रोहित शर्मा : भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज खिलाडी रोहित शर्मा जिसे प्यार से चाहिते इन्हें हिटमैन के नाम से बुलाते है ये 17 साल बाद अपने करियर का दूसरा शतक बनाया , विजय हजारे ट्रॉफी में इस से पहले हिटमैन 2008 में लगाया था शतक |
विजय हजारे ट्रॉफी के पहले दिन ही मुंबई बनाम सिक्किम के साथ होने वाले मुकाबले में रोहित शर्मा का शतकीय पारी रहा इस मैच में उन्होंने 18 चौके और 9 छक्के के बदौलत बना डाला 155 रन सिर्फ 94 गेंदों पर |
हिटमैन जड़ा शतक सिर्फ 62 गेंदों में
रोहित शर्मा 7 साल बाद खेल रहे विजय हजारे ट्रॉफी में ठीक पुराने अंदाज में दिखे और बना डाले शतक , इस शतक को पूरा करने के लिए हिटमैन सिर्फ 62 गेंद खेले उसके बाद 91 गेंदों पर बना डाला 150 रन | और 155 रनों की शानदार पारी खेल के मुंबई की जित दिलाई इस प्रकार मुंबई की जित पर रोहित एक शानदार उपहार भेंट दिया क्रिकेट प्रेमियों और अपने फैंस को साथ ही वह उस मैच का प्लेयर ऑफ़ मैच बने |
जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम गूंजा , “रोहित भाई वडा पाव खाओगे क्या? “

जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम गूंजा , “रोहित भाई वडा पाव खाओगे क्या? “
रोहित शर्मा 24 दिसंबर दिन बुधवार को विजय हजारे ट्रॉफी में वापसी की , उसी दौरान मुंबई के फील्डिंग के दौरान जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में गूंजा “रोहित भाई” वडा पाव खाओगे क्या जिसका वीडियो कुछ ही समय में सोशल मिडिया में धूम मनाचे लगा जो देखने योग्य था मजे की बात तब आयी जब रोहित शर्मा ने अपने हाथ को हिलाते हुवे फैंस को मना कर दिया | इस तरह से फैंस का दिल जित लिया और और वह ख़ुशी से झूमने लगा |
94 बॉल 155 रन बना के , खुद का रिकॉर्ड तोडा रोहित
38 वर्षीय रोहित शर्मा विजय हजारे ट्रॉफी में 7 साल बाद काफी शानदार वापसी किया खुद का रिकॉर्ड को तोड़ डाला सिक्किम के खिलाफ 237 रनो का पीछा करते हुवे 8 चौके और 8 छक्कों की मदद से 62 ही गेंदों पर अपना और विजय हजारे ट्रॉफी में दूसरा शतक बनाया , और लिस्ट ए क्रिकेट में उनका सबसे फास्टेस्ट शतक रहा |
इस से पहले रोहित शर्मा 2023 के एक दिवसीय वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान के खिलाफ 63 गेंदों में शतक बनाया था इस प्रकाश विजय हजारे ट्रॉफी में 62 गेंदों पर शतक बना के अपना ही रिकार्ड्स को तोड़ डाला |
रोहित शर्मा का कितना प्रभाव विजय हजारे में

रोहित शर्मा ज्यादातर घरेलू क्रिकेट नहीं खेलते दिखते है पर उनका टीम में वापसी होना यही साबित होता है की कोई खिलाडी कितना भी होनहार , महान खिलाडी क्यों न हो उनका फॉर्म ,लय और फिटनेस बनाये रखने के लिए घरेलू मैच कितना अहम होती है | रोहित का वही लय वही सारा क्लासिकल शार्ट ,वही आक्रमता उनके बल्लेबाजी में दिखाई दिया उन्होंने अपना संयम को बनाये रखे और रन बनाते चले गए |
अंतरराष्ट्रीय कप्तान और अनुभव होने का असर
रोहित शर्मा का असर घरेलू मुकाबलों में काफी असर दिखता है उनका अंतरराष्ट्रीय कप्तान होने का असर साफ साफ दिखता है उनका अनुभव काफी दिखता है जैसे की –
- युवा बल्लेबाजों और युवा गेंदबाजों को समझाना
- दबाव में कैसे समय बिताये युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करना
- ग्राउंड में फील्डर्स लगाना ( फील्ड प्लेसमेंट )
उनका हमेशा से टीम लीड करने का आदत सा लगा रहता है जो युवा खिलाड़ियों को लिए बहुत फायदा होता है युवा बहुत कुछ सीखते है!







