Bollywood

कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव गोल्ड स्मगलिंग केस: 100 करोड़ के नेटवर्क का पूरा सच

रान्या राव

कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव का नाम हाल ही में सामने आए एक बड़े गोल्ड स्मगलिंग नेटवर्क में जिस तरह जुड़ा है, उसने पूरे मामले को बेहद सनसनीखेज बना दिया है। यह कोई छोटा-मोटा खेल नहीं था, बल्कि अफ्रीका से दुबई और फिर भारत तक फैला हुआ एक संगठित नेटवर्क था, जिसने महज़ एक साल के अंदर करोड़ों का अवैध कारोबार खड़ा कर लिया। हैरानी की बात ये है कि इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत घाटे से हुई थी, लेकिन बाद में यह 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के खेल में बदल गया।

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर रान्या राव की गिरफ़्तारी कैसे हुई?

रान्या राव

इस मामले की परतें तब खुलनी शुरू हुईं जब रान्या राव को मार्च 2025 में बेंगलुरु एयरपोर्ट पर दुबई से लौटते समय पकड़ा गया। उनके पास से करीब 14 किलो सोना बरामद हुआ, जिसकी कीमत लगभग 12.5 करोड़ रुपये बताई गई। जांच एजेंसियों को यहीं से शक गहराया और फिर जो खुलासे हुए, उन्होंने पूरे नेटवर्क की कहानी सामने ला दी।

दरअसल, रान्या राव और उनके सहयोगी तरुण कोंडुरु ने शुरुआत में सीधे अफ्रीका से सोना मंगाने की योजना बनाई थी। उन्हें बताया गया था कि दुबई के बाजार में आने वाला ज्यादातर सोना अफ्रीकी खदानों से आता है। इसी सोच के साथ उन्होंने दुबई में एक कंपनी भी बनाई और युगांडा, केन्या और तंजानिया में सप्लायर तलाशने लगे।

Africa Gold Scam: Uganda Deal Mein Kaise Hua 2 Crore Ka Nuksaan?

युगांडा के एक एजेंट ‘बेन’ के साथ उनकी पहली डील हुई। 5 किलो सोने की ट्रायल डील तय हुई, जिसके बाद 50 किलो का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट करने की बात थी। उन्होंने एडवांस के तौर पर हजारों डॉलर और लाखों रुपये टैक्स व फीस के नाम पर दे दिए। लेकिन सोना कभी नहीं पहुंचा। जब तरुण खुद युगांडा पहुंचे, तो उन्हें और पैसे देने को कहा गया। तभी उन्हें समझ आया कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं। इस पूरे चक्कर में करीब 2 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

इस झटके के बाद उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी। अब उन्होंने सीधे अफ्रीका से सोना मंगाने की बजाय दुबई के देइरा गोल्ड सूक से खरीदना शुरू किया। यहां अफ्रीकी डीलर कैश में सोना बेचते थे और कोई बैंक ट्रांजैक्शन नहीं होता था। रान्या खुद कैश लेकर जाती थीं और सोना खरीदती थीं।

इसके बाद शुरू हुआ असली खेल स्मगलिंग का। तरुण फर्जी कस्टम डिक्लेरेशन दाखिल करते थे, जिसमें दिखाया जाता था कि सोना किसी तीसरे देश जैसे स्विट्जरलैंड या थाईलैंड भेजा जा रहा है। लेकिन असल में वह सोना रान्या को दुबई एयरपोर्ट पर सौंप दिया जाता था। रान्या उसे अपने शरीर में छुपाकर भारत ले आती थीं।

मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच रान्या ने करीब 15 बार दुबई से भारत की यात्रा की और इस दौरान लगभग 128 किलो सोना देश में लाया गया, जिसकी कीमत 100 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। यह सोना भारत में ज्वेलर्स और नेटवर्क के जरिए बेच दिया जाता था।

जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई एयरपोर्ट पर VIP प्रोटोकॉल का कथित दुरुपयोग। बताया जा रहा है कि रान्या, जो एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की सौतेली बेटी हैं, को एयरपोर्ट पर विशेष सुविधा मिलती थी, जिससे वे आसानी से कस्टम जांच से बच जाती थीं।

अब इस पूरे मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चार्जशीट दाखिल कर दी है और 34 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति अटैच कर ली गई है। साथ ही, इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और संभवतः कुछ अधिकारियों की भूमिका की भी गहराई से जांच की जा रही है।

यह मामला सिर्फ एक स्मगलिंग केस नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले नेटवर्क, फर्जी दस्तावेज़ और सिस्टम की खामियों का इस्तेमाल कर बड़े स्तर पर आर्थिक अपराध किए जा सकते हैं। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

Share post: facebook twitter pinterest whatsapp