सारा अर्जुन मधुबाला बायोपिक: बॉलीवुड में बायोपिक बनाना मतलब किसी लीजेंड को ट्रिब्यूट देना। बायोपिक बनाना आसान काम नहीं होता, क्योंकि बायोपिक के आधार पर कास्टिंग स्क्रिप्ट इत्यादि भी डिसाइड करना होता है। और इस बार मामला और भी ज्यादा उलझा हुआ लग रहा है। क्योंकि इस बार बायोपिक बन रही है आईकॉनिक अदाकारा मधुबाला पर।
जी हां, काफी लंबे समय से मधुबाला के जीवन पर बायोपिक बनने की खबरें चल रही हैं जिसके लिए एक परफेक्ट अदाकारा भी ढूंढी जा रही थी। कभी इसमें अनीत पड्डा का नाम जुड़ता तो कभी कियारा आडवाणी का, लेकिन अब खबर आ रही है कि मेकर्स द्वारा सारा अर्जुन मधुबाला बायोपिक के लिए फाइनल की जा चुकी हैं।
जैसे ही सोशल मीडिया पर यह खबर आई लोगों ने इसे मिसकास्ट करार दिया। लोग मानने को तैयार ही नहीं है कि मधुबाला के लिए सारा अर्जुन सही कलाकार साबित होंगी। लोगों का कहना है कि सारा अर्जुन में वह जादू, वह नजाकत, वह क्लास नहीं है जो मधुबाला में था और इसी के साथ सोशल मीडिया पर एक बहुत बड़ी बहस छिड़ गई है।
सारा अर्जुन मधुबाला बायोपिक के लिए मिसकास्ट कैसे?
सारा अर्जुन बॉलीवुड के लिए कोई नई कलाकार नहीं हैं। उन्होंने बचपन से ही फिल्मों में काम किया है। केवल हिंदी ही नहीं बल्कि उन्होंने तमिल, तेलगु, कन्नड़ इत्यादि मूवीस में भी काम कर लिया है। और उसके बाद अब उन्हें बड़े प्रोजेक्ट में एंट्री मिल चुकी है जिसकी शुरुआत धुरंधर से हो चुकी है।
धुरंधर फिल्म के लिए 1200 ऑडिशन होने के बाद सारा अर्जुन को चुना गया और सारा अर्जुन के धुरंधर परफॉर्मेंस को देखने के बाद अब संजय लीला भंसाली ने भारत की आईकॉनिक अदाकारा मधुबाला की बायोपिक के लिए सारा अर्जुन को फाइनल कर दिया है।
सारा अर्जुन मधुबाला बायोपिक में काम करेंगी यह खबर सुनकर ही लोग इस सच को पचा नहीं पा रहे, क्योंकि लोगों का मानना है कि उनमें अनुभव की कमी है। सारा अर्जुन मधुबाला की तरह न ही दिखती हैं और ना ही उनमें मधुबाला की तरह कोई नजाकत है। ना उनके हाव भाव वैसे हैं न ही उनकी बनावट वैसी है। ऐसे में यूज़र्स का मानना है कि मेकर्स गलत कास्टिंग कर फिल्म को डुबोने वाले हैं।
मधुबाला का किरदार क्यों है भारतीय सिनेमा के लिए खास
मधुबाला भारतीय सिनेमा जगत की केवल एक अभिनेत्री ही नहीं थी, वह भारतीय सिनेमा का सबसे खूबसूरत और करिश्माई चेहरा भी थी। उनकी फिल्म मुग़ल-ए-आज़म ने उन्हें अमर बना दिया। उनकी मुस्कान, उनकी अदाएं, उनका स्क्रीन प्रेजेंस आज भी अनमैच माना जाता है। मधुबाला की एनर्जी और नजाकत के चर्चे आज भी होते हैं।
इसीलिए तो इतने लंबे समय से मधुबाला बायोपिक पर कोई भी अदाकारा फिट नहीं बैठ रही थी। यहां तक की अनित पद दकियारा आडवाणी जैसी एक्ट्रेसेस को भी दरकिनार किया जा चुका है। ऐसे में जैसे ही मधुबाला के बायोपिक की बात होती है दर्शकों की उम्मीदें ऊंची हो जाती हैं। दर्शकों का कहना है मधुबाला की बायोपिक में वही एक्ट्रेस काम करे जिसमे मधुबाला की तरह जादू हो।

मधुबाला बायोपिक की कहानी क्या होगी?
सारा अर्जुन मधुबाला बायोपिक के लिए लगभग फाइनल हो चुकी हैं। वहीं बात की जाए जब कहानी की तो इसमें मधुबाला के पर्सनल जिंदगी के संघर्ष दिखाए जाएंगे। कहा जा रहा है की फिल्म प्री प्रोडक्शन स्टेज में है और जल्दी शूटिंग शुरू हो जाएगी। इसमें हिंदी सिनेमा के गोल्डन एरा को दिखाया जाएगा। मतलब वह युग जब मधुबाला अपनी अदाओं से अपनी नजाकत से दर्शकों को लुभा रही थी। हालांकि की फिलहाल मेकर्स की तरफ से सारा अर्जुन मधुबाला बायोपिक के लिए फाइनल हो चुकी हैं, ऐसी कोई अधिकारी घोषणा नहीं हुई है। लेकिन कास्टिंग की उड़ती-उड़ती खबरों ने माहौल को गर्म कर दिया है।
जनता की राय और मेकर्स का विजन
फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर ऐसा देखा जाता है कि मेकर्स अपनी राय क्रिएटिव विजन के आधार पर तय करते हैं। क्योंकि जब वह कास्टिंग करते हैं तो वह कई प्रकार के ऑडिशन पुराने परफॉर्मेंस इत्यादि को देखकर किसी भी कलाकार को फाइनल करते हैं। लेकिन जनता भी एक उम्मीद के साथ ही फिल्म देखने जाती है। ऐसे में यहां बात मधुबाला की बायोपिक की है और दर्शक किसी भी क्लासिक इमेज से समझौता नहीं करना चाहते। परंतु मेकर्स शायद कुछ नया एक्सपेरिमेंट करना चाहते हैं।
कुल मिलाकर सारा अर्जुन मधुबाला बायोपिक में कास्ट होने की खबर ने साफ कर दिया है कि यह फिल्म चर्चा से पहले ही विवादों में आ चुकी है। फिल्म प्री प्रोडक्शन में है, हालांकि अदाकारा को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा भी नहीं हुई है। लेकिन फिर भी सोशल मीडिया पर जंग छिड़ गई है। अब सवाल यह है कि यह कास्टिंग सही है या गलत? क्या सारा अर्जुन मधुबाला बायोपिक में अपना 100% दे पाएंगी? क्या वह एक क्लासिक अदाकारा की इमेज को पर्दे पर जीवंत कर पाएंगी?
















