Agri News: बिहार के अररिया जिले के किसान सिर्फ तीन महीनों में लाखों की कमाई करके नौकरी वालों को टक्कर दे रहे हैं। यहां का लाल राजमा पोषक तत्वों से भरपूर दालों वाली फ़सल है। पूरे देश में इसकी बहुत ज़्यादा डिमांड है। राजमा खाना सेहत के लिए फ़ायदेमंद माना जाता है। पिछले कुछ सालों में, रबी के मौसम में मैदानी इलाकों में राजमा की खेती की जा रही है। अगर किसान राजमा की बेहतर किस्मों की खेती करें तो उन्हें काफ़ी फ़ायदा हो सकता है।
बिहार के अररिया में कई किसान पारंपरिक फ़सलों को छोड़कर नई फ़सलें उगाकर अच्छा मुनाफ़ा कमा रहे हैं। राजमा भी किसानों के लिए एक नया और सफल एक्सपेरिमेंट बनकर उभरा है। हम आपको अररिया के रहने वाले ऐसे ही एक किसान से मिलवाने जा रहे हैं, जो अपनी दो एकड़ ज़मीन पर राजमा की खेती करके अच्छी इनकम कर रहे हैं।
कम लागत में फ़ायदेमंद फ़सल
अररिया ज़िले के रानीगंज ब्लॉक के कचहरी बलुआ के किसान महादेव ने बताया कि वे बाज़ार से राजमा के बीज लाते हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने दो एकड़ में राजमा के बीज लगाए हैं। यह फ़सल पारंपरिक फ़सलों से बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि यह कम समय और कम लागत में फ़ायदेमंद फ़सल बन गई है।
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महादेव ने बताया कि उन्होंने 90 दिनों में राजमा की खेती से लगभग 2 लाख रुपये कमाए। उन्होंने बताया कि खेती में प्रति एकड़ 15 हज़ार रुपये का खर्च आता है। यह फ़सल 90 दिनों में तैयार हो जाती है। सोचिए अगर कोई 2 एकड़ से ज़्यादा ज़मीन पर खेती करे, तो उसका मुनाफ़ा काफ़ी ज़्यादा होगा।
कम बारिश में भी मुनाफ़ा
महादेव ने बताया कि कम बारिश के बावजूद, इस फ़सल में कोई दिक्कत नहीं होती। इसे सिर्फ़ दो या तीन सिंचाई की ज़रूरत होती है। आजकल, यह फ़सल काफ़ी पॉपुलर हो रही है, और किसान अब इसे फ़ायदेमंद मान रहे हैं। किसान महादेव ने कहा की इस फ़सल का जादू यह है कि यह कम जगह में और कम समय में अच्छी पैदावार देती है। उन्होंने आगे बताया कि वे पशुपालन और सब्ज़ी की खेती भी करते हैं। इससे उन्हें प्रति सीजन 5-6 लाख रुपये तक की कमाई होती है।

