• Latest
  • Trending
  • All
Crop prices down

Crop Price down : फसलों के ग‍िरते दाम से फूलीं किसानों की सांसें, बाजार में नहीं मिल रहा उचित रहा भाव

February 13, 2026
ब्रेस्ट साइज और एक्सरसाइज

ब्रेस्ट साइज और एक्सरसाइज : वर्कआउट से ब्रेस्ट साइज कम होता है या नहीं? फिटनेस एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

March 10, 2026
सायली सुर्वे

सायली सुर्वे: कौन हैं मिस इंडिया अर्थ सायली सुर्वे? जानिए उनके पति, परिवार और वापसी की पूरी कहानी

March 10, 2026
Malaika Arora और Sorab Bedi की बढ़ती नज़दीकियां! क्या फिर शुरू हुई नई लव स्टोरी?

Malaika Arora और Sorab Bedi की बढ़ती नज़दीकियां! क्या फिर शुरू हुई नई लव स्टोरी?

March 10, 2026
hollywood movies

हॉलीवुड की 10 बोल्ड फिल्में, जिनके हॉट और सेक्सी सीन हुए थे वायरल

March 10, 2026
PM किसान 22 वीं किस्त

PM किसान 22 वीं किस्त: किसानों का इंतजार खत्म, इसी हफ्ते इस तिथि पर आएंगे ₹2000, देखें पात्रता और लिस्ट

March 10, 2026
फैटी लिवर

नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर: बिना शराब पीए भी हो सकती है बीमारी, जानें लक्षण, कारण और बचाव

March 10, 2026
Makhana khane ke fayde in Hindi

Health Tips : सेहत के लिए बेहद ही फायदेमंद होता है मखाना, जानें खाने के तरीके

March 10, 2026
MS Dhoni ने हवाई जहाज में बनाया क्रिकेट स्टेडियम जैसा माहौल

MS Dhoni ने हवाई जहाज में बनाया क्रिकेट स्टेडियम जैसा माहौल, फैंस हुए एक्साइटेड

March 10, 2026
2026 Toyota Rumion

2026 Toyota Rumion का नया सस्ता वेरिएंट लॉन्च, अब ₹9.56 लाख से शुरू होगी MPV

March 10, 2026
Shukra Rashi Parivartan 2026

Shukra Rashi Parivartan: राम नवमी पर मेष राशि में प्रवेश करेंगे शुक्र, इन राशियों की बदलेगी किस्मत

March 10, 2026
MP Heatwave

MP Heatwave: मध्य प्रदेश में सितम ढाने लगी गर्मी, 40 डिग्री पार जा सकता है पारा

March 10, 2026
Mohan Cabinet

Cabinet: मोहन कैबिनेट ने 3% महंगाई भत्ते को मंजूरी दी, अन्य मुद्दों पर भी हुई चर्चा

March 10, 2026
Wednesday, March 11, 2026
StackUmbrella – Breaking News, Jobs & Tech
  • होम
  • टॉप न्यूज़
    • ऑटोमोबाइल
    • बिज़नेस
    • जॉब वेकेन्सीस
    • वायरल वीडियो
    • गैजेट
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • बिहार
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • एग्रीकल्चर
    • फार्मर्स
  • स्पोर्ट्स
    • IPL 2024
    • IPL 2023
  • मनोरंजन
    • ‎बॉलीवुड
    • हॉलीवुड
  • अन्‍य
    • धार्मिक
    • ट्रेंडिंग
    • हैल्‍थ
    • इन्स्पिरेशन
    • गेमिंग
    • ट्रेवल
  • वेब स्टोरीज
  • इंग्लिश
No Result
View All Result
StackUmbrella – Breaking News, Jobs & Tech
No Result
View All Result
Home Agriculture

Crop Price down : फसलों के ग‍िरते दाम से फूलीं किसानों की सांसें, बाजार में नहीं मिल रहा उचित रहा भाव

Manohar Pal by Manohar Pal
February 13, 2026
in Agriculture, Farmer
Crop prices down

