Male Fertility: भागती दौड़ती जिंदगी में स्मोकिंग और अल्कोहल का सेवन बहुत ही आम हो गया है। कई लोग इसे तनाव कम करने का तरीका मानते हैं तो कई लोग इस आदत के आगे मजबूर हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि असल में यह आदत फर्टिलिटी को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।
जी हां, आज कई दंपति ऐसे हैं जो बच्चा ना होने की परेशानी झेल रहे हैं। इसका कारण केवल महिलाओं की सेहत नहीं बल्कि पुरुषों की फर्टीलिटी कम होना भी है। धूम्रपान और शराब की वजह से स्पर्म काउंट कम हो जाता है स्पर्म की गुणवत्ता खराब होती है, हार्मोनल संतुलन प्रभावित होता है। जिसकी वजह से डॉक्टर अक्सर पुरुषों को स्मोकिंग और अल्कोहल छोड़ने की सलाह देते हैं। खासकर ऐसे पुरुष जो पिता बनने की योजना बना रहे हैं उनके लिए जरूरी है कि स्मोकिंग और अल्कोहल छोड़ दें।
स्मोकिंग से पुरुषों की फर्टीलिटी कम होना
सिगरेट में निकोटिन, टार और अन्य कई जहरीले कैमिकल मौजूद होते है। जब कोई पुरुष स्मोकिंग करता है तो अंगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जिसका सीधा असर फर्टिलिटी पर पड़ सकता है। इसका सबसे बड़ा असर स्पर्म काउंट पर पड़ता है। एक रिसर्च बताती है कि वह पुरुष जो स्मोकिंग करते हैं उनकी स्पर्म काउंट कम हो जाती है। जिसकी वजह से पिता बनने के चांसेस खत्म होने लगते हैं। इसके अलावा स्मोकिंग करने वाले पुरुषों के स्पर्म की मोटिलिटी भी काम हो जाती है। स्मोकिंग से स्पर्म के DNA को भी नुकसान पहुंचता है। मतलब गर्भधारण हो भी गया तो गर्भपात या बच्चों के स्वास्थ्य पर असर जैसे विभिन्न प्रकार के जोखिम भी बढ़ जाते हैं।
अल्कोहल का फर्टिलिटी पर असर
अल्कोहल के सेवन से भी फर्टिलिटी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे हार्मोनल संतुलन बिगड़ जाता है। जब कोई व्यक्ति ज्यादा मात्रा में शराब पीता है तो टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का लेवल कम हो जाता है। टेस्टोस्टेरोन वही हार्मोन है जो स्पर्म बनाने का काम करते हैं। ज्यादा शराब पी ली गई तो स्पर्म की गुणवत्ता भी खराब होती है। स्पर्म का आकार असामान्य होता है जिसकी वजह से गर्भधारण के बाद भी बच्चे मानसिक या शारीरिक रूप से हष्ट पुष्ट नहीं होते।
स्मोकिंग और अल्कोहल की वजह से फर्टीलिटी पर क्या नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं?
यदि किसी पुरुष को स्मोकिंग और अल्कोहल की आदत है तो इसका असर काफी गंभीर हो सकता है। स्मोकिंग और अल्कोहल की आदत ऑक्सिडीसिव स्ट्रेस को बढ़ाती है जिससे स्पर्म कोशिकाएं खराब होने लगती है। गर्भधारण नहीं हो पाता, फर्टिलिटी ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ती है और कई बार गर्भपात के केसेस बढ़ जाते हैं।
फर्टिलिटी को सुधारने के लिए क्या करें?
- यदि कोई पुरुष पिता बनने की योजना बना रहे हैं तो उसे अपनी फर्टिलिटी को सुधारना चाहिए। इसके लिए जीवन शैली में कुछ बदलाव करने जरूरी है।
- जैसे कि स्मोकिंग और शराब से दूरी बनाए, नियमित व्यायाम करें, एक्सरसाइज योगा वर्कआउट इत्यादि से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
- अच्छी नींद लें, तनाव कम करें, अगर कोई पुरुष धूम्रपान या शराब छोड़ देता है तो स्पर्म की गुणवत्ता अपने आप धीरे-धीरे बेहतर होने लगती है।
- आमतौर पर 70 से 90 दिनों में जीवन शैली में सुधार होने के बाद 3 से 4 महीनों में शरीर में सकारात्मक प्रभाव दिखाई देता है और पुरुष की फर्टिलिटी बेहतर हो जाती है।
आज के समय में जीवन शैली गलत आदतों की वजह से खराब हो रही है और पुरुषों की फर्टीलिटी कम होना इसी का एक सीधा कारण है। ऐसे में स्मोकिंग /अल्कोहल की आदत छोड़ दें जिससे स्पर्म की गुणवत्ता बनी रहती है। हार्मोनल बैलेंस भी बना रहता है। सही समय पर इन आदतों को यदि नियंत्रित कर लिया जाए तो पुरुष अपनी प्रजनन क्षमता काफी हद तक बेहतर कर सकते हैं।













