जी रामजी के लिए 10,428 करोड़, विधायक निधि नहीं बढ़ने पर हंगामा
कृषि, शिक्षा, खेल से लेकर लाड़ली योजनाओं पर फोकस
भोपाल। MP Budget 2026: मध्य प्रदेश विधानसभा में बुधवार को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट पेश किया। डॉ. मोहन यादव सरकार का ये तीसरा और बतौर वित्त मंत्री देवड़ा का सातवां बजट है। देवड़ा ने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य हर हाथ को काम देना है। 1 लाख किसानों को सोलर पंप देने की घोषणा की। वित्त मंत्री ने कहा कि ये पीएम के सपने को साकार करने वाला बजट है। हर नारी को न्याय हमारी सरकार का उद्देश्य है। हम देश के तीसरे युवा प्रदेश हैं। युवाओं के हाथ को काम मिले ये हमारा संकल्प है। लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार 882 करोड रुपए का प्रावधान है। प्रदेश में कोई नया टैक्स नहीं लगेगा।
मध्य प्रदेश बजट 2026 में किसान, महिला, मजदूर, युवा और जनजातीय वर्ग पर फोकस रहा। किसानों को सोलर पंप, महिलाओं को लाड़ली योजनाओं में बड़ी राशि, श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, छात्रों को छात्रवृत्ति और गांवों को विकास बजट मिला।
सदन में कांग्रेस विधायकों ने किया हंगामा
वहीं सदन में कांग्रेस विधायकों ने फिर हंगामा शुरू किया। विधानसभा अध्यक्ष के समझाने के बाद भी हंगामा जारी रहा। कांग्रेस विधायकोंने विधायक निधि बढ़ोतरी नहीं किए जाने के कारण बजट भाषण के दौरान हंगामा किया। बजट भाषण पर सवाल उठाए। दूसरी ओर वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा बजट भाषण पढ़ रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विधायकों को शांत होकर अपनी सीट पर बैठने के निर्देश दिए।
वहीं कांग्रेस विधायक सरकार पर कर्ज के विरोध में खाली डिब्बे और गुल्लक लेकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कहा कि राज्य का कर्ज लगातार बढ़ रहा है। विरोध के दौरान कांग्रेस नेताओं ने तख्तियां पकड़ी हुई थीं, जिन पर लिखा था कि कर्ज बजट से ज्यादा है, फिर आप कहते हैं कि सब ठीक है।
कांग्रेस विधायकों का हंगामा, गर्भ गृह में आकर खड़े हो गए
कांग्रेस के MLA फिर से सदन में हंगामा करने लगे। स्पीकर के समझाने के बाद भी हंगामा जारी रहा। इस बीच, फाइनेंस मिनिस्टर जगदीश देवड़ा बजट स्पीच पढ़ रहे हैं। स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस विधायकों को शांत होने और अपनी सीटों पर जाने को कहा। हंगामा कर रहे सभी कांग्रेस MLA गर्भ गृह पर खड़े हो गए।
महिला सशक्तिकरण और नारी कल्याण को सौगात
इस बजट में महिला सशक्तिकरण और नारी कल्याण को केंद्र में रखा गया है। बजट में महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 8,801 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। पुलिसकर्मियों के लिए 11000 नए आवास बनाए गए हैं। 1 अप्रैल 2026 से परिवार पेंशन के अंतर्गत तलाक शुदा पुत्री को भी परिवार पेंशन देने का फैसला लिया गया है।
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वित्त मंत्री ने कहा- मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 50 करोड़
वित्त मंत्री ने कहा- धार्मिक और सामाजिक योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद लोगों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ मिल सके। वहीं, धर्म और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए सरकार ने 2 हजार 55 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है।
पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए डिजिटल वर्किंग को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। इसके तहत अब तक 14 लाख से अधिक ई-समन और वारंट जारी किए जा चुके हैं। साथ ही, पुलिसकर्मियों को डिजिटल सिस्टम से जोड़ने के लिए 25 हजार टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता लाई जा सकेगी।
राज्य सरकार ने आगामी सिंहस्थ आयोजन की तैयारियों के लिए अब तक 13 हजार 851 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास और निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी है। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 के बजट में सिंहस्थ के लिए 3 हजार 60 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान प्रस्तावित किया गया है, जिससे अधोसंरचना, यातायात, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा। वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश से नक्सल समस्या खत्म हो गई है।
श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ रुपए का बजट
राज्य सरकार ने श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान प्रस्तावित किया है। इस राशि का उपयोग श्रमिक कल्याण योजनाओं, रोजगार से जुड़ी सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किया जाएगा, ताकि असंगठित और संगठित क्षेत्र के कामगारों को सीधा लाभ मिल सके।
वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक 4 करोड़ 61 लाख से अधिक खाते खोले जा चुके हैं। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा गया है और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे मिल रहा है।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत भी बड़ी संख्या में लोग पंजीकृत हुए हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3 करोड़ 64 लाख लोगों ने पंजीयन कराया है, जबकि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना में 1 करोड़ 54 लाख से अधिक लोग शामिल हुए हैं। वहीं, बुजुर्गों को सुरक्षित भविष्य देने के उद्देश्य से अटल पेंशन योजना में अब तक 46 लाख लोगों ने पंजीयन कराया है, जिससे उन्हें नियमित पेंशन का लाभ मिल सकेगा।
पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ का प्रावधान
देवड़ा नेकहा- कृषि वानिकी योजना शुरू की जाएगी इससे सरकार आमदनी बढ़ाने का काम करेगी। वन पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
पीएम आवास के लिए 6 हजार 850 करोड़ का प्रावधान
वित्त मंत्री ने कहा- 6 हजार 850 करोड़ पीएम आवास के लिए प्रावधान है। पीएम जनमन के लिए 900 करोड़, जी रामजी के लिए 10428 करोड़ के प्रावधान किए गए हैं। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40062 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है।
8वीं तक के छात्रों को टेट्रा पैक में दूध मिलेगा
