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Income Tax Refund News: Processed दिखा रहा है लेकिन पैसा नहीं आया ?? जानिए अब क्या करना चाहिए?

Income Tax Refund News

Income Tax Refund News : भारत में प्रत्येक वित्तीय वर्ष के बाद लाखों करदाताओं को IIT रिटर्न जमा करना पड़ता है। इनमें से कई टैक्स पेयर्स को उम्मीद रहती है कि उन्हें टैक्स रिफंड आएगा। ऐसे ही एक उम्मीद में इस वर्ष के टैक्स पेयर्स भी बैठे हैं। जी हां, FY 2024-25 का इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने वाले टैक्स पेयर्स बेसब्री से अपने रिफंड का इंतजार कर रहे हैं परंतु अभी तक इन सभी का टैक्स रिफंड आया नहीं है। हालांकि कुछ के स्टेटस में प्रोसैस्ड भी दिखा रहा है परंतु पैसा अभी तक खातों में नहीं पहुंचा है। इसकी वजह से कई टैक्सपेयर्स में भ्रम और निराशा पसर गई है।

इस पूरे मामले में कई टैक्सपेयर्स इसका कहना है कि उन्हें ITR Processed दिखा रहा है, 143 (1)का इंटीमेशन भी आ चुका है। परंतु अभी तक उनके खाते में पैसा नहीं पहुंचा है। कुछ टैक्स पेयर तो बार-बार पोर्टल चेक कर-करके परेशान हो चुके हैं। ऐसे में सबसे महत्वपूर्ण हो जाता है यह जानना कि आखिर अब आगे क्या करना होगा? पैसा कहां अटका है? यदि गलती हुई भी है तो कौन से हिस्से में गलती हुई है जो अभी तक पैसा नहीं आया?

IT रिफंड में देरी होने के सबसे आम कारण

इनकम टैक्स फाइल करने के बाद यदि रिफंड में देरी हो रही है तो इसका सबसे आम कारण होता है आपके द्वारा दिए गए डेटा में गलती।

  •  कई बार डेटा गलत नहीं होता परंतु फार्म 26 AS/ AIS में दिखाई गये रिकॉर्ड से मिल भी नहीं खाता और इसी वजह से बाकी सारे विवरण टैली नहीं होते और रिफंड की प्रक्रिया रुक जाती है।
  • कई बार बैंक खाता और पैन आधार लिंकिंग की समस्या की वजह से भी रिफंड बैंक में ट्रांसफर नहीं होता इस स्थिति में ‘प्रोसेस्ड’ जरूर दिखाता है परंतु खाते में पैसा नहीं आता।
  • कभी-कभी टैक्स विभाग आपके रिफंड में से ही पिछले टैक्स की देनदारी सेटल कर देता है। ऐसे में Processed तो दिखाता है लेकिन रिफंड आपके खाते में नहीं आता क्योंकि वह रिफंड से एडजस्ट किया जा चुका है।
  •  और कुछ विशेष मामलों में यदि रिफंड की राशि बहुत ज्यादा अधिक है तो टैक्स डिपार्टमेंट इस रिफंड को पुनः सत्यापित करने के लिए रोक देता है जब तक की टैक्स विभाग समीक्षाएं पूरी नहीं कर लेता तब तक यह रिफंड खाते में नहीं आता।
  •  इसके साथ ही टैक्स विभाग के पास रिटर्न प्रोसेस करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026 होती है ऐसे में रिटर्न भी इस बीच में कभी भी आ सकता है।

रिफंड की स्थिति ट्रैक करने के लिए क्या करें 

अपना ITR फाइल करने के बाद आपकी प्रोसेसिंग और रिफंड स्थिति ई-फाइलिंग पोर्टल पर साफ रूप से दिखाई देती है। रिफंड स्टेटस देखने के लिए आपको निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो करने होंगे

  •  सबसे पहले आपको ई-फाइलिंग पोर्टल  incometax.gov.in पर जाना होगा।
  •  यहां View File Return या रिफंड स्टेटस पर क्लिक करना होगा।
  •  इस विकल्प पर क्लिक करने के बाद अपने फॉर्म 26AS या एनुअल इनफॉरमेशन स्टेटमेंट और टैक्स इनफॉरमेशन समरी दोनों को जांचना होगा और चैक करना होगा कि दोनों में दिए गए विवरण सही है?
  •  यदि इनमें से कोई भी विवरण अलग है या त्रुटि पूर्ण है तो यही वजह है कि आपका रिफंड रुका हुआ है ऐसे में इसे जल्द से जल्द सुधार न होगा ताकि आपको रिफंड मिले।

रिफंड नहीं आया है तो क्या करें?

  • रिफंड यदि अभी तक नहीं आया है तो सबसे पहले रिफंड स्टेटस जांचे।
  •   स्टेटस जांचने के दौरान यदि आपके द्वारा दिया गया विवरण सही है तो Refund Re-issue Request पोर्टल पर पुनः रिक्वेस्ट दर्ज करें।
  •  इसके अलावा अगर आपको लगता है कि रिफंड गणना या ब्याज में किसी प्रकार की गलती हुई है तो section 154 के अंतर्गत Online Rectification Request को पुनः दाखिल करें।
  •  और यदि ऐसे ही समस्या चलती रही तो e-nivaran grievance पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

ITR और Form 26 AS मिसमैच हो तो क्या करें?

  •  यदि आपको रिफंड नहीं मिला है जिसका कारण डाटा मिसमैच होना है तो ऐसी स्थिति में Rectification Request 154 फाइल करें ।
  • सबसे पहले incometax.gov.in  के विकल्प पर क्लिक कर रेक्टिफिकेशन के विकल्प पर क्लिक करें।
  • अब assessment year का चुनाव करें, टैक्स क्रेडिट मिसमैच के विकल्प को चुने।
  •  अब सही TDS, इनकम और टैक्स डिटेल दोबारा भरें और सबमिट करें ।
  • इससे रिफंड सही तरीके से भी कैलकुलेट होगा जल्दी ITR का रिफंड आपके खाते में आ जाएगा।

अगर डेटा मिसमैच के कारण आपको नोटिस भेजा जा चुका है तो क्या करें?

  •  अगर डेटा मिसमैच की वजह से आपको ITR विभाग द्वारा नोटिस भेजा जा चुका है तो अब ऐसी स्थिति में नोटिस में दिए गए कारण को पढ़ें।
  • उसी के आधार पर रेक्टिफिकेशन या रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करें।
  •  इसके बाद ITS विभाग सत्यापन कर रिफंड जारी करता है।

कुल मिलाकर IT रिफंड की देरी एक सामान्य समस्या हो सकती है। लेकिन कई बार तकनीकी या डाटा संबंधित कारणों की वजह से इसे प्रोसेस होने में देरी हो जाती है। ऐसे में सही तरीके से ITR का विवरण भरें, बैंक, डेटा और अन्य जानकारी भी क्रॉस चेक कर भरें और समय-समय पर रिफंड स्टेटस जांचें। हालांकि ऊपर बताए गए सारे उपाय इस्तेमाल करने के बावजूद भी यदि ITR रिफंड जारी नहीं होता तो अंतिम रूप में ई- निवारण ग्रीवेंस पोर्टल या सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर से संपर्क करें और समस्या का निवारण प्राप्त करें।

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