संबंध बनाने के बाद सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। जानें सेक्स के बाद किन 4 गलतियों से बचें और साफ-सफाई, पेशाब व प्राइवेट हाइजीन के सही तरीके।

शारीरिक संबंध बनाना एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है, लेकिन इसके बाद अपनी सेहत और साफ-सफाई का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। अक्सर लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते कि सेक्स के बाद कौन-सी आदतें शरीर के लिए सही हैं और किनसे बचना चाहिए। खासकर प्राइवेट पार्ट्स की स्वच्छता, पेशाब करने की आदत और व्यक्तिगत आराम को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
हालांकि, इंटरनेट पर सेक्स के बाद कुछ सामान्य गतिविधियों को लेकर कई ऐसे दावे भी किए जाते हैं, जिनका पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। उदाहरण के लिए, संबंध बनाने के बाद ठंडा पानी पीने या सामान्य रूप से नहाने से दिल को नुकसान होने का दावा हर व्यक्ति पर लागू नहीं होता।
ऐसे में यह समझना जरूरी है कि संबंध बनाने के बाद क्या नहीं करना चाहिए, किन आदतों से संक्रमण या जलन का खतरा बढ़ सकता है और किन बातों का ध्यान रखकर अपनी सेहत को बेहतर बनाए रखा जा सकता है।
सेक्स के बाद साफ-सफाई रखना अच्छी आदत है, लेकिन इसके लिए तेज खुशबू वाले साबुन, इंटिमेट वॉश, डियोडरेंट या केमिकल युक्त वाइप्स का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है।
विशेष रूप से महिलाओं को योनि के अंदर पानी, साबुन या दूसरे उत्पादों से सफाई करने से बचना चाहिए। इस प्रक्रिया को वजाइनल डाउचिंग कहा जाता है। इससे योनि के प्राकृतिक माइक्रोबायोम में बदलाव और जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
क्या करें? बाहरी जननांगों को साफ पानी से धीरे-धीरे साफ करें। जरूरत पड़ने पर बाहरी त्वचा पर हल्के, बिना खुशबू वाले साबुन का इस्तेमाल किया जा सकता है। योनि के अंदर सफाई करने की जरूरत नहीं होती।
शारीरिक संबंध के दौरान कुछ बैक्टीरिया मूत्रमार्ग के आसपास पहुंच सकते हैं। इससे कुछ लोगों, खासकर महिलाओं में, यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) का खतरा बढ़ सकता है।
इसी वजह से सेक्स के बाद पेशाब करना एक उपयोगी आदत माना जाता है। इससे मूत्रमार्ग में पहुंचे कुछ बैक्टीरिया बाहर निकलने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह UTI से बचाव की गारंटी नहीं है।
क्या करें? संबंध बनाने के बाद जब सुविधाजनक हो, तब पेशाब कर लें। पेशाब करने की इच्छा को लंबे समय तक न रोकें और दिनभर पर्याप्त पानी पिएं। यदि बार-बार UTI होता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
सेक्स के तुरंत बाद बहुत गर्म पानी से नहाने पर हर व्यक्ति को नुकसान होता है, ऐसा कहने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। सामान्य रूप से नहाना या गुनगुने पानी से सफाई करना अधिकतर स्वस्थ लोगों के लिए ठीक है।
हालांकि, अगर शारीरिक संबंध के बाद कमजोरी, चक्कर या असहजता महसूस हो रही है, तो बहुत गर्म पानी से नहाना या लंबे समय तक गर्म पानी में रहना परेशानी बढ़ा सकता है। गर्मी के कारण कुछ लोगों में रक्तचाप कम हो सकता है।
क्या करें? शरीर को आराम दें और जरूरत पड़ने पर सामान्य या गुनगुने पानी से नहाएं। अगर चक्कर आ रहे हों, तो पहले सुरक्षित जगह पर बैठें या लेटें और पूरी तरह सहज महसूस होने तक नहाने से बचें।
शारीरिक संबंध के दौरान शरीर की ऊर्जा खर्च होती है और हृदय गति बढ़ सकती है। इसके बाद कुछ लोगों को थोड़ी थकान महसूस होना सामान्य है।
