पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर संजय मांजरेकर के बयान पर एक बार फिर विराट कोहली के भाई विकास कोहली ने तीखा पलटवार किया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब मांजरेकर ने विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने और केवल वनडे क्रिकेट खेलने के फैसले पर निराशा जताई थी।
वनडे को बताया गया “सबसे आसान फॉर्मेट”
संजय मांजरेकर ने अपने बयान में कहा था कि वनडे क्रिकेट टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज़ों के लिए सबसे आसान फॉर्मेट है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात से ज्यादा निराशा है कि विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट छोड़कर वनडे खेलने को चुना। मांजरेकर के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर काफी बहस देखने को मिली, और अब इस पर विराट कोहली के भाई विकास कोहली ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है।
सोशल मीडिया पर विकास कोहली का करारा जवाब
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ विराट कोहली की शानदार सेंचुरी के बाद विकास कोहली ने अपने आधिकारिक Threads अकाउंट पर मांजरेकर पर निशाना साधते हुए लिखा: “मुझे जानना है कि क्रिकेट के एक्सपर्ट साहब के हिसाब से क्रिकेट का सबसे आसान फॉर्मेट कौन सा है। मैदान में उतरकर करना पड़ता है। वैसे भी, जैसा मैंने कहा था – कहना आसान है, करना नहीं।” हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर संजय मांजरेकर का नाम नहीं लिया, लेकिन इशारा पूरी तरह साफ था।
पहले भी कर चुके हैं टिप्पणी
यह पहली बार नहीं है जब विकास कोहली ने मांजरेकर की आलोचना की हो। कुछ दिन पहले भी उन्होंने एक पोस्ट में लिखा था: “इतना आसान फॉर्मेट है ना… किसी ने कुछ दिन पहले ज्ञान दिया था… कहना आसान है, करना नहीं।” इससे साफ है कि मांजरेकर के बयान से कोहली परिवार खासा नाराज़ है।
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ विराट की शानदार पारी
रविवार को खेले गए मुकाबले में विराट कोहली ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 108 गेंदों में 124 रन की शानदार पारी खेली। हालांकि उनकी इस बेहतरीन बल्लेबाज़ी के बावजूद टीम इंडिया 337 रन का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई। इस मैच में रोहित शर्मा, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर जैसे शीर्ष क्रम के बल्लेबाज़ बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे।
वनडे में विराट का शानदार फॉर्म
यह विराट कोहली की पिछले 9 लिस्ट-A मैचों में चौथी सेंचुरी थी, जो यह दिखाती है कि वह वनडे क्रिकेट में अभी भी शानदार फॉर्म में हैं और बड़े मैचों में टीम के लिए जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
संजय मांजरेकर ने क्या कहा था?
संजय मांजरेकर ने विराट कोहली के टेस्ट करियर को लेकर कहा था: “पांच साल तक टेस्ट क्रिकेट में विराट संघर्ष करते रहे और उनका औसत 31 रहा। मुझे लगता है कि उन्होंने उन समस्याओं को समझने और सुधारने की पूरी कोशिश नहीं की।”
उन्होंने आगे कहा:“अगर विराट ने पूरी तरह क्रिकेट से संन्यास लिया होता तो समझ में आता, लेकिन केवल वनडे खेलने का फैसला मुझे ज्यादा निराश करता है, क्योंकि यह फॉर्मेट टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज़ों के लिए सबसे आसान है।”
एक तरफ विराट कोहली मैदान पर अपने प्रदर्शन से जवाब दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके भाई विकास कोहली सोशल मीडिया के ज़रिए उनका बचाव कर रहे हैं। यह विवाद भले ही बयानबाज़ी तक सीमित हो, लेकिन विराट की बल्लेबाज़ी यह साबित कर रही है कि क्रिकेट किसी भी फॉर्मेट में आसान नहीं होता।
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