Crop prices down

0
VIEWS
whatsappShare on FacebookShare on Twitter

सिर्फ कागजों में बढ़ रहा एमएसपी, उपज के गिरते दाम से किसान परेशान

Crop Price down : फसलों के लगातार गिरते दामों से किसानों की सांसें फूलने लगी हैं। किसानों की ये समस्या वर्षों से चली आ रही है, ज‍िन फसलों के हम बड़े आयातक हैं, उनका भी सही दाम अपने क‍िसानों को नहीं दे पा रहे हैं। सही दाम से मेरा मतलब एमएसपी से है। एमएसपी मतलब न्यूनतम दाम। उससे कम कीमत म‍िलने का मतलब नुकसान है। इंडो-यूएस ट्रेड डील से फायदा होगा या नुकसान इस पर अभी अंदाजा लगाईए, लेक‍िन जो सच सरकारी आंकड़ों में दर्ज हो चुका है उससे पता चलता है क‍ि क‍िसान क‍ितने बड़े संकट से गुजर रहे हैं। उसी से पता चलता है क‍ि आख‍िर क‍िसान धान, गेहूं की खेती छोड़कर क्यों दलहन-त‍िलहन की ओर नहीं श‍िफ्ट होते।

भारत कृष‍ि प्रधान देश है। यहां लगभग 14 करोड़ क‍िसान पर‍िवार हैं। इसके बावजूद हमने 2024-25 में कृष‍ि उपज के आयात पर 3,13,225 करोड़ रुपये खर्च क‍िए, ज‍िसमें सबसे ज्यादा पैसा खाद्य तेलों और दालों के आयात पर लगाया गया। एक साल में ही हमने लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये के खाद्य तेल और 47 हजार करोड़ की दालें मंगवाई हैं। इसका सीधा मतलब यह है क‍ि भारत खाद्य तेल और दालों की घरेलू जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहा।

ऐसे में कायदे से भारत में त‍िलहन और दलहन फसलों की खेती करने वाले क‍िसानों को उनकी उपज की सही कीमत म‍िलनी चाह‍िए, लेक‍िन ऐसा नहीं हो रहा। इंपोर्ट ड्यूटी कम करके, एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर और एक्सपोर्ट बैन करके फसलों का दाम ग‍िराया जा रहा है। इस तरह फसलों के सही दाम का संकट महज ड‍िमांड-सप्लाई से जुड़ा नहीं है, बल्क‍ि यह एक नीत‍िगत चक्रव्यूह है।

Rea Also- मप्र में किसानों के लिए लाभकारी व्यवसाय बन रहा कृषि और पशुपालन

 

सोयाबीन भी किसानों को नहीं दिला पा रही राहत

त‍िलहन फसलों में अहम स्थान रखने वाली सोयाबीन की खेती महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान में प्रमुख तौर पर होती है। सोया ऑयल दूसरे देशों से मंगाया जा रहा है, लेक‍िन अपने क‍िसानों को हम सही दाम नहीं द‍िला पा रहे हैं। क‍िसान प‍िछले दो वर्ष से सोयाबीन को एमएसपी से कम कीमत पर बेचने के ल‍िए मजबूर हैं। केंद्रीय कृष‍ि मंत्रालय की र‍िपोर्ट बताती है क‍ि जनवरी 2024 में सोयाबीन का एमएसपी 4600 रुपये प्रत‍ि क्व‍िंटल था, जबक‍ि बाजार में क‍िसानों को कीमत म‍िली स‍िर्फ 4479 रुपये क्व‍िंटल।

Crop prices down
Crop prices down

जनता में एक धारणा है क‍ि क‍िसानों को सरकार हर साल फसल का दाम बढ़ाकर दे रही है, फ‍िर क‍िसानों में असंतोष क्यों है? दरअसल, यह सच है क‍ि सरकार हर साल एमएसपी बढ़ा रही है, लेक‍िन उसका म‍िलना अधूरा सच है। ज्यादातर क‍िसानों को एमएसपी म‍िलती नहीं। सरकार एमएसपी घोष‍ित करती है, लेक‍िन अपने ही तय क‍िए गए दाम को द‍िलाने की कोई ‘गारंटी’ नहीं देती. सोयाबीन इसका बड़ा उदाहरण है. जनवरी 2025 में सोयाबीन की एमएसपी 4892 रुपये थी, लेक‍िन बाजार भाव पहले से भी कम होकर महज 4070.96 रुपये रह गया।

