राजधानी भोपाल के नितिन सेन आईसीसी के लेवल 1 कोच नियुक्त, विदेश में भी सिखा सकेंगे क्रिकेट की बारीकियां  

राजधानी भोपाल के रहने वाले नितिन सेन आईसीसी के लेवल 1 कोच नियुक्त किए गए हैं। नितिन ने यह कोर्स जून-जुलाई में किया था। नितिन की मानें तो इस कोर्स के पूरा होने के बाद वे भारत सहित आईसीसी के सदस्य देशों में भी बतौर कोच अपनी सेवाएं दे सकते हैं। दरअसल आईसीसी पूरे विश्व में क्रिकेट की रेग्युलेटरी बॉडी है। इस कारण नितिन अन्य देशों में जाकर भी बतौर क्रिकेट कोच अपनी सेवाएं दे सकते हैं। 

राजधानी भोपाल के नितिन सेन आईसीसी के लेवल 1 कोच नियुक्त, विदेश में भी सिखा सकेंगे क्रिकेट की बारीकियां  

राजधानी भोपाल के रहने वाले नितिन सेन आईसीसी के लेवल 1 कोच नियुक्त किए गए हैं। नितिन ने यह कोर्स जून-जुलाई में किया था। नितिन की मानें तो इस कोर्स के पूरा होने के बाद वे भारत सहित आईसीसी के सदस्य देशों में भी बतौर कोच अपनी सेवाएं दे सकते हैं। दरअसल आईसीसी पूरे विश्व में क्रिकेट की रेग्युलेटरी बॉडी है। इस कारण नितिन अन्य देशों में जाकर भी बतौर क्रिकेट कोच अपनी सेवाएं दे सकते हैं। 

नितिन ने StackUmbrella से विशेष बातचीत में बताया कि इसके आगे वे लेवल 2 और लेवल 3 कोर्स के लिए अप्लाई करने के लिए भी एलिजिबल हो गए हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें किसी टीम के साथ बतौर कोच कम से कम एक साल बिताना होगा।

बचपन के शौक ने ही बना दिया क्रिकेट कोच : 
नितिन बताते हैं कि क्रिकेट का शौक उन्हें बचपन से ही रहा है। अंडर 19 तक वे लगातार क्रिकेट खेलते रहे थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी क्षमता को समझते हुए एक कोच के रूप में अपना कैरियर बनाने के बारे में सोचा। इस कारण उन्होंने बतौर क्रिकेट कोच सेवाएं देने के बारे में सोचा। इस दौरान उन्होंने बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी और महारानी लक्ष्मीबाई नेशनल यूनिवर्सिटी ग्वालियर से भी टीम का प्रतिनिधित्व किया।


नितिन वर्तमान में राजस्थान के अलवर जिले में स्थित द सागर स्कूल में बतौर क्रिकेट कोच दो साल से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उसके पहले नितिन पूर्व भारतीय उपकप्तान वीरेंद्र सहवाग के हरियाणा स्थित स्कूल में बतौर क्रिकेट कोच अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 

इस तरह से बना सकते हैं स्पोर्टस कोच के रूप में अपना कैरियर : 
क्रिकेट कोच के रूप में कैरियर बनाने के लिए नितिन ने कॉलेज के दिनों में ही भारतीय खेल प्राधिकारण, बैंगलुरू से स्पोर्टस एंड एक्सरसाइज साइंस फिजियोलॉजी में डिप्लोमा कंप्लीट कर डिप्लोमा इन फिटनेस मैनेजमेंट का कोर्स ग्वालियर से किया। नितिन बताते हैं इसके बाद बतौर फिटनेस कोच उन्होंने इंडिया की जूडो टीम के साथ भी काम किया। इसके साथ ही उन्होंने भोपाल से बीपीएड और एमपीएड की डिग्रियां भी हासिल कीं। 


नितिन बताते हैं कि यदि कोई स्टूडेंट बतौर कोच अपना कैरियर डेवलप करना चाहता है तो इसके लिए डिप्लोमा इन स्पोर्टस कोचिंग करने के बाद किसी भी सरकारी संस्था के साथ जुड़कर अपना कैरियर बनाते हैं तो सरकार द्वारा निर्धारित वेतन तो मिलता ही है। इसके अलावा कई तरह की सरकारी सुविधाएं भी मिलती हैं। 

निजी क्षेत्र में भी हैं बड़े अवसर : 
नितिन बताते हैं कि इसके अलावा बतौर कोच निजी क्षेत्र में भी कैरियर बनाने के बहुत मौके हैं। आजकल कई स्कूल्स और स्पोर्टस क्लब भी अच्छे कोच को अपने यहां काम करने का अवसर देते हैं। इसके अलावा डिस्ट्रिक्ट लेवल, स्टेट लेवल और नेशनल लेवल पर भी टीम के साथ बतौर कोच अपनी सेवाएं दे सकते हैं। इसके साथ ही ट्रेनर, फिजियो और डायटीशियन के रूप में भी अपनी सेवाएं दे सकते हैं।

वहीं स्पोर्टस मैनेजमेंट में डिप्लोमा करके टीम के मैनेजर के रूप में भी अपनी सेवाएं दे सकते हैं। 

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