यश ने बताया कि रावण का किरदार निभाने पर उनके बेटे यथर्व ने उन्हें ‘बुरा आदमी’ कहा। रामायण, भगवान राम और अभिनय-हकीकत का फर्क समझाने वाली यह बात चर्चा में है।

फिल्मों में अपने दमदार किरदारों से दर्शकों का दिल जीतने वाले सुपरस्टार यश के लिए इस बार असली परीक्षा घर में हुई। वजह बनी उनकी आने वाली फिल्म 'रामायण', जिसमें वह लंकापति रावण का किरदार निभा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि उनके छोटे बेटे यथर्व को अपने पिता का यह नया अवतार बिल्कुल पसंद नहीं आया।
यश ने हाल ही में एक बातचीत में खुलासा किया कि जब उनके बेटे को पता चला कि पापा भगवान राम नहीं, बल्कि रावण का किरदार निभाने वाले हैं, तो वह हैरान रह गया। उसने सीधे अपने पिता से सवाल कर दिया, 'नहीं, आप तो बुरे आदमी हैं! आप ऐसा कैसे कर सकते हैं?'
यश ने बेटे को समझाया कि फिल्म में उनका किरदार भले ही रावण का है, लेकिन असल जिंदगी में बच्चों को भगवान राम के आदर्शों पर चलना चाहिए। अभिनेता की यह बात अब सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।
Yash son Yatharv after watching #Ramayana movie in LA 😅 #Yash https://t.co/alrWnybXlX
— Dileep (@danameisDileep) October 31, 2026
दरअसल, निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' में यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी।
यश ने IANS के साथ बातचीत में बताया कि उनके बेटे को जब रामायण की कहानी समझ आई और उसने जाना कि उसके पिता रावण का किरदार निभा रहे हैं, तो वह काफी हैरान हुआ।
यश ने अपने बेटे की प्रतिक्रिया बताते हुए कहा कि उसने उनसे पूछा कि आप बुरे आदमी का किरदार क्यों निभा रहे हैं?
अभिनेता के लिए यह सवाल थोड़ा अप्रत्याशित था। उन्होंने बताया कि वह फिल्म में अपने अभिनय और दर्शकों को मिलने वाले अनुभव के बारे में सोच रहे थे, लेकिन उन्होंने यह नहीं सोचा था कि घर पर अपने बच्चे को इस किरदार के बारे में इतनी गहराई से समझाना पड़ेगा।
यथर्व के सवाल पर यश ने उसे सिर्फ यह नहीं बताया कि वह फिल्म में एक किरदार निभा रहे हैं, बल्कि रामायण की सबसे महत्वपूर्ण सीख भी समझाई।
यश के मुताबिक, उन्होंने बेटे को बैठाकर समझाया कि इस कहानी में भगवान राम ही ऐसे आदर्श हैं, जिनके रास्ते पर हर किसी को चलने की कोशिश करनी चाहिए।
उन्होंने समझाया कि रावण भले ही बेहद शक्तिशाली, भव्य और प्रभावशाली दिखाई देता हो, लेकिन जिंदगी में असली और स्थायी जीत धर्म और सही रास्ते पर चलने से मिलती है।
यश ने बेटे से यह भी कहा कि वह थिएटर में अपने पिता के अभिनय के लिए तालियां बजा सकता है, लेकिन पर्दे पर निभाए जा रहे किरदार को जीवन का आदर्श नहीं समझना चाहिए।
यही इस पूरी बातचीत का सबसे दिलचस्प पहलू है। एक तरफ यश अपने किरदार को प्रभावशाली बनाने की कोशिश कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ वह अपने बच्चों को कहानी और उसके संदेश के बीच का अंतर भी समझा रहे हैं।
यश और यथर्व की बातचीत यहीं खत्म नहीं हुई। बच्चे के मन में रामायण की कहानी को लेकर एक और सवाल आया।
यथर्व ने अपने पिता से पूछा कि क्या कहानी के आखिर में रावण हार जाता है और उसकी मृत्यु हो जाती है?
