ओ रोमियो मूवी : बॉलीवुड में कुछ जोड़ियां ऐसी होती है जिनका नाम सुनते ही दर्शकों की उम्मीदें आसमान छूने लगती हैं। शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की जोड़ी भी उन्हीं में से एक है। इस जोड़ी ने जब-जब एक साथ काम किया है तब तक कुछ अलग और धमाकेदार दिया है। ‘कमीने’ ने शाहिद के करियर को नई पहचान दी तो ‘हैदर’ ने शाहिद को एक्टिंग के शिखर पर पहुंचाया। लेकिन इस बार ‘ओ रोमियो’ मूवी वह जादू रीक्रिएट नहीं कर पाई। हालांकि मेहनत पुरी की गई लेकिन दर्शकों की उम्मीद पर शाहिद और विशाल की यह जोड़ी कुछ कमाल नहीं कर पाई।
ओ रोमियो मूवी, उम्मीदों का बोझ और कहानी की लड़खड़ाहट!!
शाहिद और विशाल भारद्वाज की जोड़ी एक बार फिर से साथ आने वाली है इस बारे में जैसे ही फैन्स को पता चला फैन्स काफी एक्साइटेड हो गए। इस बार भी फैन्स को उम्मीद थी कि इन दोनों की जोड़ी मिलकर कुछ मैजिक क्रिएट करेगी। फिर से एक नया मास्टरपीस देखने को मिलेगा। हालांकि ट्रेलर और प्रमोशन में कोई कमी नहीं रखी गई। प्रमोशन के दौरान इंटेंस लव स्टोरी के रूप में इस मूवी को पेश किया गया।
ट्रेलर में शाहिद एक एंग्री यंग मैन के अवतार में दिखाई दे रहे थे और विशाल की डार्क टोन स्टोरी साफ झलक रही थी। लेकिन बड़े पर्दे पर मूवी कुछ कमाल नहीं दिखा पाई। शुरुआत भले ही दमदार रही। एंट्री, बैकग्राउंड स्कोर, सिनेमैटोग्राफी सब कुछ परफेक्ट रहा लेकिन कहानी में विशाल भारद्वाज का मैजिक नहीं है। उनका डार्क इंटेंस स्टोरी टेलिंग गायब है।
यहां तक की फिल्म के साथ दर्शक भावनात्मक रूप से जुड़ भी नहीं पा रहे। मूवी में स्पष्ट ही नहीं हो पा रहा की यह फिल्म रोमांस के इर्द-गिर्द बुनी है या गैंगस्टर ड्रामा को ध्यान में रखा गया है? मूवी में ‘हैदर’ और ‘कमीने’ जैसी स्टोरी टेलिंग की कमी खलती है।
शाहिद विशाल की जोड़ी और ‘कमीने’ से ‘हैदर’ तक का जादू
2009 में ‘कमीने’ शाहिद कपूर के लिए एक टर्निंग प्वाइंट साबित हुई थी। डबल रोल लेकिन लहज़ा अलग, ग्रे शेड वाला किरदार जिसने यह साबित कर दिया कि शाहिद सिर्फ रोमांटिक हीरो और चॉकलेट बॉय नहीं है। बल्कि वह सच में एक्टिंग की बारीकी जानते हैं। विशाल भारद्वाज की डार्क स्टोरी टेलिंग ने इस फिल्म को कल्ट बना दिया।
इसके बाद 2014 में इसी जोड़ी ने नया इतिहास रचा और हैदर पर्दे पर लाई गई। शेक्सपियर के प्ले हैमलेट पर आधारित इस फिल्म ने शाहिद कपूर को एक्टिंग का जौहर दिखाने का मौका दिया। शाहिद कपूर की एक्टिंग, विशाल भारद्वाज की स्टोरी टेलिंग इन दोनों ने मिलकर इस फिल्म को मास्टरपीस बनाया।
शाहिद कपूर की मेहनत पूरी फिल्म का असर अधूरा
‘ओ रोमियो’ फिल्म में शाहिद कपूर ने पूरी ईमानदारी से काम किया। उनकी बॉडी लैंग्वेजज़ इंटेंस एक्सप्रेशन ,डायलॉग डिलीवरी कहीं से भी कुछ कम नहीं है। लेकिन किरदार लिखने के दौरान परत दर परत ध्यान नहीं दिया गया। यदि स्टोरी टैलिंग हैदर और कमीने की तरह ही होती तो यह मूवी भी आज अलग ऊंचाइयां छू रही होती। आज भी लोग शाहिद कपूर के ‘हैदर’ और ‘कमीने’ वाले रोल से बाहर नहीं निकाल पाए हैं। जब भी इंटेंस रोल की बात होती है तो इन दोनों कल्ट मूवीस की तुलना जरूर की जाती है।
ओ रोमियो मूवी पर क्या पैसे खर्च करना सही होगा?
यदि आप शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की जोड़ी के स्ट्रांग फैन है तो फिल्म एक बार देखनी तो बनती है। खास कर शाहिद कपूर के कुछ इंटेंस सीन आपको हैदर और कमीने की याद जरुर दिलाएंगे। लेकिन आप यदि इस फिल्म में हैदर या कमीने जैसा इंटेंस थ्रिल ढूंढ रहे हैं तो आपको निराश होना पड़ेगा। हालांकि यदि आपने यह दोनों कल्ट मूवीज़ नहीं देखी है और आप वेलेंटाइन वीक में कुछ मसाला देखना पसंद करते हैं तो यह मूवी आपको जरूर पसंद आएगी। हालांकि फिल्म बुरी नहीं है लेकिन उतनी खास भी नहीं है जितनी इस जोड़ी से उम्मीद की जा रही है।
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