अपनी जरूरत के अनुसार खरीदारी करें, परिवार के साथ समय बिताएं और त्योहार को खुशी से मनाएं। आखिरकार, त्योहार की असली खुशी महंगी खरीदारी में नहीं, बल्कि अपनों के साथ बिताए गए अच्छे पलों में होती है।