बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव इन दिनों फिल्मों नहीं बल्कि एक बड़े कानूनी विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं। अपने कॉमिक रोल्स से लोगों को हंसाने वाले राजपाल यादव को ₹2.5 करोड़ के चेक बाउंस केस में दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा, जिससे इंडस्ट्री और फैंस दोनों में हलचल मच गई है।
भावुक होकर बोले राजपाल यादव– “मैं अकेला हूं, कोई दोस्त नहीं…”
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरेंडर करने से पहले राजपाल यादव काफी टूटे हुए नजर आए। उन्होंने भावुक होकर कहा,

“सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं… कोई उपाय नहीं दिखता। यहां हम सब अकेले हैं।”
उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है और लोग उनकी जिंदगी के इस दर्दनाक दौर पर चर्चा कर रहे हैं।
2010 की एक फिल्म से शुरू हुआ पूरा ड्रामा
इस केस की कहानी शुरू होती है साल 2010 से, जब राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल फिल्म “Ata Pata Laapata” बनाने के लिए एक कंपनी से ₹5 करोड़ का लोन लिया था।
लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई और इसके बाद अभिनेता आर्थिक संकट में फंस गए। लोन चुकाने के लिए दिए गए कई चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद कंपनी ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर दिया।
कोर्ट का बड़ा फैसला, रकम पहुंची ₹9 करोड़
साल 2018 में कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी को दोषी करार देते हुए 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। हालांकि, उन्होंने कई बार अपील की और केस सालों तक चलता रहा। इस दौरान ब्याज और कानूनी खर्च के चलते बकाया रकम करीब ₹9 करोड़ तक पहुंच गई।
हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती

हाल ही में राजपाल यादव ने कोर्ट से और समय मांगा था, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी आखिरी अपील भी खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि अभिनेता ने बार-बार भुगतान का वादा किया, लेकिन उसे पूरा नहीं किया। इसी वजह से उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया गया।
सोशल मीडिया पर मचा बवाल
राजपाल यादव के जेल जाने की खबर से फैंस शॉक में हैं। सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि बॉलीवुड की चमक-दमक के पीछे कई सितारों की जिंदगी में आर्थिक संघर्ष छिपा होता है।
कुछ लोग उनके समर्थन में खड़े हैं तो कुछ लोग कानून की सख्ती को सही बता रहे हैं।
अब सबकी नजर कोर्ट की अगली सुनवाई पर है। अगर अभिनेता भुगतान की ठोस योजना पेश करते हैं, तो उन्हें राहत मिल सकती है। लेकिन फिलहाल, राजपाल यादव का यह मामला बॉलीवुड के सबसे चर्चित कानूनी विवादों में शामिल हो गया है।











