नासिक में गिरफ्तार हुए स्वघोषित बाबा अशोक खरत का मामला अब सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसमें राजनीतिक रंग भी सामने आ गया है। महाराष्ट्र महिला आयोग की प्रमुख रूपाली चाकणकर की भूमिका भी इस मामले में जांच के दायरे में आ चुकी है।
मामला राजनीति की ओर मोड़ ले रहा है

जांच एजेंसियां अब यह देख रही हैं कि कहीं राजनीतिक दबाव के चलते आरोपी तक कानून का प्रभाव कम तो नहीं हुआ। विशेष जांच दल (SIT) ने महिला आयोग की संलिप्तता पर भी सवाल उठाए हैं, जिससे यह मामला अब सरकार के लिए राजनीतिक चुनौती बन गया है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं और संस्थागत जवाबदेही पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
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SIT की जांच में क्या सामने आया

SIT के अनुसार, महिला आयोग ने पुलिस को कई नोटिस भेजे और सुनवाई निर्धारित की, जबकि जांच पहले ही चल रही थी। अब इस बात की समीक्षा की जा रही है कि क्या इन कार्रवाइयों से जांच की दिशा प्रभावित हुई।
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रूपाली चाकणकर विवाद की शुरुआत

मामला फरवरी में शिर्डी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक बलात्कार मामले से शुरू हुआ, जिसमें एक महिला ने अशोक खरत पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। शिकायत के बाद महिला आयोग ने स्वंय संज्ञान लिया और पुलिस को नोटिस भेजते हुए शिकायतकर्ता को 17 मार्च को पेश होने के लिए कहा। हालांकि, उस समय SIT पहले ही मामले की जांच कर रही थी। SIT ने यह भी पाया कि आयोग ने 5 और 9 मार्च को अतिरिक्त संचार भेजा था, जिससे कार्यप्रणाली और अधिकार क्षेत्र पर सवाल खड़े हुए।
Rupali Chakankar पर लगे आरोप
रूपाली चाकणकर पर सीधे किसी अपराध का आरोप नहीं है। लेकिन यह सवाल उठ रहे हैं कि आयोग ने SIT की जांच के दौरान अपनी सीमाओं से बाहर जाकर हस्तक्षेप तो नहीं किया। जांच एजेंसियां यह देख रही हैं कि क्या इस हस्तक्षेप से आरोपी को किसी तरह का अप्रत्यक्ष लाभ मिला।
रूपाली चाकणकर का राजनीतिक और व्यक्तिगत प्रोफ़ाइल
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इस मामले ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा और रूपाली चाकणकर ने इस संवेदनशील मामले के चलते अपना इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो।
रूपाली चाकणकर कौन हैं?
Rupali Chakankar का जन्म 31 मई 1982 को हडपसर, पुणे में हुआ। उन्होंने MBA की डिग्री हासिल की और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहीं। राजनीति में उनकी सक्रियता 2019 से शुरू हुई।
- माता का नाम: पार्वती बोरटे
- पिता का नाम: बबनराव बोरटे
- पति: निलेश चाकणकर (व्यवसायी)
- एक पुत्र है
- महिला आयोग की अध्यक्ष नियुक्ति: अक्टूबर 2021 और फिर अक्टूबर 2024 में
- NCP के महाराष्ट्र महिला मोर्चा की अध्यक्ष
रूपाली चाकणकर ka राजनीतिक सफर
रूपाली चाकणकर राजनीति में सीधे पारिवारिक पृष्ठभूमि से नहीं आईं। उनके ससुराल की राजनीतिक पृष्ठभूमि ने उन्हें राजनीति से जोड़ा। 2002 में उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों में काम किया और फिर खडकवासला विधानसभा क्षेत्र इकाई की अध्यक्ष नियुक्त हुई। यही उनके राजनीतिक सफर की असली शुरुआत मानी जाती है।
SIT की आगामी जांच

SIT अब यह जांच रही है कि जांच पर किसी तरह का दबाव या प्रभाव तो नहीं डाला गया। अगर ऐसा पाया गया, तो यह मामला केवल व्यक्तिगत जवाबदेही से आगे जाकर संस्थागत ईमानदारी पर सवाल उठाएगा।
Disclaimer: यह जानकारी विभिन्न समाचार स्रोतों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की गई है। इसमें वर्णित घटनाएं जांच के अधीन हैं और अंतिम सत्यापन संबंधित जांच एजेंसियों द्वारा ही किया जाएगा। इस सामग्री का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है, न कि किसी व्यक्ति या संस्था के बारे में अंतिम निष्कर्ष देना। पाठकों से अनुरोध है कि वे किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक बयान और विश्वसनीय स्रोतों की पुष्टि अवश्य करें।



















