ब्रेस्ट साइज़ : वर्तमान में सोशल मीडिया, फिल्मों और फैशन इंडस्ट्री ने महिलाओं की बॉडी को लेकर कई प्रकार के ऐसे मानक सेट कर दिए हैं जिनमें से 90% झूठे हैं। इसमें से एक बहुत बड़ा दबाव है ब्रेस्ट साइज को लेकर। कई लड़कियां और महिलाएं यह सोचकर परेशान रहती हैं, कि उनके स्तन छोटे हैं वे सुंदर नहीं दिखती और उनका शरीर परफेक्ट नहीं है।
सोशल मीडिया पर की जाने वाली पोस्ट अक्सर ऐसी महिलाओं को बॉडी शेमिंग का शिकार बना देती है। लोग मजाक में, अनजाने में ऐसे कमेंट कर देते हैं जो महिलाओं के आत्मविश्वास को प्रभावित करते हैं। इसी वजह से आए दिन ब्रेस्ट साइज बढ़ाने के घरेलू उपाय, 7 दिन में कैसे ब्रेस्ट बड़ा करें? ऐसे दांवों का सर्च भी बढ़ जाता है।
ब्रेस्ट साइज़ बढ़ाने के झूठे दावों के चलते महिलाएं झूठे झांसे में फंस जाती हैं। लेकिन मेडिकल रिसर्च औरडॉक्टर की माने तो ऐसा कोई उपाय मौजूद नहीं है कि महिलाओं की ब्रेस्ट साइज को बढ़ाया जा सके। असल में घरेलू उपाय तेल दवाई यह सब झूठे दावे हैं इनका कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं होता
ब्रेस्ट साइज किन चीजों पर निर्भर करता है?
आमतौर पर कई लोग सोचते हैं की विशेष प्रकार के खाद्य पदार्थ खाने या तेल लगाने से ब्रेस्ट का आकार बढ़ जाएगा। लेकिन असलियत काफी अलग होती है। ब्रेस्ट का आकार DNA और शारीरिक कारकों पर निर्भर करता है।
जेनेटिक्स: जैसे बालों के रंग, शरीर का रंग पहले से ही तय होते हैं उसी प्रकार ब्रेस्ट साइज भी काफी हद तक अनुवांशिक होता है।
शारीरिक वजन: किसी महिला की बॉडी में यदि फैट रिटेंशन ज्यादा है तो उसके ब्रेस्ट साइज में बदलाव आ सकता है क्योंकि ब्रेस्ट पूरी तरह से फैट टिशु से बनी हुई होती है।
हार्मोनल बदलाव: प्यूबर्टी, प्रेगनेंसी, पीरियड और मेनोपॉज के दौरान ब्रेस्ट साइज बदल जाते हैं। यह स्टेज अस्थाई होता है।
उम्र: आमतौर पर उम्र के साथ ब्रेस्ट साइज में बदलाव होता है। ब्रेस्ट की इलास्टिसिटी और टिशु में भी बदलाव हो जाता है जिसकी वजह से ब्रेस्ट की शेप भी बदल जाती है।

प्राकृतिक रूप से ब्रेस्ट साइज बढ़ाने का तरीका
इंटरनेट पर अक्सर ब्रेस्ट साइज़ बढाने की क्रीम, तेल, दवाइयों के दावे किए जाते हैं। लेकिन यह सब झूठ है। आमतौर पर इसके पीछे कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं होता। परंतु ब्रेस्ट साइज बढ़ाने के लिए कुछ प्राकृतिक उपाय किए जा सकते हैं जैसे की:
एक्सरसाइज: पुश अप, चेस्ट प्रेस, योगासन जैसे व्यायाम छाती की मांसपेशियों को मजबूत करता है। इससे बेस्ट थोड़े फर्म और शेप में आ सकते हैं हालांकि उनका आकार नहीं बदलता।
मसाज: अक्सर दावा किया जाता है कि बादाम तेल, जैतून का तेल या हर्बल तेल से मसाज करने पर ब्रेस्ट साइज़ बढ़ जाते हैं लेकिन यह सच नहीं। असल में मसाज केवल ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करते हैं जिससे बेस्ट का शेप बेहतर हो जाता है।
खास भोजन: ब्रेस्ट साइज़ बढाने के लिए किसी प्रकार का भोजन काम में नहीं आता। लेकिन खास प्रकार का भोजन जैसे कि पपीता, मेथी, सोया, दूध या प्रोटीन युक्त भोजन करने से ब्रेस्ट का शेप बेहतर होता है। वह ज्यादा हेल्दी होते हैं और उसकी इलास्टिसिटी बेहतर रहती है।

ब्रेस्ट साइज से जुड़े कुछ आम मिथक
आमतौर पर ब्रेस्ट साइज से जुड़े कुछ मिथक सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन मिथकों का वैज्ञानिक तथ्यों से कोई लेना देना नहीं होता। यह केवल सोशल मीडिया पर ट्रेडिंग बननें और अपने प्रॉडक्ट्स बेचने के लिए किए गए झूठे दावे होते हैं।
- छोटी ब्रैस्ट वाली महिलाएं कम आकर्षक होती हैं यह वर्तमान का सबसे बड़ा खतरनाक मिथक है। क्योंकि ब्रेस्ट को सुंदरता का पैमाना बना दिया गया है। ऐसे में छोटी ब्रेस्ट वाली महिलाओं को बॉडी शेमिंग का शिकार बना दिया जाता है जो की बिल्कुल भी सच नहीं है।
- बड़ी ब्रा पहनने से ब्रेस्ट साइज बढ़ जाता है। यह भी पूरी तरह से झूठ है। क्योंकि बड़ी ब्रा पहनने से ब्रेस्ट का आकार नहीं बढ़ता। बल्कि सही शेप और सपोर्ट वाली ब्रा पहनने से ब्रेस्ट सही साइज में रहते हैं और शरीर सुगढ़ और सुगठित दिखता है।
- बड़ी ब्रेस्ट वाली महिलाओं में डिलीवरी के बाद दूध ज्यादा उतरता है वे बच्चों की भूख शांत कर सकती है। यह भी एक आम गलतफहमी है। प्रेगनेंसी के बाद दूध का उत्पादन स्तन की ग्रंथियां करती हैं। इसका ब्रेस्ट साइज से कोई लेना-देना नहीं होता।
कुल मिलाकर ब्रेस्ट साइज़ को लेकर फैली हुई कई भ्रांतियां पूरी तरह से सोशल मीडिया ट्रेंड और मिथकों पर आधारित है। असल में ब्रेस्ट साइज बढ़ाने का कोई वैज्ञानिक तरीका मौजूद नहीं है। हालांकि सबसे सही और जरूरी बात यह है कि शरीर की प्राकृतिक बनावट को जैसा है वैसा स्वीकार किया जाए। बॉडी शेमिंग जैसी सोच से दूर रहें। और समझे कि असली सुंदरता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच में हैं।













