Crypto Risk : डिजिटल निवेश करने वाले लोगों के लिए अब तक Bitcoin और Ethereum सबसे सुरक्षित विकल्प थे। इसी की वजह से पिछले कुछ समय से क्रिप्टो काफी मजबूत चल रहा था। मजबूती ऐसी थी कि क्रिप्टो को हैक करना भी नामुमकिन समझा जाता था। लेकिन अब इस भरोसे को बहुत बड़ा झटका लगने वाला है। Google ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण चेतावनी दी है जिसमें उन्होंने बताया है कि क्वांटम कंप्यूटर क्रिप्टो करेंसी की सुरक्षा की उम्मीद को तोड़ सकते हैं जिससे Crypto Risk बढ़ सकता है।
जी हां गूगल कि नई रिसर्च के मुताबिक अब एंक्रिप्शन सिस्टम को तोड़ना आसान हो जाएगा। इस सिस्टम को तोड़ने के लिए 20 गुना कम संसाधनों की जरूरत पड़ेगी। क्योंकि क्वांटम कंप्यूटर एक्जिस्टेंस में आ जाएगा। यानी जो सिक्योरिटी अब तक भेदी नहीं जा सकती थी, जो क्रिप्टोग्राफी सबसे सुरक्षित मानी जाती थी वह आने वाले दिनों में कमजोर हो जाएगी और यह खबर टेक वर्ल्ड में करोड़ों निवेशकों के लिए बहुत बड़ी निराशा वाली खबर भी बनी है। जिससे माना जा रहा है कि आने वाले समय में Crypto Risk बढ़ जाएगा।
Bitcoin और Ethereum का खतरा और Crypto Risk की सच्चाई
क्रिप्टो करेंसी जैसे कि बिटकॉइन एथेरियम ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी पर आधारित होते हैं। उनकी सुरक्षा क्रिप्टोग्राफी के जरिए की जाती है। क्रिप्टोग्राफी का एल्गोरिथम बहुत ज्यादा कठिन होता है जिसे सामान्य कंप्यूटर तोड़ नहीं सकता। लेकिन क्वांटम कंप्यूटर इस सामान्य कंप्यूटर से बहुत तेज और विकसित होता है। क्वांटम कंप्यूटर में क्यूबिट का इस्तेमाल किया जाता है जिसके चलते वह एक साथ कई सारी गणितीय गणना कर सकता है। यही वजह है कि वह जटिल क्रिप्टोग्राफी को भी फटाफट हल कर देगा। गूगल की एक रिसर्च में बताया गया है कि क्वांटम कंप्यूटर इस क्रिप्टोकरंसी के इंक्रिप्शन को मिनटों में तोड़ सकता है जिससे कि क्रिप्टो वॉलेट और ट्रांजैक्शन खतरे में आ सकते हैं।
गूगल की यह चेतावनी कितना बड़ा खतरा दिखा रही है?
एक रिपोर्ट की माने तो अगर शक्तिशाली क्वांटम कंप्यूटर तैयार हो जाता है तो वह कुछ ही मिनट में एल्गोरिदम को तोड़ सकता है, वॉलेट खाली कर सकता है, ट्रांजैक्शन के दौरान पैसे चोरी कर सकता है, करोड़ों के बिटकॉइन को खतरे में डाल सकता है। एक्सपर्ट की माने तो 30% तक बिटकॉइन ऐसे वॉलेट में है जहां पब्लिक की जानकारी एक्सपोज हो चुकी है। ऐसे में जिनकी जानकारी बाहर आ चुकी है उनके क्रिप्टोकरंसी को खाली करना काफी आसान हो जाएगा।
कब तक आ सकता है यह खतरा?
गूगल और अन्य टेक एक्सपर्ट्स की माने तो तो जिस दिन क्वांटम कंप्यूटर एंक्रिप्शन तोड़ देगा उसे Q-Day कहा जाएगा और यह Q-Day 2019 के आसपास आ सकता है। हालांकि वर्तमान में ऐसा कोई कंप्यूटर नहीं है जो क्रिप्टो करेंसी के एल्गोरिथम को तोड़ सके। लेकिन जिस हिसाब से टेक्नोलॉजी आगे बढ़ रही है यह Crypto Risk भी बढ़ता जा रहा है।
तो क्या क्रिप्टोकरंसी और बिटकॉइन निवेशक को डरना चाहिए?
- हालांकि इस Crypto Risk से निपटने के लिए गूगल पोस्ट क्वांटम क्रिप्टोग्राफी (PQC) को अपनाने की बात कर रहा है।
- मतलब नए इंक्लूजन सिस्टम बनाना जो क्वांटम कंप्यूटर भी ना तोड़ सके
- नए ब्लॉकचेन नेटवर्क तैयार करना
- ब्लॉकचेन नेटवर्क को अपग्रेड करना
- सिक्योरिटी सिस्टम को पहले से ज्यादा मजबूत बनाना
- बिटकॉइन और एथेरियम की कम्युनिटी पहले से ही इस दिशा में काम करना शुरू कर चुकी है।
- लेकिन यह काम काफी कठिन है और बदलाव आसान नहीं इसमें और कुछ समय लग सकता है।
तो अब निवेशकों को क्या करना होगा? क्या क्रिप्टो खत्म हो जाएगा?
हालांकि अगर समय रहते सुरक्षा अपग्रेड नहीं हुई तो निवेशक खतरे में पड़ सकते हैं। वही क्रिप्टो मार्केट में इस खबर की वजह से डर और अस्थिरता बढ़ चुकी है। क्वांटम सेफ क्रिप्टो टेक्नोलॉजी नए निवेश के अवसर बढ़ा सकती है। लेकिन अगर समय पर इसका समाधान नहीं निकला तो शायद हो सकता है कि क्रिप्टो खतरे में आ जाए। जिसकी वजह से बिटकॉइन और एथेरियम के निवेशकों को करोड़ों का नुकसान हो सकता है।
कुल मआकर हर बार नई टेक्नोलॉजी के साथ नये खाते जरूर आते हैं और उसके समाधान भी निकाल लिए जाते हैं। इंटरनेट भी इससे पहले हैकिंग से जूझ चुका है। बैंकिंग सिस्टम भी साइबर अटैक झेल चुके हैं और हर बार सिस्टम मजबूत बनता है। शायद क्रिप्टो के साथ भी वही होगा। आने वाले समय में क्वांटम कंप्यूटिंग के बाद क्रिप्टो कंपनियां Crypto Risk से निपटने के लिए नई तकनीक अपनाएंगी और नई टेक्नोलॉजी से क्रिप्टोकरंसी को सुरक्षा दी जाएगी तब तक निवेशकों से विचलित न होने का निवेदन किया जा रहा है।

















