करण जौहर : बॉलीवुड में जब भी नेपोटिज्म की बहस छिड़ती है तो सबसे पहले नाम आता है करण जौहर का। स्टार किड्स को लॉन्च करने से लेकर इंडस्ट्री में इनसाइडर बनाम आउटसाइड की बहस में करण लंबे समय तक विवादों का केंद्र रहे। लेकिन नेपोटिज्म की आग ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि अब करण ने एक और बयान देकर इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया है।
जी हां हाल ही में एक प्रेस इंटरव्यू के दौरान करण जौहर ने साफ शब्दों में कहा है कि बॉलीवुड इंडस्ट्री में कोई किसी का सगा नहीं होता। उन्होंने कुछ चुनिंदा कलाकारों पर निशाना साधते हुए बयान दिया है कि कलाकार आज काफी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ईमानदारी जैसी चीज इंडस्ट्री से खत्म हो गई है। हर कोई अपने फायदे के लिए काम कर रहा है। जिसकी वजह से इंडस्ट्री में भरोसा पीछे छूटता जा रहा है।
हालांकि करण जौहर पर हमेशा आरोप लगा है कि उन्होंने नेपोटिज्म के चलते केवल अपनों को ही आगे बढ़ाया है। लेकिन करण जौहर के इस बयान ने तस्वीर को पूरा उल्टा कर दिया है। इशारों इशारों में उन्होंने ग्लैमर वर्ल्ड के रिश्तों को मौका परस्त बता दिया है।
क्या है करण जौहर बॉलीवुड बयान जिसपर छिड़ गया है विवाद ??
करण जौहर ने हाल ही में इंडस्ट्री की सच्चाई को सामने लाकर रख दिया है। उन्होंने बताया है कि यहां हर सितारा चमकता है, हर इवेंट फैंसी होती है। लेकिन असल में इस दुनिया की हकीकत बहुत ही कड़वी है। इस बिजनेस में कोई वफादार नहीं है। हर कोई बस कूदता फांदता रहता है।
साधारण शब्दों में कहें तो करण जौहर ने बॉलीवुड की चमक दमक को फेक बताया है। यहां कोई किसी पर भरोसा नहीं करता। बल्कि यहां रिश्ते भी मतलब को देखकर बनाए जाते हैं। साथ ही करण जौहर ने टैलेंट मैनेजमेंट के काम को “थैंकलेस जॉब” कहा है। उन्होंने बताया है कि कलाकार हर 2 साल में एजेंसी बदल देते हैं क्योंकि उन्हें क्विक रिजल्ट्स चाहिए और वह बहुत असुरक्षित हो चुके हैं।

बॉलीवुड को लेकर करण जौहर ने यह बयान क्यों दिया है?
असल में करण जौहर ने अपने एक इंटरव्यू में बॉलीवुड कलाकारों की पोल खोल कर रख दी है। करण जौहर टैलेंट मैनेजमेंट एजेंसी चलते हैं जिसका नाम है धर्मा कॉर्नरस्टोन एजेंसी ( DCAA)। इस एजेंसी में अब तक करण जौहर के साथ कई कलाकार जुड़े हुए थे जैसे कि जहान्वी कपूर, अनन्या पांडे, टाइगर श्रॉफ, विकी कौशल, तृप्ति डिमरी, गुल फतेह पीरजादा, सारा अली खान, शनाया कपूर, रोहित सराफ, राशा थदानी इत्यादि।
परंतु इनमें से कई स्टार जैसे कि रणवीर सिंह, परिणीति चोपड़ा इत्यादि ने अपनी एजेंसियां बदल ली हैं। वही जहान्वी कपूर ने भी हाल ही में DCAA को छोड़कर कलेक्टिव आर्टिस्ट नेटवर्क जॉइन कर लिया है। शायद इसीलिए करण जौहर में इंटरव्यू के दौरान बिना किसी कलाकार का नाम लेते हुए इस बिजनेस को थैंकलेस जब कह दिया है।
क्यों कहा करण जौहर ने टैलेंट मैनेजमेंट को थैंकलेस जॉब ?
करण जौहर ने बताया है कि टैलेंट मैनेजमेंट एजेंसी में कलाकार मतलब पूरा होने तक ही जुड़े रहते हैं। टैलेंट मैनेजमेंट एजेंसी असल में कलाकारों के केवल काम को नहीं संभालती बल्कि उनके अहंकार, कमजोरी और डर को भी संभालती है। और यही वजह है कि बॉलीवुड में आज कल भरोसा करना मुश्किल हो गया है। क्योंकि ग्लैमर में इंसान को पहचानना मुश्किल हो जाता है।
हालांकि करण जौहर खुद सफलता और असफलता से ऊपर उठ चुके हैं। उनका कहना हैं कि अगर वे बॉक्स ऑफिस के परफॉर्मेंस के आधार पर जिएंगे तो वह ICU में पहुंच जाएंगे। करण जौहर में यह भी कहा है कि वह किसी की आलोचना नहीं कर रहे परंतु बॉलीवुड की असलियत को उजागर कर रहे हैं।
कुल मिलाकर करण जौहर के इस विवादित बयान की वजह से सोशल मीडिया में आज आग लगी हुई है। करण जौहर ने बॉलीवुड के रिश्तों की पोल खोल कर रख दी है। जहां सच में वफादारी और इंसानियत को बचाए रखना मुश्किल हो गया है। लेकिन करण जौहर के इस बयान से एक प्रश्न और खड़ा होता है कि क्या सच में बॉलीवुड में वफादारी खत्म हो गई है? जो व्यक्ति कभी नेपोटिज्म के इल्जाम को झेलता था आज उसके भरोसे को ही क्या कलाकार तोड़ रहे हैं?

