Mutual Fund Voluntary Lock : तेजी से बढ़ते म्युचुअल फंड निवेश और निवेशकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया (SEBI) ने हाल ही में निवेशकों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। म्युचुअल फंड निवेशक अब अपने फोलियो को वॉलंटरी लॉक या डेबिट फ्रीज़ कर सकते हैं। जी हां, इस नई सुविधा का उपयोग कर निवेशक अपने पैसे की बिना अथॉरिटी निकासी, धोखाधड़ी या साइबर फ्रॉड से सुरक्षा कर सकते हैं।
यह सुविधा पूरी तरह से वैकल्पिक होगी। मतलब निवेशक चाहे तो इसे एक्टिव करें और जरूरत पड़ने पर इसे हटाकर फिर से सामान्य लेनदेन शुरू कर दें। SEBI द्वारा इस महत्वपूर्ण सुविधा को शुरू करने का उद्देश्य ही म्युचुअल फंड निवेशकों की सुरक्षा बढ़ाना है। यह नया नियम 30 अप्रैल 2026 से लागू माना जाएगा और म्युचुअल फंड हाउस और निवेश प्लेटफार्म निवेशकों को यह सुविधा उपलब्ध कराएंगे।
क्या है SEBI Mutual Fund Voluntary Lock
SEBI की नई वॉलंटरी लॉक सुविधा के चलते अब म्युचुअल फंड निवेशक अपने म्युचुअल फंड फोलियो को लॉक/ डेबिट फ्रीज कर सकेंगे। मतलब जब तक उनका यह फंड लॉक रहेगा उनके खाते से रिडेंप्शन नहीं की जा सकेगी। अब फोलियो लॉक स्थिति में कोई भी प्रकार की निकासी नहीं होगी। हालांकि निवेशक अपनी मर्जी से इस फोलियो में नई राशि जोड़ सकते हैं। यह लंबे समय के निवेशकों के लिए बेहतरीन सुविधा होगी, ताकि कोई भी उनकी अनुमति के बिना उनके खाते से लेनदेन ना कर सके। इससे रिटर्न भी मिलता रहेगा और डिजिटल निवेश में सुरक्षा कवच भी बना रहेगा।

Mutual Fund Voluntary Lock सुविधा का फायदा निवेशकों को कैसे मिलेगा
- Mutual Fund Voluntary Lock सुविधा का फायदा निवेशकों को धोखाधड़ी से बचाएगा।
- मतलब किसी कारण से आपके खाते की जानकारी लीक हो जाए और कोई व्यक्ति बिना अथॉरिटी के आपके खाते से लेनदेन करें तो फोलियो लॉक होने की वजह से वह पैसा नहीं निकल पाएगा।
- अब निवेशक का अपने फोलियो पर पूरा नियंत्रण होगा।
- जब मर्जी चाहे वह पैसा निकाल सकते हैं और जब मर्जी इसे लॉक रख सकते हैं।
- इस नई सुविधा से निवेशकों का भरोसा अब म्युचुअल फंड हाउस पर बढ़ जाएगा।
- ऑनलाइन जोखिम से पैसे और फंड सुरक्षित रहेंगे, खासकर लंबे अवधि के निवेशकों को इस सुविधा का पूरा फायदा मिलेगा।
म्युचुअल फंड फोलियो को लॉक कैसे करें?
- म्युचुअल फंड फोलियो को लॉक करने के लिए सबसे पहले म्युचुअल फंड कंपनी जिसमें आपने निवेश किया उसकी वेबसाइट या मोबाइल ऐप में लॉगिन करें।
- इसके बाद फोलियो सर्विस, इन्वेस्टर सर्विस या सिक्योरिटी ऑप्शन पर क्लिक करें।
- यहां क्लिक करने के बाद डेबिट फ्रिज या लॉक फोलियो का विकल्प दिखाई देगा इसे क्लिक कर दें।
- इसे क्लिक करने के बाद मोबाइल नंबर या ईमेल पर OTP आएगा।
- OTP डालकर अपने फोलियो को लॉक कर लें।
म्युचुअल फंड फोलियो को अनलॉक कैसे करें?
- म्युचुअल फंड फोलियो को अनलॉक करने के लिए AMC वेबसाइट या एप में लॉगिन करें।
- डेबिट फ्रिज/ अनलॉक फोलियो के विकल्प पर क्लिक करें।
- OTP वेरीफाई करें, फोलियो अनलॉक हो जाएगा।
- अब आप बिना रोक-टोक रिडेंप्शन स्विच या ट्रांजैक्शन कर सकते हैं।
म्युचुअल फंड निवेशकों के लिए यह पहल काफी अहम होने वाली है। वॉलंटरी लॉक इन और डेबिट फ्रीज़ की सुविधा से निवेशक अब अपने फोलियो पर पूरा नियंत्रण रख पाएंगे। Mutual Fund Voluntary Lock से धोखाधड़ी जैसे मामलों में सुरक्षा मिलेगी। SEBI की यह नई पहल अब निवेशकों का भरोसा पहले से और ज्यादा मजबूत करेगी।













