Relief for Farmers: रबी सीज़न 2026 को लेकर किसानों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर चना, मसूर और सरसों की बड़े पैमाने पर सरकारी खरीद को मंज़ूरी दे दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब कृषि मंडियों में रबी फसलों की आवक तेज़ी से बढ़ रही है और किसानों को अक्सर खुले बाज़ार में बाज़ार दर से कम दाम मिलने की चिंता सताती है।
सरकार के इस कदम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनकी कड़ी मेहनत का उचित मूल्य मिले और साथ ही दालों और तिलहनों के उत्पादन को भी बढ़ावा मिले। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह खरीद अभियान उत्तर प्रदेश, हरियाणा और कर्नाटक में चलाया जाएगा, जिसकी कुल अनुमानित कीमत 11,698 करोड़ रुपए से अधिक होगी।
MSP पर 1.8 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक फसलों की खरीद
केंद्र सरकार के इस बड़े फैसले के तहत, 1.8 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक रबी फसलें MSP पर खरीदी जाएँगी। इसमें चना, मसूर और सरसों जैसी प्रमुख फसलें शामिल हैं, जिन्हें किसानों की आय का एक मुख्य स्रोत माना जाता है। MSP पर खरीद यह सुनिश्चित करती है कि किसानों को एक पहले से तय सुरक्षित मूल्य मिले, जिससे वे बाज़ार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रहते हैं।
खास बात यह है कि यह खरीद ‘मूल्य समर्थन योजना’ (PSS) के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य किसानों को अपनी उपज संकटग्रस्त कीमतों (बहुत कम दामों) पर बेचने के लिए मजबूर होने से बचाना है। इससे न केवल किसानों की आय स्थिर होगी, बल्कि सरकार की खरीद व्यवस्था में उनका भरोसा भी मज़बूत होगा। जैसे-जैसे मंडियों में फसलों की आवक बढ़ेगी, यह फैसला किसानों के लिए और भी अधिक फायदेमंद साबित होने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश के किसानों को सबसे ज़्यादा फायदा
इस फैसले से उत्तर प्रदेश के किसानों को सबसे ज़्यादा फायदा होने वाला है। राज्य के भीतर लगभग 1.43 मिलियन मीट्रिक टन चना, मसूर और सरसों की खरीद को मंज़ूरी दे दी गई है। इस खरीद की अनुमानित कीमत लगभग 9,341 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इससे लाखों किसानों को सीधा फ़ायदा होगा। खासकर उन किसानों को जो बड़े पैमाने पर चना और मसूर की खेती करते हैं।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी खरीद से किसानों में समय पर भुगतान की उम्मीदें भी बढ़ी हैं, जिससे उन्हें अगले फसल सीज़न की तैयारियों में आसानी होगी। बाज़ार की कीमतों में गिरावट आने पर भी किसान सुरक्षित रहेंगे और उन्हें कम से कम आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख कृषि राज्यों में इस फ़ैसले से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई गति मिलने की उम्मीद है।
हरियाणा में सरसों और चने पर ज़ोर
यह फ़ैसला हरियाणा के किसानों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहाँ 3,73,000 मीट्रिक टन चने और सरसों की खरीद को मंज़ूरी दी गई है, जिसका कुल अनुमानित मूल्य 2,312 करोड़ रुपए से ज़्यादा है। चूंकि हरियाणा में सरसों की खेती बड़े पैमाने पर होती है, इसलिए MSP-आधारित खरीद से किसानों को बेहतर मुनाफ़ा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इससे किसानों को दालों और तिलहनों की खेती की ओर मुड़ने के लिए और ज़्यादा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा सरकार का लक्ष्य खाद्य तेलों और दालों का घरेलू उत्पादन बढ़ाना है, ताकि देश की आयात पर निर्भरता कम हो सके।
कर्नाटक में कुसुम (Safflower) की MSP पर खरीद को मंज़ूरी
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रबी 2025-26 सीज़न के लिए मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत कुसुम (Safflower) की खरीद को मंज़ूरी दे दी है। सरकार कुल प्रस्तावित मात्रा का 25 प्रतिशत, यानी 6,923 मीट्रिक टन उपज MSP पर खरीदेगी। इस सीज़न के लिए, कुसुम का MSP 65,400 रुपए प्रति मीट्रिक टन तय किया गया है। इस पहल से किसानों को लगभग 45.27 करोड़ रुपए का सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा, जिससे उन्हें खुले बाज़ार में कम कीमतें मिलने की चिंता से राहत मिलेगी।
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किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को स्थिर करने की रणनीति
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ़ संकेत दिया है कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने पर अपना ध्यान पूरी तरह से केंद्रित रखे हुए है। MSP-आधारित खरीद से जुड़ा यह फ़ैसला सिर्फ़ मौजूदा रबी सीज़न तक ही सीमित नहीं है। बल्कि, यह एक व्यापक रणनीति का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आने वाले वर्षों में दालों और तिलहनों का उत्पादन बढ़ाना है।
उम्मीद है कि आने वाले मौसमों में किसानों को चना, मसूर और सरसों जैसी फसलें बोने के लिए और अधिक प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मज़बूत हो और कृषि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे खरीद प्रक्रिया में तेज़ी आएगी, किसानों के चेहरों पर राहत की भावना साफ तौर पर दिखाई देगी।

