हालांकि, ऐसा कोई मजबूत प्रमाण नहीं है कि सेक्स के तुरंत बाद सामान्य व्यायाम करने से हर व्यक्ति को मांसपेशियों में नुकसान या हार्ट अटैक हो सकता है। व्यायाम करने की क्षमता व्यक्ति की फिटनेस, स्वास्थ्य और उस समय महसूस हो रहे लक्षणों पर निर्भर करती है।
क्या करें? यदि थकान महसूस हो रही है, तो आराम करें और शरीर को सामान्य होने का समय दें। जब सहज महसूस करें, तब अपनी दिनचर्या के अनुसार गतिविधियां कर सकते हैं। सीने में दर्द, असामान्य सांस फूलने या बेहोशी जैसे लक्षण हों, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
यह एक आम सवाल है। सोशल मीडिया पर कई बार दावा किया जाता है कि संबंध बनाने के तुरंत बाद ठंडा या चिल्ड पानी पीने से दिल और दिमाग पर बुरा असर पड़ सकता है।
लेकिन सामान्य स्वस्थ व्यक्ति में सेक्स के बाद ठंडा पानी पीने से दिल या दिमाग को नुकसान पहुंचने का कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। पानी का तापमान चुनना व्यक्तिगत पसंद का विषय है।
यदि शारीरिक संबंध के बाद प्यास लगी है, तो अपनी सुविधा के अनुसार सामान्य या ठंडा पानी पी सकते हैं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
शारीरिक संबंध के बाद स्वच्छता बनाए रखने के लिए कुछ आसान आदतें मददगार हो सकती हैं।
पेशाब कर लें: खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी आदत, जिन्हें UTI होने की आशंका रहती है।
बाहरी हिस्से को साफ करें: प्राइवेट पार्ट्स की बाहरी त्वचा को साफ पानी से धीरे-धीरे धोएं।
खुशबूदार उत्पादों से बचें: इंटिमेट स्प्रे, तेज खुशबू वाले साबुन और योनि के अंदर सफाई करने वाले उत्पादों का इस्तेमाल न करें।
साफ और आरामदायक कपड़े पहनें: जरूरत हो तो सूखे, साफ अंडरगारमेंट्स पहनें। सूती कपड़े आरामदायक विकल्प हो सकते हैं।
पानी पीते रहें: प्यास और शरीर की जरूरत के अनुसार पर्याप्त पानी पिएं।
ये आदतें व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने में मदद कर सकती हैं। हालांकि, इनसे हर प्रकार के यौन संक्रमण से बचाव नहीं होता। यौन संचारित संक्रमणों (STIs) का जोखिम कम करने के लिए कंडोम का सही इस्तेमाल और जरूरत के अनुसार जांच भी महत्वपूर्ण है।
शारीरिक संबंध के बाद हल्की थकान या कुछ समय के लिए आराम की जरूरत सामान्य हो सकती है। लेकिन कुछ लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है।
यदि पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आने की इच्छा, असामान्य योनि स्राव, तेज दुर्गंध, प्राइवेट पार्ट्स में लगातार खुजली या दर्द महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लें।
यदि बुखार के साथ कमर या पीठ के एक तरफ दर्द हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। इसी तरह सीने में दर्द, गंभीर सांस की तकलीफ या बेहोशी जैसी स्थिति में आपातकालीन सहायता लेना जरूरी है।
अगर कंडोम फट गया हो या असुरक्षित संबंध बना हो, तो गर्भधारण और यौन संक्रमण के जोखिम के बारे में जल्द स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें। जरूरत के अनुसार आपातकालीन गर्भनिरोधक या HIV से बचाव के लिए समय-संवेदनशील उपचार पर चर्चा की जा सकती है।
शारीरिक संबंध बनाने के बाद सेहत का ध्यान रखने के लिए किसी जटिल रूटीन की जरूरत नहीं है। साफ-सफाई बनाए रखना, जरूरत पड़ने पर पेशाब करना, शरीर को आराम देना और जलन पैदा करने वाले उत्पादों से बचना उपयोगी आदतें हैं।
वहीं, ठंडा पानी पीने, सामान्य रूप से नहाने या हर तरह की शारीरिक गतिविधि से बचने जैसी सलाह को बिना वैज्ञानिक प्रमाण के सही नहीं मानना चाहिए। अपनी शारीरिक स्थिति को समझें और किसी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह डॉक्टर की व्यक्तिगत सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है।