Ajay Devgan: भगवान शंकर के तीसरे नेत्र का क्रोध, उनका भोलापन, शिवतांडव स्त्रोत हम कई सालों से पौराणिक कथाओं से पढ़ते आ रहे हैं। भोलेनाथ के गुण उनके भक्त जानते हैं। वहीं अगर आप भोले के भक्त हैं तो आप Ajay Devgan की भोला फिल्म को जरुर देख सकते हैं।

Ajay Devgan ने किया भोला का निर्देशन

Ajay Devgan
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इसलिए फिल्म का नाम भगवान शंकर के नाम पर ‘भोला’ रखा गया। इस फिल्म की कहानी लोकेश कनकराज द्वारा लिखित तमिल फिल्म ‘कैथी’ पर आधारित है। इस फिल्म का हिंदी रीमेक बनाते समय खुद से अजय ने फिल्म का निर्देशन अपने कंधों पर लिया था।

Ajay Devgan ने नहीं किया ‘प्रिटिंग हाउस’ का इस्तेमालपिछले साल रिलीज हुई रीमेक फिल्म ‘दृश्यम 2’ को दर्शकों ने खूब पसंद किया। अब एक बार फिर ‘भोला’ के मौके पर अजय रीमेक लेकर दर्शकों के सामने आए हैं। आज की ओटीटी दुनिया में दर्शकों के लिए ‘मूल’ क्षेत्रीय फिल्में देखना आसान हो गया है। फिल्म ‘कैथी’ हिंदी में भी ओटीटी माध्यम पर उपलब्ध है।

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फिर भी अजय ने इसका रीमेक बनाने का फैसला किया है। लेकिन रीमेक बनाते वक्त उन्होंने ‘प्रिटिंग हाउस’ का इस्तेमाल नहीं किया। ‘भोला’ की तस्वीर फिर से बनाई गई है। इसलिए, ‘भोला’ उन दर्शकों को पसंद है, जिन्होंने ओरिजिनल तमिल फिल्म ‘कैथी’ नहीं देखी है।

भोला में Ajay Devgan और तब्बू की दमदार भूमिका

अजय इससे पहले ‘शिवाय’, ‘रनवे 34’ जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। अब अजय ने फिल्म ‘कैथी’ से अलग और आजाद पहचान दिलाने की कोशिश की है। अजय ने एक बार फिर अपनी दमदार एक्टिंग से दर्शकों को चौंका  कर रख दिया है।

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लेकिन, एक पुलिस अधिकारी डायना की भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री तब्बू सबसे ज्यादा भावनाओं में बह जाती दिखीं हैं। हालांकि अजय पूरी फिल्म में दिखाई देते हैं, तब्बू को उनके प्रदर्शन के लिए ज्यादा याद किया जाता है।

भोला की कहानी

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कई लोगों के जीने की चाहत के अपने कारण होते हैं, भोलापाशी (अजय देवगन) की वजह उनकी इकलौती बेटी है। वह जन्म से ही अनाथालय में है। भोला ने उसे उसके जन्म के बाद से नहीं देखा है। क्योंकि वह दस साल से जेल में है। बुरे कर्मों से मुक्त भोला के सिर पर एक दिव्य हाथ है। वह भगवान शंकर के भक्त हैं।

वह अपने माथे पर भस्म लगाता है।वहीं दूसरी ओर कर्तव्यपरायण पुलिस अधिकारी डायना और उनकी टीम को 1000 करोड़ रुपये का नशीला पदार्थ मिलता है। ये निठारी गैंग के हैं। फिल्म की कहानी भोला, भोला की बेटी, पुलिस अधिकारी डायना और निठारी के गिरोह की है। फिल्म इन्हीं चार बिन्दुओं के इर्द-गिर्द घूमती है।

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निठारी गैंग अपना करोड़ों रुपये का माल बरामद करने के लिए बेताब प्रयास करती है, फिर एक लड़ाई होती है। इसमें भोला की विशेष भूमिका है। उनके उग्र तेवर को समय-समय पर कहानी में देखा जा सकता है। अब आप कहते हैं, एक निर्दोष जो अभी-अभी जेल से छूटा है और अपराध से मुक्त हुआ है, फिर से ‘हत्यारा’ क्यों बन जाता है? इसका जवाब आपको फिल्म देखने के बाद मिल जाएगा।

फिल्म में नहीं Advendure सीन

फिल्म में शुरुआत से लेकर अंत तक कई एडवेंचर सीन्स हैं। फिल्म के इन दृश्यों की बारीकियों का अध्ययन कर रोमांचक ढंग से निर्देशन किया गया है। इसलिए स्क्रीनप्ले में बार-बार एडवेंचर सीन्स होने के बावजूद बोरियत नहीं होती।

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फिल्म की कहानी दर्शकों को जोड़े रखने में कामयाब साबित होती है। हालांकि सेकंड हाफ थोड़ा धीरे लगता है, लेकिन फिल्म अपनी गति को कम नहीं होने देती क्योंकि इसमें इमोशनल सीन्स की भरमार है।

VFX और 3डी प्रेजेंटेशन काबिले तारीफ

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फिल्म का वीएफएक्स और 3डी प्रेजेंटेशन काबिले तारीफ है। हालांकि, सेकेंड हाफ़ के एक सीन में बैकग्राउंड, सीजीआई, माहौल भद्दा और नकली लगता है । फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक सामान्य से ज्यादा इंटेंस लगता है। फिल्म में अहम किरदार निभाने वाले अभिनेता संजय मिश्रा और दीपक डोबरियाल ने भी बेहतरीन काम किया है।

Ajay Devgan लाएगें भोला का ‘सीक्वेल’

तकनीकी रूप से फिल्म संतोषजनक और अप-टू-डेट है।वही आखिरी की कहानी में कई सवाल अधुरे ही रह गए हैं। आखिर में फिल्म के सीक्वल की घोषणा भी कर दी गई है। इसलिए निर्देशक आने वाली फिल्म में ‘भोला’ की अधूरी कहानी को दर्शकों तक पहुंचाएंगे, लेकिन इससे पहले आप ‘भोला’ का ये ‘तांडव’  जरुर देख लीजिए। आपको कहानी कैसी लगी हमें कमेंट्स में जरुर बताएं।