यश ने बताया कि यह सवाल उनके लिए थोड़ा मुश्किल था। उन्होंने जब फिल्म साइन की थी, तब उनके दिमाग में दर्शकों को एक शानदार परफॉर्मेंस देने की बात थी। लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इस किरदार को लेकर उन्हें अपने बेटे के ऐसे सवालों का सामना करना पड़ेगा।
अभिनेता के मुताबिक, बच्चे को यह समझाना उनके लिए एक अलग अनुभव था कि पर्दे पर दिखाई देने वाला किरदार और वास्तविक जिंदगी में उसका पिता दो अलग-अलग चीजें हैं।
रामायण में रावण और जटायु के बीच होने वाला युद्ध भी फिल्म के चर्चित दृश्यों में शामिल है।
इससे पहले यश खुद इस एक्शन सीक्वेंस को लेकर उत्सुकता बढ़ा चुके हैं। उन्होंने जटायु को विशालकाय पक्षी बताते हुए कहा था कि रावण और जटायु के बीच फिल्माया गया एक्शन सीक्वेंस काफी शानदार होने वाला है। इस दृश्य को विजुअल इफेक्ट्स की मदद से तैयार किया गया है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर यथर्व की प्रतिक्रिया को लेकर भी पोस्ट वायरल हो रही हैं। कुछ पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि जटायु वाले दृश्य को देखकर बच्चे ने अपने पिता से कहा कि उन्हें उस पक्षी को नहीं मारना चाहिए था।
हालांकि, इस खास प्रतिक्रिया की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। यश ने IANS को दिए इंटरव्यू में बेटे के 'बुरा आदमी' कहने और रावण के अंत को लेकर सवाल पूछने वाली बातचीत जरूर साझा की है।
इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल दावे और अभिनेता द्वारा बताई गई बातचीत को अलग-अलग समझना जरूरी है।
यश और उनकी पत्नी राधिका पंडित के लिए 'रामायण' एक पारिवारिक यादगार भी बन गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके बच्चे आयरा और यथर्व ने लॉस एंजेलिस में फिल्म की शुरुआती स्क्रीनिंग के दौरान पहली बार थिएटर में कोई फिल्म देखी। यह उनके लिए खास अनुभव था, क्योंकि पहली बार बड़े पर्दे पर उन्होंने अपने पिता को एक बड़े पौराणिक किरदार में देखा।
इस तरह 'रामायण' की स्क्रीनिंग सिर्फ फिल्म देखने का मौका नहीं रही, बल्कि यश के बच्चों के लिए बचपन की एक खास याद भी बन गई।
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही 'रामायण' भारतीय सिनेमा की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल है। फिल्म को दो भागों में रिलीज करने की योजना है।
पहले भाग में मुख्य भूमिकाएं निभाने वाले कलाकारों में शामिल हैं:
रणबीर कपूर – भगवान राम
साई पल्लवी – माता सीता
यश – रावण
रवि दुबे – लक्ष्मण
सनी देओल – भगवान हनुमान
फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के सहयोग से किया गया है।
फिल्म के हिंदी संस्करण को CBFC से U सर्टिफिकेट मिला है। इसकी अवधि 195 मिनट यानी 3 घंटे 15 मिनट बताई गई है। फिल्म का पहला भाग 5 नवंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाला है।
यश के बेटे की प्रतिक्रिया भले ही सुनने में मासूम और मजेदार लगे, लेकिन इसके पीछे एक बड़ी बात छिपी है। बच्चे पर्दे पर दिखने वाले किरदारों को कई बार वास्तविक जिंदगी से जोड़ लेते हैं।
यश ने जिस तरह अपने बेटे को समझाया कि किसी कलाकार का किरदार उसकी असली पहचान नहीं होता, वह बातचीत का सबसे खूबसूरत हिस्सा है।
खास बात यह है कि रावण जैसे प्रभावशाली किरदार को निभाने के बावजूद यश ने अपने बेटे को भगवान राम के आदर्शों को अपनाने की सीख दी। अब देखना दिलचस्प होगा कि 5 नवंबर को जब फिल्म सिनेमाघरों में पहुंचेगी, तब दर्शकों को यश का रावण कितना प्रभावित करता है।
Disclaimer: सोशल मीडिया पर वायरल जटायु वाले सीन से जुड़ी यथर्व की प्रतिक्रिया की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लेख में इसे अपुष्ट सोशल मीडिया दावे के रूप में प्रस्तुत किया गया है।