‘चिकन लेग पीस’ फेम उल्हास कामटे की मौत की खबर झूठी है। हॉरर फिल्म के प्रीमियर पर पैनिक अटैक के बाद अस्पताल पहुंचे थे; जानिए पूरा मामला और उनकी ताजा हेल्थ अपडेट।

सोशल मीडिया पर कब कौन सी खबर वायरल हो जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। लेकिन कई बार कुछ ऐसी खबरें सामने आ जाती हैं, जो लोगों को परेशान कर देती हैं। इन दिनों मशहूर फूड इन्फ्लुएंसर उल्हास कामटे (Ulhas Kamthe), जिन्हें इंटरनेट पर 'चिकन लेग पीस' वाले दादा के नाम से जाना जाता है, कुछ ऐसी ही वजह से चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनके निधन और हार्ट अटैक से मौत की खबरें तेजी से वायरल हो रही थीं। हालांकि, अब इन खबरों की सच्चाई सामने आ चुकी है।
दरअसल, उल्हास कामटे ने खुद सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर साफ कर दिया है कि वह बिल्कुल ठीक हैं और जिंदा हैं। उनके अस्पताल में भर्ती होने का वीडियो जरूर असली था, लेकिन उसके साथ फैलाए जा रहे दावे पूरी तरह गलत थे।
सबसे पहले यह जान लीजिए कि उल्हास कामटे के निधन की खबर पूरी तरह फर्जी है। वह जीवित हैं और उन्होंने खुद सामने आकर अपनी सेहत को लेकर जानकारी दी है।
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा था, जिसमें उल्हास की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो के सामने आने के बाद कुछ यूजर्स ने दावा करना शुरू कर दिया कि उन्हें हार्ट अटैक आया था और उनका निधन हो गया है।
देखते ही देखते यह खबर कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैल गई। उनके चाहने वाले परेशान हो गए और लोग उनकी सेहत को लेकर सवाल पूछने लगे।
हालांकि, इस पूरे मामले में सच्चाई कुछ और ही निकली।

मीडिया रिपोर्ट्स और उल्हास कामटे की ओर से साझा किए गए वीडियो के मुताबिक, यह घटना हॉरर फिल्म 'झाड़-फूंक' (Jhaad Phoonk) के प्रीमियर के दौरान हुई थी।
बताया गया कि उल्हास इस फिल्म की स्क्रीनिंग में शामिल होने के लिए मुंबई पहुंचे थे। उन्हें फिल्म की टीम की तरफ से व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया गया था।
उल्हास ने बताया कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर हॉरर फिल्में देखना पसंद नहीं है। शुरुआत में उन्होंने स्क्रीनिंग में आने से मना भी कर दिया था, लेकिन टीम के सदस्यों के आग्रह पर वह फिल्म देखने पहुंच गए।
फिल्म के दौरान एक डरावना सीन देखकर अचानक उन्हें घबराहट होने लगी। उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह अपनी सीट पर ही बेहोश हो गए।
यह देखकर वहां मौजूद फिल्म की टीम के लोग घबरा गए। इसके बाद डायरेक्टर और अन्य सदस्यों ने उन्हें तुरंत मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल पहुंचाया।
फिल्म की टीम के सदस्यों ने भी सामने आकर इस घटना की पूरी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि उल्हास को अचानक एंग्जायटी यानी घबराहट का दौरा पड़ा था। इसके बाद वह बेहोश हो गए थे। उस समय वहां मौजूद लोगों को लगा कि मामला काफी गंभीर है।
टीम ने उन्हें बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की और जरूरी इलाज दिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ समय तक अस्पताल में रहने के बाद उनकी हालत सामान्य हो गई और उन्हें छुट्टी दे दी गई।
यानी जिस अस्पताल वाले वीडियो को देखकर लोग उनके हार्ट अटैक और निधन की बातें कर रहे थे, वह दरअसल फिल्म के प्रीमियर के दौरान हुई एक पुरानी स्वास्थ्य संबंधी घटना का वीडियो था।
लगातार फैल रही मौत की खबरों के बाद उल्हास कामटे ने खुद सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया।
इस वीडियो में उनके साथ फिल्म 'झाड़-फूंक' की टीम के सदस्य भी नजर आए। उन्होंने बताया कि अस्पताल वाला वीडियो वास्तविक था, लेकिन उसके साथ जो खबरें फैलाई जा रही थीं, उनका सच्चाई से कोई संबंध नहीं है।
उल्हास ने अपने अंदाज में कहा कि वह अभी जिंदा हैं और बिल्कुल फिट हैं। पिछले दो दिनों से उनके निधन की खबरें चल रही थीं, जबकि वह पूरी तरह सामान्य हैं।
उन्होंने अपने फैंस का धन्यवाद भी किया। उल्हास ने कहा कि लोगों ने उनके लिए इतनी चिंता दिखाई और लगातार मैसेज व कॉल करके उनका हाल जाना, इसके लिए वह दिल से आभारी हैं।
उनके इस वीडियो के सामने आने के बाद फैंस ने राहत की सांस ली।
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उल्हास कामटे सोशल मीडिया के चर्चित फूड इन्फ्लुएंसर और कंटेंट क्रिएटर हैं। वह खासतौर पर अपने खाने-पीने के वीडियो के लिए जाने जाते हैं।
उनकी पहचान 'चिकन लेग पीस' वाले दादा के रूप में बनी। उनके वीडियो में बड़े-बड़े फूड प्लैटर, चिकन लेग पीस और मटन खाते हुए उनका खास अंदाज दर्शकों को काफी पसंद आता है।
धीरे-धीरे उनके वीडियो सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होते गए और उन्होंने बड़ी संख्या में फॉलोअर्स बना लिए।
उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके नाम से जुड़ी एक गलत खबर भी कुछ ही समय में इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गई।
उल्हास कामटे का मामला सिर्फ एक इन्फ्लुएंसर की हेल्थ अपडेट तक सीमित नहीं है। यह सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के खबरें फैलाने की समस्या को भी सामने लाता है।
किसी व्यक्ति के अस्पताल में भर्ती होने का वीडियो देखकर सीधे उसके निधन की खबर फैला देना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है।
खासकर तब, जब किसी की सेहत से जुड़ा मामला हो। ऐसी खबरें न सिर्फ संबंधित व्यक्ति के परिवार और दोस्तों को परेशान कर सकती हैं, बल्कि लाखों फॉलोअर्स के बीच भी डर और भ्रम पैदा करती हैं।
इसलिए किसी भी वायरल वीडियो या पोस्ट पर भरोसा करने से पहले उसकी सच्चाई जानना जरूरी है।
फिलहाल राहत की बात यह है कि उल्हास कामटे ने खुद सामने आकर अपनी सेहत को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उनके निधन की खबरें पूरी तरह झूठी हैं और वह ठीक हैं।