अक्टूबर 2025 में सोयाबीन का एमएसपी बढ़कर 5328 रुपये हो गया, लेक‍िन बाजार भाव पहले से भी घटकर महज 3941.56 रुपये प्रत‍ि क्व‍िंटल ही रह गया। इसका बाजार भाव जनवरी 2026 में बढ़कर 4976.72 रुपये तक पहुंचा। हालांक‍ि, यह भी एमएसपी से कम ही है। महाराष्ट्र से लेकर मध्य प्रदेश तक में, नेताओं ने सोयाबीन कीमत की द‍िलाने के ल‍िए ज‍ितने भी दावे क‍िए हैं वो सब फ्लॉप साब‍ित हुए हैं।

 

तुवर दाल का दाम

भारत में तूर सबसे ज्यादा खाई जाने वाली दालों में शाम‍िल है। एक तरफ हम दालों का आयात कर रहे हैं तो दूसरी ओर अपने क‍िसानों को सही कीमत नहीं दे रहे हैं। केंद्रीय कृष‍ि मंत्रालय की र‍िपोर्ट बताती है क‍ि जनवरी 2025 में तूर दाल का एमएसपी 7550 रुपये प्रत‍ि क्व‍िंटल था, जबक‍ि क‍िसानों को बाजार में भाव म‍िला 7310.24 रुपये क्व‍िंटल का।

इसी तरह नवंबर 2025 में तुवर यानी अरहर दाल का एमएसपी तो बढ़कर 8000 रुपये प्रत‍ि क्व‍िंटल हो गया, लेक‍िन बाजार भाव घटकर 6209.83 रुपये ही रह गया। जनवरी 2026 में बाजार भाव बढ़कर 7376.42 रुपये प्रत‍ि क्व‍िंटल हुआ, हालांक‍ि यह भी एमएसपी से करीब छह सौ रुपये कम है।

 

मक्का ने द‍िया धक्का

मक्का वह फसल है ज‍िसकी खेती के जर‍िए अन्नदाता को ऊर्जादाता बनने का ख्वाब द‍िखाया गया. क‍िसानों ने मक्के की खेती का व‍िस्तार करके भारत को इस मामले में आत्मन‍िर्भर बना द‍िया. लेक‍िन, उन्हें उसकी कीमत नहीं म‍िली। कागजों में एमएसपी बढ़ती रही लेक‍िन बाजार में दाम नहीं बढ़ा। क्योंक‍ि सरकार ने 2024-25 में करीब 9.7 लाख मीट्र‍िक टन मक्का आयात कर ल‍िया। मार्च 2025 में मक्के का एमएसपी 2225 रुपये प्रत‍ि क्व‍िंटल तय क‍िया गया, लेक‍िन क‍िसानों को बाजार में दाम म‍िला 2176.61 रुपये. जनवरी 2026 में मक्के का एमएसपी बढ़कर 2400 रुपये क्व‍िंटल हो गया, लेक‍िन, असल में क‍िसानों को कीमत म‍िली स‍िर्फ 1664.59 रुपये प्रति क्विंटल।

क‍ितना रहा कॉटन का भाव
कॉटन एक कॅमर्श‍ियल क्रॉप है। ग‍िरते दाम, गुलाबी सुंडी की समस्या, अच्छे बीजों का अभाव और सस्ते आयात ने इसकी खेती करने वाले क‍िसानों का हौसला तोड़ द‍िया है. अगस्त 2024 में कॉटन का एमएसपी 6620 रुपये प्रत‍ि क्व‍िंटल था, जबक‍ि क‍िसानों को बाजार में दाम म‍िला 6046.01 रुपये प्रत‍ि क्व‍िंटल का। जनवरी 2026 में कॉटन का एमएसपी बढ़ाकर 7710 रुपये प्रत‍ि क्व‍िंटल कर द‍िया गया, लेक‍िन क‍िसानों को बाजार में कीमत म‍िली एमएसपी से कम महज 7359.72 रुपये की। नतीजा यह है क‍ि कॉटन की खेती का एर‍िया घट रहा है।

Read Also- खेती को नुकसान से बचाएंगे ये ऐप्स, फसल कब बोएं, कब बेचें बताएंगे उचित तरीका

