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LPG Price Hike: जून में महंगा हुआ कमर्शियल गैस सिलेंडर, दिल्ली में 42 रुपये बढ़े दाम, जानिए नए रेट

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जून महीने की शुरुआत के साथ ही होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों और छोटे कारोबारियों को एक और महंगाई का झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने 1 जून से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर उन लाखों व्यवसायों पर पड़ सकता है जो रोजमर्रा के कामकाज के लिए एलपीजी पर निर्भर हैं।

हालांकि राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी आम घरेलू उपभोक्ताओं को इस बार बढ़ी हुई कीमतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

देश के बड़े शहरों में 19 KG LPG कमर्शियल सिलेंडर के नए रेट

देश के बड़े शहरों में 19 KG कमर्शियल सिलेंडर के नए रेट

देश के विभिन्न शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें अलग-अलग हैं। मुंबई में 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर 3,024.50 रुपये में मिल रहा है। चेन्नई में इसकी कीमत 3,232 रुपये तक पहुंच चुकी है। वहीं हैदराबाद और पटना में यह क्रमशः 3,294 रुपये और 3,322 रुपये के स्तर पर बिक रहा है। बेंगलुरु में भी कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3,198 रुपये तक पहुंच गई है, जिससे कारोबारियों की लागत लगातार बढ़ रही है।

शहर का नामनई कीमत (1 जून 2026 से लागू)कितनी हुई बढ़ोतरी?
दिल्ली (Delhi)₹ 3,113.50₹ 42.00
कोलकाता (Kolkata)₹ 3,255.50₹ 53.50
मुंबई (Mumbai)₹ 3,024.50
चेन्नई (Chennai)₹ 3,232.00
बेंगलुरु (Bengaluru)₹ 3,198.00
पटना (Patna)₹ 3,322.00
हैदराबाद (Hyderabad)₹ 3,294.00

दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर हुआ महंगा – नई कीमतों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 42 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद इसकी कीमत बढ़कर 3,113.50 रुपये हो गई है। वहीं कोलकाता में यह बढ़ोतरी और अधिक रही है। वहां कमर्शियल सिलेंडर 53.50 रुपये महंगा होकर 3,255.50 रुपये में उपलब्ध होगा।

5 किलो वाले FTL सिलेंडर के दाम भी बढ़े – कमर्शियल उपयोग में आने वाले 5 किलो फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमतों में भी वृद्धि की गई है। दिल्ली में इसकी कीमत 11 रुपये बढ़कर 821.50 रुपये हो गई है।

सालभर में LPG की कीमत कितनी बढ़ी?

अगर जनवरी 2026 से अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। साल की शुरुआत में दिल्ली में 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर करीब 1,691.50 रुपये का था। इसके बाद फरवरी में कीमतों में 49 रुपये की वृद्धि हुई। मार्च में फिर 115 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सबसे बड़ा झटका अप्रैल में लगा, जब कीमतों में लगभग 993 रुपये प्रति सिलेंडर तक की भारी बढ़ोतरी देखने को मिली। मई में कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहीं और अब जून में भी एक और वृद्धि दर्ज की गई है।

जनवरी 2026 (शुरुआती कीमत) –  साल की शुरुआत में दिल्ली में 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर करीब ₹1,691.50 का था।
फरवरी और मार्च की बढ़ोतरी – फरवरी में कीमतों में ₹49 की वृद्धि हुई। इसके ठीक बाद मार्च में फिर ₹115 की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
अप्रैल का ऐतिहासिक झटका – अप्रैल में कीमतों में लगभग ₹993 प्रति सिलेंडर तक की भारी और ऐतिहासिक बढ़ोतरी देखने को मिली।
मई और जून का ताजा झटका – मई में कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहीं और अब 1 जून को फिर से ₹42 की नई बढ़ोतरी कर दी गई है।

CNG और पेट्रोल-डीजल ने भी बढ़ाई चिंता

  • CNG के दाम: दिल्ली और आसपास के इलाकों में सीएनजी की कीमतों में हाल ही में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई थी, जिसके बाद इसका रेट ₹83.09 प्रति किलो पहुंच गया है।

  • पेट्रोल-डीजल: पेट्रोल लगभग 7.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल करीब 7.53 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है।

एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब परिवहन क्षेत्र पहले से ही महंगे ईंधन का दबाव झेल रहा है। हाल ही में दिल्ली और आसपास के इलाकों में सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई थी। इसके बाद सीएनजी का रेट 83.09 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। मई के मध्य से अब तक सीएनजी करीब 6 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है। वहीं पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी हाल के दिनों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। पेट्रोल लगभग 7.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल करीब 7.53 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है।

कारोबारियों पर बढ़ेगा दबाव

कमर्शियल गैस सिलेंडर की लगातार बढ़ती कीमतें होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों, कैटरिंग सेवाओं और छोटे फूड व्यवसायों की परिचालन लागत बढ़ा सकती हैं। यदि आने वाले महीनों में भी यही रुझान जारी रहता है तो इसका असर खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल कारोबारियों को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता आने के बाद कीमतों में कुछ राहत मिल सकेगी।

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