देवड़ा ने कहा- अलग-अलग महिला कल्याण योजनाओं के लिए कुल 1,27,555 करोड़ दिए गए हैं। हेल्थ सेक्टर के लिए 23,747 करोड़ दिए गए हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और उज्जैन में 472 ई-बसें शुरू की गई हैं। 8वीं तक के छात्रों को टेट्रा पैक में दूध मिलेगा।
2 साल में 33 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि 2 साल में 33 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। 19300 एकड़ जमीन पर इंडस्ट्रियल और आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं। 7 लाख 95 हजार स्टूडेंट्स को आर्थिक सहायता राशि का प्रावधान। उद्यम क्रांति योजना में 16,451 युवाओं को लोन दिया गया है।
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छात्रवृत्ति योजना के लिए 1800 करोड़ का प्रावधान
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 में 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभांवित किया गया। 14 लाख 12 हजार को छात्रवृत्ति दी गई। इसके लिए 1800 करोड़ का प्रावधान है।
खेल के लिए 815 करोड़ रूपए का प्रावधान
मंत्री देवड़ा ने कहा- युवाओं की खेल योजनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्टेडियम निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में चार स्टेडियमों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही खेल गतिविधियों के लिए 815 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
सड़कों की मरम्मत के लिए 12,690 करोड़
फाइनेंस मिनिस्टर देवड़ा ने कहा- मुख्यमंत्री माजरा टोला के तहत 20,900 किलोमीटर सड़क बनाने का स्टेटस दिया गया है। सड़क रिपेयर के लिए ₹12,690 करोड़ का प्रोविजन किया गया है। युवा परिवारों के मेट्रोपॉलिटन एरिया में बढ़ते माइग्रेशन के असर को कम करने के लिए “संध्या छाया” प्रोग्राम शुरू किया गया है।
कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में किया हंगामा
बजट पेश करने के दौरान कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में हंगामा और नारेबाजी की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विधायकों को शांत होकर अपनी सीट पर बैठने के निर्देश दिए।
7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।
वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सरदार पटेल कोचिंग योजना के अंतर्गत 4 हजार विद्यार्थियों को लाभ देने का लक्ष्य तय किया गया है। सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए भी बड़े स्तर पर बजट का प्रावधान किया गया है।
पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, घुमक्कड़ एवं अर्ध-घुमक्कड़ समुदायों के विकास के लिए 1,651 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कनेक्टिविटी सुधार पर विशेष जोर दिया गया है, जिसके तहत 21,630 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी गई है।
11,277 गांवों के लिए 793 करोड़ रुपए का बजट
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- जनजातीय क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने 11,277 गांवों के लिए 793 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है। इसका उद्देश्य इन इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
इसके साथ ही पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों के लिए संचालित छात्रावासों को आदर्श छात्रावास के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर आवास और पढ़ाई का माहौल मिल सके।
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के लिए
- जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास के लिए 793 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।
- पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों के छात्रावासों को आदर्श छात्रावास के रूप में विकसित किया जा रहा है।
- पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को लाभ दिया गया है।
- सरदार पटेल कोचिंग योजना के अंतर्गत 4 हजार विद्यार्थियों को लाभांवित करने का लक्ष्य तय किया गया है।
- पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण, घुमक्कड़ एवं अर्ध-घुमक्कड़ वर्गों के उत्थान के लिए 1,651 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।
- ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी के लिए 21,630 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी।
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कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट
सीएम युवा शक्ति योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्र में सर्व सुलभ स्टेडियम बनाए जाने की व्यवस्था की जा रही है. कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट तय किया गया है। लाड़ली लक्ष्मी योजना में 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभान्वित किया गया है।
श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया है। इस बजट का उद्देश्य मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक राज्य में 4 करोड़ 61 लाख से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं। इससे बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है।
वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अब तक 3 करोड़ 64 लाख लोगों का पंजीयन हो चुका है। इस योजना के तहत दुर्घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा दी जाती है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से भी बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। इस योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोगों ने पंजीयन कराया है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है।
किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे
3000 करोड़ रुपए की लागत से किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। किसान परिवारों को किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष कुल 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं।
भावांतर योजना की सफलता से प्रभावित होकर अन्य राज्यों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। कृषक उन्नति योजना की घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत किसानों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। वहीं, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लिए 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पंजीकृत किया गया है।

