मध्यप्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मेहनतकश किसान हैं। प्रदेश के किसानों को समृद्ध बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार लगातार नए और प्रभावी कदम उठा रही है। सरकार का फोकस केवल योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की आय, संसाधन और भविष्य को मजबूत करना है।
2026 होगा किसानों के लिए खास साल
मध्यप्रदेश सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण के लिए समर्पित वर्ष के रूप में देख रही है। सरकार इसे केवल एक कैलेंडर वर्ष नहीं, बल्कि एक मिशन के रूप में लागू करने की तैयारी में है, ताकि किसान आर्थिक रूप से मजबूत बनें और प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिले।
फरवरी में पेश होगा बजट, किसानों को मिल सकती हैं बड़ी सौगातें
फरवरी में प्रदेश का आगामी बजट पेश किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस बजट में किसानों के लिए कई बड़े ऐलान हो सकते हैं। इन योजनाओं से प्रदेश के अन्नदाताओं की किस्मत बदलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सीएम मोहन यादव ने जी मीडिया से बातचीत में दी जानकारी
जी मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि सरकार 2026 में किसानों के लिए विशेष योजनाएं लाने जा रही है। उन्होंने संकेत दिए कि बजट में किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे।
सरकार का 5 साल का रोडमैप
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि सरकार ने अपने 5 साल के कार्यकाल को चार हिस्सों में बांटा है—
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2024: महिलाओं के विकास पर फोकस
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2025: रोजगार सृजन, युवाओं और गरीबों के लिए योजनाएं
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2026: किसानों के हित में बड़े कदम
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2027: समग्र विकास के लक्ष्य को मजबूती, सीएम ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2026 पूरी तरह किसानों को समर्पित रहेगा।
2026 बनेगा ‘किसान कल्याण वर्ष’
मध्यप्रदेश सरकार पहले ही 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित कर चुकी है। इसका उद्देश्य है— समृद्ध किसान, समृद्ध प्रदेश। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार मिशन मोड में काम करेगी।
15 से ज्यादा विभाग मिलकर करेंगे काम

किसान कल्याण वर्ष के तहत 15 से अधिक विभाग संयुक्त रूप से काम करेंगे, जिनमें प्रमुख हैं—
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग
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उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण
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पशुपालन
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सहकारिता
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पंचायत एवं ग्रामीण विकास
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जल संसाधन
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ऊर्जा विभाग
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वन विभाग
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सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम
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औद्योगिक नीति विभाग
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मंडी बोर्ड
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बीज निगम
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एमपी एग्रो
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दुग्ध संघ
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आजीविका मिशन, इन सभी विभागों के समन्वय से किसानों को बहुआयामी लाभ देने की योजना है।
बजट में किसानों के लिए क्या हो सकते हैं बड़े ऐलान?
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माइक्रो इरिगेशन को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी में बढ़ोतरी
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शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसली ऋण योजना के दायरे का विस्तार
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क्लस्टर आधारित फसलों (केला, संतरा, लहसुन) के लिए
हर जिले में नए कोल्ड स्टोरेज के निर्माण हेतु बड़ा फंड -
भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं को मजबूत करने की योजना, हालांकि, इन घोषणाओं को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
किसानों के भविष्य पर सरकार का फोकस
मोहन यादव सरकार का साफ संदेश है कि आने वाले समय में किसान केवल उत्पादक नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और समृद्ध भागीदार बनेंगे। यदि बजट में अपेक्षित घोषणाएं होती हैं, तो 2026 वास्तव में मध्यप्रदेश के किसानों के लिए ऐतिहासिक साल साबित हो सकता है।
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