नोएडा। कई किसान संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फसलों पर MSP गारंटी, बुढ़ापा पेंशन और किसानों से जुड़े दूसरे मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुरुक्षेत्र स्थित घर के बाहर डेरा डाल (Kisan Andolan) दिया है। हरियाणा के किसान नेताओं ने इंडिया-US ट्रेड डील के खिलाफ नारे लगाए और बुढ़ापा पेंशन और फसलों पर MSP गारंटी समेत कई मुद्दों पर सरकार से सवाल किए। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसान विरोधी नीतियां लागू कर रही है।
किसान विरोधी नीतियों का आरोप
भारतीय किसान एकता (इंडियन फार्मर्स यूनिटी) के नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार US के साथ चुपके से बातचीत कर रही है और गोलमोल बयान जारी कर रही है। किसानों ने अपनी नाराजगी जाहिर की और चेतावनी दी कि उन्हें दूसरे आंदोलन के लिए मजबूर न किया जाए। उन्होंने मांग की कि सरकार उनकी मांगें पूरी करे, नहीं तो आंदोलन लंबा चलेगा।
किसानों ने हरियाणा के CM के घर पर धरना दिया। भारतीय किसान एकता के हरियाणा स्टेट प्रेसिडेंट लखविंदर सिंह औलाख ने कहा कि किसान आज US-इंडिया ट्रेड डील और MSP गारंटी समेत स्टेट लेवल की स्कीमों की मांग को लेकर एकजुट हुए हैं। उन्होंने कहा कि BKU के कई संगठन आज CM के घर पर धरना दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले 17 फरवरी को सिरसा में डिप्टी कमिश्नर ऑफिस पर FTA और US के साथ ट्रेड एग्रीमेंट के विरोध में US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले जलाए गए थे।
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किसानों ने CM सैनी का पुतला जलाया
हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर, भारतीय किसान एकता, BKU सर छोटू राम, किसान मजदूर संघर्ष समिति और BKU आजाद समेत कई संगठनों के किसानों ने CM के घर पर धरना दिया और हरियाणा सरकार द्वारा बुढ़ापा पेंशन में कटौती के विरोध में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पुतला जलाया।
किसानों ने कहा कि सरकार ने चुनाव के दौरान धान के लिए 3,100 रुपये MSP देने का वादा किया था, लेकिन सरकार अपने वादे से मुकर गई है। इसके अलावा, हरियाणा में बाजरा और कपास के किसान सिंचाई की समस्या के कारण अपनी फसल नहीं बो पा रहे हैं। सरकार ने इस मुद्दे को नज़रअंदाज़ किया और इसके बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
किसानों को बड़े आंदोलन (Kisan Andolan) के लिए मजबूर न करें
हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर, किसान 24 फरवरी और 25 फरवरी को कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री के आवास के बाहर किसानों और मजदूरों के लिए पूरी कर्ज माफी सहित अपनी सभी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा काटी गई बुढ़ापा पेंशन को फिर से शुरू करने की भी मांग की।
किसान नेताओं ने कहा कि चौधरी देवी लाल ने 1987 में किसानों के लिए बुढ़ापा पेंशन शुरू की थी, लेकिन मौजूदा सरकार इसमें कटौती जारी रखे हुए है। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार नए किसान विरोधी कानून लाकर उन्हें परेशान कर रही है। उन्होंने किसानों और मजदूरों को दूसरे आंदोलन के लिए मजबूर न करने की चेतावनी दी।
अमेरिका के साथ डील से किसानों को नुकसान होगा : लखविंदर औलाख
किसान नेता लखविंदर सिंह औलाख ने कहा कि बीजेपी सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने सरेंडर करके उनके साथ जो ट्रेड डील की है, उससे भारत के किसान, पशुपालक, मछली पालक और खेती से जुड़े बिजनेस बर्बाद हो जाएंगे।
किसान नेता ने कहा कि यह समझौता सीक्रेट बातचीत से हुआ था और इसकी शर्तों का खुलासा नहीं किया गया। इसके बजाय, सिर्फ गोलमोल बयान जारी किए गए। बीकेई ने एक बयान में कहा कि कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने देश को गुमराह किया है।

