2008 की मंदी के बाद सबसे ज्यादा अस्थिरता, निवेशकों में बढ़ी चिंता: इस हफ्ते सोने के बाजार में जबरदस्त हलचल देखने को मिली। कैपिटल मार्केट्स पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म The Kobeissi Letter के मुताबिक, सोने ने इतिहास का सबसे बड़ा सिंगल-डे मार्केट कैप स्विंग दर्ज किया है। प्लेटफॉर्म के अनुसार, एक ही ट्रेडिंग सेशन में सोने का कुल मार्केट वैल्यू करीब 5.5 ट्रिलियन डॉलर (करीब ₹450 लाख करोड़) तक ऊपर-नीचे हुआ। यह आंकड़ा मौजूदा वैश्विक कमोडिटी बाजारों में जारी भारी अस्थिरता को साफ तौर पर दिखाता है।
कुछ ही मिनटों में उड़ गए ₹260 लाख करोड़, फिर जोरदार वापसी
The Kobeissi Letter की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार सुबह 9:30 बजे से 10:25 बजे (ET) के बीच सोने के मार्केट कैप में करीब 3.2 ट्रिलियन डॉलर की गिरावट आई। इसका मतलब है कि हर मिनट औसतन 58 अरब डॉलर की वैल्यू मिटती चली गई। हालांकि इसके बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई। 10:25 बजे से लेकर बाजार बंद होने तक, सोने ने करीब 2.3 ट्रिलियन डॉलर की रिकवरी कर ली।
बिटकॉइन से कई गुना बड़ा झटका
अगर यह आंकड़े सही माने जाएं, तो यह उतार-चढ़ाव किसी भी अन्य एसेट क्लास से कहीं ज्यादा बड़ा है। तुलना करें तो बिटकॉइन का कुल मार्केट कैप करीब 850 अरब डॉलर के आसपास है। यानी, सोने में आया यह एक दिन का झटका पूरे क्रिप्टो बाजार से भी तीन गुना ज्यादा था — और वह भी महज छह घंटे से थोड़े ज्यादा समय में।
2008 की मंदी जैसी स्थिति?
The Kobeissi Letter ने इस पूरे घटनाक्रम को “Historic Trading Conditions” बताया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सोने की मौजूदा वोलैटिलिटी अब 2008 की ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के स्तर को भी पार कर चुकी है।
आखिर क्यों इतना डगमगाया सोने का बाजार?
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महंगाई को लेकर बनी अनिश्चितता
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ब्याज दरों की दिशा को लेकर असमंजस
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भू-राजनीतिक तनाव
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ट्रेड वॉर और करेंसी की कमजोरी, इन हालात में निवेशक आमतौर पर सोने जैसे सेफ-हेवन एसेट की ओर भागते हैं।
इसके अलावा,
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बड़े संस्थागत निवेशकों की तेज पोजिशनिंग
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एल्गोरिदम आधारित ट्रेडिंग
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डेरिवेटिव मार्केट में हाई-लेवरेज सौदे, इन सबने मिलकर कीमतों की चाल को और तेज कर दिया। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि अब सोने की कीमतें फिजिकल डिमांड से ज्यादा फाइनेंशियल फ्लो से प्रभावित हो रही हैं।
सिर्फ सोना नहीं, चांदी और प्लैटिनम में भी हलचल
यह उथल-पुथल सिर्फ सोने तक सीमित नहीं रही। हाल के दिनों में चांदी, प्लैटिनम और पैलेडियम में भी तेज इंट्रा-डे मूवमेंट देखने को मिला है। इससे साफ है कि निवेशक बार-बार रिस्क लेने और रिस्क से बचने के मोड के बीच झूल रहे हैं — कई बार तो कुछ घंटों के भीतर ही।
MCX पर चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, सोना भी ऑल-टाइम हाई पर
भारत में MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर भी इसका असर साफ दिखा।
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चांदी वायदा कीमत 6.3% उछलकर ₹4 लाख प्रति किलो के पार पहुंच गई
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वहीं सोने ने ₹1.8 लाख प्रति 10 ग्राम का नया ऑल-टाइम हाई छू लिया
2026 का आउटलुक: क्या और महंगा होगा सोना?
न्यूज़ एजेंसी Reuters के मुताबिक, Goldman Sachs जैसे बड़े बैंकों ने सोने के लिए अपने टारगेट प्राइस और बढ़ा दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बनी रहती है, तो सोना 6,000 डॉलर (करीब ₹5.5 लाख) प्रति औंस तक भी पहुंच सकता है। सोने का बाजार इस समय एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां हर खबर, हर आंकड़ा और हर बयान कीमतों को हिला रहा है। इतनी तेज वोलैटिलिटी यह संकेत देती है कि निवेशकों के लिए आने वाले महीने बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
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