कश्मीरी पंडित बॉलीवुड सेलिब्रिटीज: कभी बर्फ से ढंकी वादियों, शांत मंदिरों और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए जाना जाने वाला कश्मीर 1990 में ऐसे दौर से गुजरा जिसने हजारों कश्मीरी पंडितों के परिवारों की जिंदगी बदल दी। यह केवल पलायन नहीं था। बल्कि असल में अस्तित्व बचाने की लड़ाई थी। हाल ही में Samay Raina ने अपने शो ‘Still Alive’ में इसी बात पर जोर दिया है, कि कश्मीरी पंडितों का पलायन सर्वाइवल था। क्योंकि अगर वह नहीं निकलते तो शायद जिंदा नहीं बचते। यह बयान केवल एक कलाकार की राय नहीं बल्कि उसी दर्द की झलक है जिसे कई पीढियां ने जिया है।
रातों-रात घर, जमीन, मंदिर, यादें छोड़कर हजारों परिवारों ने अनचाही अनजानी जगह पर नई शुरुआत की और आज वही समुदाय देश-विदेश में अपनी पहचान बना रहा है। खास बात यह है कि भारतीय फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में भी कई ऐसे नाम है जो कश्मीर से दर्द, पलायन और संघर्ष साथ लेकर आए और आज जाना पहचाना नाम बन गए हैं। आज उनमें से कई कश्मीरी पंडित बॉलीवुड सेलिब्रिटीज बन गए हैं, जिन्होंने इंडस्ट्री में अपने दम पर मिसाल कायम की है।
वे कश्मीरी पंडित बॉलीवुड सेलिब्रिटीज जो नहीं भूले अपना दर्द
अनुपम खेर: कश्मीरी पंडित बॉलीवुड सेलिब्रिटीज की सूची में सबसे पहला नाम अनुपम खेर का आता है। 1990 के पलायन में अनुपम खेर का परिवार मुंबई आ गया। अनुपम खेर ने ‘कश्मीर फाइल्स’ के जरिए इस इस घटना को पर्दे पर भी उतारा और दशकों तक दबा दी गई त्रासदी को अपनी कला के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाया।
कुणाल खेमू: कुणाल खेमू भी कश्मीरी परिवार से आते हैं। उन्होंने कई बार अपने घर और पहचान को खोने के दर्द के बारे में बताया है। कश्मीरी पंडित बॉलीवुड सेलिब्रिटीज की जब भी बात होती है कुणाल खेमू कश्मीर छोड़कर मुंबई आने की बात जरूर कहते हैं। हालांकि आज भी उनका परिवार कश्मीरी रीति रिवाज का पालन करता है।
मोहित रैना: ‘देवों के देव.. महादेव’, ‘उरी- द सर्जीकल स्ट्राइक’ से पहचान बनाने वाले मोहित रैना भी मूलतः कश्मीर के हैं। उन्हें और उनके परिवार को भी 1990 के दशक में कश्मीर से पलायन करना पड़ा था। सोशल मीडिया पर कई बार उन्होंने उस दौर की कहानियों को साझा भी किया है।
मानव कौल: कश्मीरी पंडित बॉलीवुड सूची में मानव कौल एक अहम जगह रखते हैं, क्योंकि वह अभिनेता ही नहीं बल्कि लेखक और थिएटर आर्टिस्ट भी हैं। उन्होंने अपनी कई किताबों में कई, नाटकों में कश्मीर पलायन के दर्द, अकेलेपन के भाव दिखाए हैं। कश्मीर छोड़कर जब वे इंदौर आए तो उन्हें यहां पर भी काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ा और बॉलीवुड में पैर जमाने के लिए भी उन्हें जी तोड़ मेहनत करनी पड़ी है।
आदित्य धर: आदित्य धर को कौन नहीं जानता ‘धुरंधर’ जैसी मूवी से बॉलीवुड में डंका बजाने वाले धर साहब कश्मीरी पंडित परिवार से हैं, इसलिए उनकी फिल्मों में कश्मीर के प्रति एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव दिखाई देता है। आदित्य धर ने भी अपनी पहचान बनाने के लिए काफी स्ट्रगल की है।
समय रैना: इंडिया गॉट लेटेंट जैसे चर्चित और विवादित शो के होस्ट और क्रिएटर समय रैना आजकल काफी चर्चाओं में हैं। उन्होंने हाल ही में विवादों के बाद ‘Still Alive’ शो से अपनी वापसी की और इस शो में उन्होंने कश्मीरी पंडितों के पलायन को सर्वाइवल बता कर बहस छेड़ दी है। समय रैना और उनके परिवार ने भी कश्मीर के पलायन का दर्द झेला है।
1990 का कश्मीरी पंडित पलायन कोई अचानक हुई घटना नहीं थी। उस समय घाटी में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों, धमकी और हत्याओं के कारण रातों-रात कई कश्मीरी परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार लगभग 3 से 5 लाख कश्मीरी पंडितों ने घाटी छोड़ी और यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा इंटरनल विस्थापन था।
लेकिन इन कश्मीरीयों ने कभी भी अपनी जड़ों को नहीं छोड़ा। ये आज अलग-अलग क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके हैं। इनमे कुछ कश्मीरी पंडित बॉलीवुड सेलिब्रिटीज बन चुके हैं तो कुछ राजनीती में हैं जो समय-समय पर अपने दर्द को दुनिया के सामने ला रहे हैं। IGL के समय रैना का हालिया बयान इसी का जीता जागता उदाहरण है की नई पीढ़ी के कश्मीर भी इतिहास को भूलना नहीं चाहते।

