बाजरा से बर्बादी

बाजरा एक प्रमुख श्रीअन्न यानी मोटा अनाज है। मोटे अनाजों को लेकर 2023 में हमने म‍िलेट ईयर का जश्न मनाया था। इस दौरान बड़ी-बड़ी बातें हुई थीं, लेक‍िन, दाम के मामले में इसकी बड़ी दुर्गत‍ि हो रही है। जनवरी 2025 में बाजरा का एमएसपी 2625 रुपये प्रत‍ि क्व‍िंटल तय क‍िया गया था, जबक‍ि बाजार भाव महज 2344.03 रुपये रहा। जनवरी 2026 में बाजरा का एमएसपी बढ़कर 2775 रुपये प्रत‍ि क्व‍िंटल हो चुका है, ले‍क‍िन असल में क‍िसानों को बाजार में भाव म‍िला महज 2365.65 रुपये प्रत‍ि क्व‍िंटल का। राजस्थान जैसे सबसे बड़े बाजरा उत्पादक सूबे में एक दाने बाजरे की भी सरकारी खरीद नहीं हुई है।

हमने ज‍िनके दाम की दुर्दशा पर बात की है वो सब ऐसी फसलें हैं ज‍िन पर द‍िल्ली दरबार वाले अर्थशास्त्री अक्सर ज्ञान देते रहते हैं क‍ि क‍िसानों को धान-गेहूं छोड़कर दलहन, त‍िलहन और मोटे अनाजों की खेती करनी चाह‍िए। सच तो यह है क‍ि क‍िसान गेहूं-धान छोड़ने को तैयार हैं, लेक‍िन सरकारी तंत्र उसे वह कीमत भी द‍िलाने को तैयार नहीं है, ज‍िसे वो खुद तय करता है, ज‍िसे कैब‍िनेट पास करती है. अगर दलहन, त‍िलहन और मक्के की सही कीमत नहीं म‍िलेगी तो यकीन मान‍िए क‍ि इनकी आयात न‍िर्भरता बढ़ेगी। आज उसकी कीमत क‍िसान चुका रहा है, कुछ समय बाद कंज्यूमर भी चुकाएगा।

Tags: Agri NewsCrop prices downEquipment Reviews and OrganicFalling crop pricesFarmer NewsGovernment SchemesKisan NewsKisan Samacharminimus support PriceMSPprices in the marketएमएसपीकिसानदेश की अर्थव्यवस्थाफसलों के ग‍िरते दाम

Recent Posts

  • ब्रेस्ट साइज और एक्सरसाइज : वर्कआउट से ब्रेस्ट साइज कम होता है या नहीं? फिटनेस एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
  • सायली सुर्वे: कौन हैं मिस इंडिया अर्थ सायली सुर्वे? जानिए उनके पति, परिवार और वापसी की पूरी कहानी
  • Malaika Arora और Sorab Bedi की बढ़ती नज़दीकियां! क्या फिर शुरू हुई नई लव स्टोरी?
  • हॉलीवुड की 10 बोल्ड फिल्में, जिनके हॉट और सेक्सी सीन हुए थे वायरल
  • PM किसान 22 वीं किस्त: किसानों का इंतजार खत्म, इसी हफ्ते इस तिथि पर आएंगे ₹2000, देखें पात्रता और लिस्ट

StackUmbrella – Breaking News, Jobs & Tech

Copyright © 2026 stackumbrella.

Navigate Site

  • About Us
  • Contact Us
  • RSS Feeds
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

Follow Us

No Result
View All Result
  • होम
  • टॉप न्यूज़
    • ऑटोमोबाइल
    • बिज़नेस
    • जॉब वेकेन्सीस
    • वायरल वीडियो
    • गैजेट
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • बिहार
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • एग्रीकल्चर
    • फार्मर्स
  • स्पोर्ट्स
    • IPL 2024
    • IPL 2023
  • मनोरंजन
    • ‎बॉलीवुड
    • हॉलीवुड
  • अन्‍य
    • धार्मिक
    • ट्रेंडिंग
    • हैल्‍थ
    • इन्स्पिरेशन
    • गेमिंग
    • ट्रेवल
  • वेब स्टोरीज
  • इंग्लिश

Copyright © 2026 stackumbrella.