हड्डी और जोड़ों की समस्याएँ जाड़े के आना के साथ बहुत से लोग हड्डी और जोड़ों के दर्द, अकड़न और चलने फिरने में परेशानी का अनुभव करने लगते हैं। विशेषकर बुजुर्ग पुरुष और महिलाएं जो पहले से किसी हड्डी या जोड़ की समस्या से जूझ रहे हैं उनमें ठंडी हवा और कम तापमान से मांसपेशियों और जोड़ों में अकड़न काफी हद तक बढ़ जाता है।
दर्द बढ़ने से रोजमर्रा के काम करना भी कठिन हो जाता है। इस मौसम में घुटनों का दर्द बहुत ही सुनने को मिलता है। ऑस्टियोआर्थराइटिस के मरीजों को सर्दियों के मौसम में ज्यादा कठिनाई होती है। रात बीतते ही परेशानी बढती है और सुबह उठते समय तो घुटनों में अकड़न के कारण जमीन पर पैर रखना भी मुश्किल हो जाता है।
हड्डी और जोड़ों की समस्याएँ के कारण
काफी देर तक एक ही मुद्रा में बैठना। सर्दी से मांसपेशियों का सख्त हो जाना और शारीरिक गतिविधि कम हो जाना एक सामान्य समस्या है। इन सब कारणों से कमर में जकड़न और दर्द महसूस होता है। कंधे और गर्दन का दर्द भी कई लोगों से सुनने को मिलता है। ठंड में लोग शरीर को सिकुड़ कर रखते हैं। इससे गर्दन और कंधों की नसों पर दबाव पड़ता है। कई बार हाथ को उठाने में भी बहुत दर्द महसूस होता है।
हड्डी और जोड़ों बीमारी से बचने के निजात उपाय
खान पान में बदलाव
इन बीमारियों को कम करने के लिए दवा के अलावा भी कई अन्य घरेलू पर सरल उपाय हैं। सबसे पहले खान पान पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। सर्दियों में गर्म और पौष्टिक भोजन शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है। दूध दही और छाछ हड्डियों के लिए अच्छे होते हैं। इनमें कैल्शियम होता है जो हड्डियों को ताकत देता है।
तिल, गुड़ और मूंगफली भी सर्दियों में लाभकारी होते हैं। ये शरीर को गर्म रखते हैं और जोड़ों में चिकनाई बनाए रखते हैं। हरी सब्जियां जैसे पालक मेथी और सरसों का साग भी फायदेमंद है। इनमें विटामिन और खनिज होते हैं। फल जैसे संतरा अमरूद और सेब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। पानी पीना सर्दियों में भी उतना ही जरूरी है। कम पानी पीने से जोड़ों में जकड़न बढ़ सकती है।
व्यायाम को अपनाना
व्यायाम सर्दियों में बहुत जरूरी है। हल्की फुल्की कसरत रोज करनी चाहिए। सुबह की धूप में टहलना बहुत लाभ देता है। धूप से शरीर को विटामिन डी मिलता है। यह हड्डियों के लिए बहुत जरूरी है। घुटनों के लिए सरल व्यायाम सीधे लेटकर पैर उठाना, कुर्सी पर बैठकर पैर सीधा करना और धीरे धीरे चलना जैसे व्यायाम दर्द कम करने में मदद करते हैं।
योग भी बहुत लाभकारी है। जैसे भुजंगासन, वज्रासन, तड़ासन और पवन मुक्तासन से जोड़ों की लचीलापन बढ़ता है। योग करते समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। ठंड से बचाव भी जरूरी है।
सर्दियों में हड्डी और जोड़ों को मजबूत रखने के उपाय
जोड़ों को हमेशा ढक कर रखें। घुटनों और कमर पर गर्म कपड़े पहनें। रात को हल्की गर्म सिकाई करने से दर्द में आराम मिलता है। तेल मालिश भी एक पुराना और कारगर उपाय है। सरसों का तेल या तिल का तेल हल्का गर्म करके मालिश करें। इससे रक्त संचार बढ़ता है और अकड़न कम होती है।
सर्दियों में शरीर को सक्रिय रखना बहुत जरूरी है। पूरा दिन एक ही जगह बैठे रहना नुकसान दायक है। थोड़ा चलना, हल्का काम करना और सही मुद्रा में बैठना इन आदतों से हड्डियों की समस्या कम हो सकती है।
अंत में यह कहना सही होगा कि सर्दियों में हड्डी और जोड़ों की समस्याएं आम हैं। लेकिन सही खान पान नियमित व्यायाम, योग और जीवनशैली में छोटे बदलाव से बिना दवा के भी काफी राहत मिल सकती है। धैर्य और नियमितता ही सबसे बड़ी कुंजी है।
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